Discover posts

Explore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations

1 y - Translate

ये पिछले साल 31 दिसंबर की तस्वीरें हैं। साल के आखिरी दिन अपने स्कूल के दिनों यानि कि साल 1980 के दशक को जीने का मौका मिला था। उस रोज़ मैंने साल का आखिरी दिन अपने स्कूल में बिताया था जहां से निकल कर आपके बीच पहुंचने तक का सफर तय किया। अपने जूनियर्स, सीनियर्स, अध्यापकों से लंबे समय के बाद मिला। अपने पुराने क्लास रूम में गया। सच कहूं तो मुझ जैसे एक बैक बेंचर को उसके पुराने दिन याद आ गए थे।
वो भी क्या दिन थे!!
वो दिन अब ऐसे ही महसूस होंगे, यादों में।
आप बड़े होने के बाद कभी अपने स्कूल लौटे हैं? कोई तस्वीर हो तो साझा करिए।
आइए, पुरानी यादों की शॉल ओढ़ाकर नए साल का स्वागत करते हैं।

image
1 y - Translate

ये पिछले साल 31 दिसंबर की तस्वीरें हैं। साल के आखिरी दिन अपने स्कूल के दिनों यानि कि साल 1980 के दशक को जीने का मौका मिला था। उस रोज़ मैंने साल का आखिरी दिन अपने स्कूल में बिताया था जहां से निकल कर आपके बीच पहुंचने तक का सफर तय किया। अपने जूनियर्स, सीनियर्स, अध्यापकों से लंबे समय के बाद मिला। अपने पुराने क्लास रूम में गया। सच कहूं तो मुझ जैसे एक बैक बेंचर को उसके पुराने दिन याद आ गए थे।
वो भी क्या दिन थे!!
वो दिन अब ऐसे ही महसूस होंगे, यादों में।
आप बड़े होने के बाद कभी अपने स्कूल लौटे हैं? कोई तस्वीर हो तो साझा करिए।
आइए, पुरानी यादों की शॉल ओढ़ाकर नए साल का स्वागत करते हैं।

imageimage

image

image

image

image

image

image

image
1 y - Translate

हरियाणा के करनाल के रहने वाले रामविलास सिंह ने अपनी छत को हरियाली की वादी में बदल दिया है। उनके टेरेस गार्डन में 4 हज़ार गमलों में देशी-विदेशी फल, सब्जियां और फूल खिलते हैं। खास बात यह है कि वह केमिकल-मुक्त जैविक तरीके से पौधे उगाते हैं।
25 साल पहले 8 गमलों से गार्डनिंग की शुरुआत करने वाले रामविलास आज फुल टाइम गार्डनर हैं। सफेद बैंगन, मूँगफली, चीकू, अमरूद, केला जैसी फसलें उगाने के लिए वह जैविक खाद का उपयोग करते हैं। उनका यूट्यूब चैनल 25 लाख लोगों को गार्डनिंग के लिए प्रेरित कर रहा है। उनका उद्देश्य है, "जैविक उगाओ, स्वस्थ खाओ।"

image