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इनका नाम लोकेश है...

ये रेलवे में ड्राइवर हैं, 1 लाख से अधिक सैलरी

आज इनका वीडियो वायरल हुआ है जिसमें इनकी पत्नी इनको अपनी माँ और भाई के साथ पीट रही है

लोकेश हाथ जोड़ रहा, पैर पड़ रहा, गिड़गिड़ा
रहा लेकिन पत्नी लगातार पीट रही है

ऐसा इसलिए नहीं कि लोकेश कमज़ोर है
बल्कि इसलिए क्यूंकि वो एक कानून से डरता है
अभी तो वो अकेला पिस रहा लेकिन अगर कुछ बोला तो लोकेश की माँ बहन भाई बहनोई सब रोयेंगे..

जिसके लिए उसकी पत्नी को किसी सबूत की
जरूरत नहीं पड़ेगी, वो मामला सीधे दर्ज होता है

ये अकेला लोकेश नहीं, कानून का आड़ लेकर
न जाने कितनी डायने पुरुषों को नपुंसक बनाकर रखती हैं इसके खिलाफ अगर अब भी चुप रहे तो रोज़ कोई न कोई अखिलेश फंदे पे लटका मिलेगा ✍️

आपकी राय... में इसका क्या इलाज है ?

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इनका नाम लोकेश है...

ये रेलवे में ड्राइवर हैं, 1 लाख से अधिक सैलरी

आज इनका वीडियो वायरल हुआ है जिसमें इनकी पत्नी इनको अपनी माँ और भाई के साथ पीट रही है

लोकेश हाथ जोड़ रहा, पैर पड़ रहा, गिड़गिड़ा
रहा लेकिन पत्नी लगातार पीट रही है

ऐसा इसलिए नहीं कि लोकेश कमज़ोर है
बल्कि इसलिए क्यूंकि वो एक कानून से डरता है
अभी तो वो अकेला पिस रहा लेकिन अगर कुछ बोला तो लोकेश की माँ बहन भाई बहनोई सब रोयेंगे..

जिसके लिए उसकी पत्नी को किसी सबूत की
जरूरत नहीं पड़ेगी, वो मामला सीधे दर्ज होता है

ये अकेला लोकेश नहीं, कानून का आड़ लेकर
न जाने कितनी डायने पुरुषों को नपुंसक बनाकर रखती हैं इसके खिलाफ अगर अब भी चुप रहे तो रोज़ कोई न कोई अखिलेश फंदे पे लटका मिलेगा ✍️

आपकी राय... में इसका क्या इलाज है ?

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इनका नाम लोकेश है...

ये रेलवे में ड्राइवर हैं, 1 लाख से अधिक सैलरी

आज इनका वीडियो वायरल हुआ है जिसमें इनकी पत्नी इनको अपनी माँ और भाई के साथ पीट रही है

लोकेश हाथ जोड़ रहा, पैर पड़ रहा, गिड़गिड़ा
रहा लेकिन पत्नी लगातार पीट रही है

ऐसा इसलिए नहीं कि लोकेश कमज़ोर है
बल्कि इसलिए क्यूंकि वो एक कानून से डरता है
अभी तो वो अकेला पिस रहा लेकिन अगर कुछ बोला तो लोकेश की माँ बहन भाई बहनोई सब रोयेंगे..

जिसके लिए उसकी पत्नी को किसी सबूत की
जरूरत नहीं पड़ेगी, वो मामला सीधे दर्ज होता है

ये अकेला लोकेश नहीं, कानून का आड़ लेकर
न जाने कितनी डायने पुरुषों को नपुंसक बनाकर रखती हैं इसके खिलाफ अगर अब भी चुप रहे तो रोज़ कोई न कोई अखिलेश फंदे पे लटका मिलेगा ✍️

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एक भी मुस्लिम महिलाए पुरषो के इफ्तार मे शामिल नही है ये सभी के सभी हिंदु महिलाए है जो राजनीतिक स्वार्थ के लिए मुस्लिम पुरुषो के इफ्तार में शामिल है। ये आस्था नही राजनीतिक स्वार्थ है।

मुस्लिम समुदाय की महिलाओ को कभी दुर्गा पूजा, नवरात्र, होली और दीपावली मनाते हुए किसी ने देखा है नही बिल्कुल नही क्योकि मुस्लिम महिलाए अपने धर्म के प्रति कट्टर होती है तथा धार्मिक रुप से संस्कारवान और चरित्रवान होती है व्यक्तिगत राजनीतिक स्वार्थ के लिए भी वे धर्म से समझौता नही करती क्योकि वे ईमानदार होती है। पैसा कमाने और सता की मलाई चाटने के लिए टोपी लगा कर इफ्तार कर रही राजद नेत्री ऋतु जैसवाल की तस्वीर हिंदुओ के मूह पर तमाचा है। गौर करने वाली बात है एक भी मुस्लिम माता और बहन-बेटी सामुहिक इफ्तार मे शामिल नही होती टोपी लगाना दूर की बात। मुस्लिम महिलाओ का धार्मिक चरित्र और संस्कार ही इस्लाम की ताकत है। सता, कुर्सी, पैसा सबसे उपर मुस्लिम महिलाओ के लिए इस्लाम और ईमान है

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वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश

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कहां से आते हैं ए लोग

गरीब नवाज़ फाउंडेशन के अध्यक्ष मौलाना अंसार रज़ा ने वक़्फ़ संशोधन बिल के लोकसभा में पेश होने से पहले आजतक के कार्यक्रम में बड़ा बयान दिया है, उन्होंने कहा- "आपको ताज्जुब होगा लेकिन यूपी का राजभवन भी वक़्फ़ की ज़मीन पर बना है, मैंने कागज़ निकलवाए हैं"
#waqfamendmentbill #waqfboard #atquotecard #aajtaksocial

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"एक कदम आगे, कठोर प्रावधानों को निरस्त करना" - वक्फ विधेयक पर बोले अधिवक्ता विष्णु जैन

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लुधियाना में सीएम भगवंत मान और केजरीवाल। शि/अ के खिलाफ रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

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लुधियाना में सीएम भगवंत मान और केजरीवाल। शि/अ के खिलाफ रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

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