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राजेश रावत अमर रहे
करनपुर गोलीकांड के शहीद राजेश रावत को किया याद, कातिलों को सजा मिलने में देरी से बढ़ी नाराजगी
3 अक्टूबर 1994 को पृथक राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान करनपुर गोलीकांड में शहीद हुए राजेश रावत जी की पुण्यतिथि पर शहीद राजेश रावत स्मारक पर पुष्पांजलि और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में उपस्थित होकर राजपुर क्षेत्र के पूर्व विधायक राजकुमार ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि, राज्य आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों का राज्य सदैव ऋणी रहेगा। राजेश रावत जी ने जिस निष्ठा और समर्पण से राज्य निर्माण में योगदान दिया, हम उनका सदैव स्मरण करेंगे और उनकी पुण्यतिथि पर नमन करते हैं।
महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने भी अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा, राजेश रावत जी के बलिदान ने इस पृथक राज्य की नींव रखी। शहीदों के योगदान के बिना उत्तराखंड राज्य का निर्माण संभव नहीं था। राज्य सदैव शहीद आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता रहेगा।
राज्य आंदोलनकारी और डीएवी महाविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष, वीरेंद्र पोखरियाल जी ने कहा, राज्य आंदोलन में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। युवाओं ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर इस राज्य का निर्माण किया है। हम उन सभी शहीदों को नमन करते हैं जिनकी बलिदान से आज उत्तराखंड एक पृथक राज्य के रूप में अस्तित्व में है।
वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी और छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष, रविंद्र जुगरण जी ने भी अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा, “करणपुर गोलीकांड के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। यह राज्य शहीद राजेश रावत जैसे आंदोलनकारियों के बलिदान का परिणाम है। हम सभी शहीदों को याद करते हुए उनके बलिदान का सम्मान करते हैं। यह राज्य सदैव उनके योगदान के लिए ऋणी रहेगा।
इस अवसर पर शहीद राजेश रावत जी की माता, श्रीमती आनंदी देवी रावत, ने अपनी वेदना व्यक्त की और न्यायिक प्रक्रिया में हो रही देरी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक न्यायालय के होते हुए भी न्याय मिलने में देरी हो रही है। यदि समय रहते राजेश रावत जी के दोषियों को सजा मिल जाती, तो उनकी आत्मा को शांति मिलती।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष विजय प्रताप मल, पूर्व ग्राम प्रधान महिपाल शाह, कुलदीप कोहली, ओमप्रकाश सती, राज्य आंदोलनकारी श्री मोहन खत्री, दीप बोहरा, जाकिर हुसैन, हरदीप सिंह लकी, विकास शर्मा, जमाल अहमद, राजेंद्र सिंह लिंगवाल, अंबुज शर्मा आदि उपस्थित थे।
राजेश रावत अमर रहे
करनपुर गोलीकांड के शहीद राजेश रावत को किया याद, कातिलों को सजा मिलने में देरी से बढ़ी नाराजगी
3 अक्टूबर 1994 को पृथक राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान करनपुर गोलीकांड में शहीद हुए राजेश रावत जी की पुण्यतिथि पर शहीद राजेश रावत स्मारक पर पुष्पांजलि और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में उपस्थित होकर राजपुर क्षेत्र के पूर्व विधायक राजकुमार ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि, राज्य आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों का राज्य सदैव ऋणी रहेगा। राजेश रावत जी ने जिस निष्ठा और समर्पण से राज्य निर्माण में योगदान दिया, हम उनका सदैव स्मरण करेंगे और उनकी पुण्यतिथि पर नमन करते हैं।
महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने भी अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा, राजेश रावत जी के बलिदान ने इस पृथक राज्य की नींव रखी। शहीदों के योगदान के बिना उत्तराखंड राज्य का निर्माण संभव नहीं था। राज्य सदैव शहीद आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता रहेगा।
राज्य आंदोलनकारी और डीएवी महाविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष, वीरेंद्र पोखरियाल जी ने कहा, राज्य आंदोलन में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। युवाओं ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर इस राज्य का निर्माण किया है। हम उन सभी शहीदों को नमन करते हैं जिनकी बलिदान से आज उत्तराखंड एक पृथक राज्य के रूप में अस्तित्व में है।
वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी और छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष, रविंद्र जुगरण जी ने भी अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा, “करणपुर गोलीकांड के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। यह राज्य शहीद राजेश रावत जैसे आंदोलनकारियों के बलिदान का परिणाम है। हम सभी शहीदों को याद करते हुए उनके बलिदान का सम्मान करते हैं। यह राज्य सदैव उनके योगदान के लिए ऋणी रहेगा।
इस अवसर पर शहीद राजेश रावत जी की माता, श्रीमती आनंदी देवी रावत, ने अपनी वेदना व्यक्त की और न्यायिक प्रक्रिया में हो रही देरी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक न्यायालय के होते हुए भी न्याय मिलने में देरी हो रही है। यदि समय रहते राजेश रावत जी के दोषियों को सजा मिल जाती, तो उनकी आत्मा को शांति मिलती।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष विजय प्रताप मल, पूर्व ग्राम प्रधान महिपाल शाह, कुलदीप कोहली, ओमप्रकाश सती, राज्य आंदोलनकारी श्री मोहन खत्री, दीप बोहरा, जाकिर हुसैन, हरदीप सिंह लकी, विकास शर्मा, जमाल अहमद, राजेंद्र सिंह लिंगवाल, अंबुज शर्मा आदि उपस्थित थे।
राजेश रावत अमर रहे
करनपुर गोलीकांड के शहीद राजेश रावत को किया याद, कातिलों को सजा मिलने में देरी से बढ़ी नाराजगी
3 अक्टूबर 1994 को पृथक राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान करनपुर गोलीकांड में शहीद हुए राजेश रावत जी की पुण्यतिथि पर शहीद राजेश रावत स्मारक पर पुष्पांजलि और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में उपस्थित होकर राजपुर क्षेत्र के पूर्व विधायक राजकुमार ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि, राज्य आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों का राज्य सदैव ऋणी रहेगा। राजेश रावत जी ने जिस निष्ठा और समर्पण से राज्य निर्माण में योगदान दिया, हम उनका सदैव स्मरण करेंगे और उनकी पुण्यतिथि पर नमन करते हैं।
महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने भी अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा, राजेश रावत जी के बलिदान ने इस पृथक राज्य की नींव रखी। शहीदों के योगदान के बिना उत्तराखंड राज्य का निर्माण संभव नहीं था। राज्य सदैव शहीद आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता रहेगा।
राज्य आंदोलनकारी और डीएवी महाविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष, वीरेंद्र पोखरियाल जी ने कहा, राज्य आंदोलन में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। युवाओं ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर इस राज्य का निर्माण किया है। हम उन सभी शहीदों को नमन करते हैं जिनकी बलिदान से आज उत्तराखंड एक पृथक राज्य के रूप में अस्तित्व में है।
वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी और छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष, रविंद्र जुगरण जी ने भी अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा, “करणपुर गोलीकांड के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। यह राज्य शहीद राजेश रावत जैसे आंदोलनकारियों के बलिदान का परिणाम है। हम सभी शहीदों को याद करते हुए उनके बलिदान का सम्मान करते हैं। यह राज्य सदैव उनके योगदान के लिए ऋणी रहेगा।
इस अवसर पर शहीद राजेश रावत जी की माता, श्रीमती आनंदी देवी रावत, ने अपनी वेदना व्यक्त की और न्यायिक प्रक्रिया में हो रही देरी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक न्यायालय के होते हुए भी न्याय मिलने में देरी हो रही है। यदि समय रहते राजेश रावत जी के दोषियों को सजा मिल जाती, तो उनकी आत्मा को शांति मिलती।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष विजय प्रताप मल, पूर्व ग्राम प्रधान महिपाल शाह, कुलदीप कोहली, ओमप्रकाश सती, राज्य आंदोलनकारी श्री मोहन खत्री, दीप बोहरा, जाकिर हुसैन, हरदीप सिंह लकी, विकास शर्मा, जमाल अहमद, राजेंद्र सिंह लिंगवाल, अंबुज शर्मा आदि उपस्थित थे।
राजेश रावत अमर रहे
करनपुर गोलीकांड के शहीद राजेश रावत को किया याद, कातिलों को सजा मिलने में देरी से बढ़ी नाराजगी
3 अक्टूबर 1994 को पृथक राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान करनपुर गोलीकांड में शहीद हुए राजेश रावत जी की पुण्यतिथि पर शहीद राजेश रावत स्मारक पर पुष्पांजलि और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में उपस्थित होकर राजपुर क्षेत्र के पूर्व विधायक राजकुमार ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि, राज्य आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों का राज्य सदैव ऋणी रहेगा। राजेश रावत जी ने जिस निष्ठा और समर्पण से राज्य निर्माण में योगदान दिया, हम उनका सदैव स्मरण करेंगे और उनकी पुण्यतिथि पर नमन करते हैं।
महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने भी अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा, राजेश रावत जी के बलिदान ने इस पृथक राज्य की नींव रखी। शहीदों के योगदान के बिना उत्तराखंड राज्य का निर्माण संभव नहीं था। राज्य सदैव शहीद आंदोलनकारियों और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता रहेगा।
राज्य आंदोलनकारी और डीएवी महाविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष, वीरेंद्र पोखरियाल जी ने कहा, राज्य आंदोलन में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। युवाओं ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर इस राज्य का निर्माण किया है। हम उन सभी शहीदों को नमन करते हैं जिनकी बलिदान से आज उत्तराखंड एक पृथक राज्य के रूप में अस्तित्व में है।
वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी और छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष, रविंद्र जुगरण जी ने भी अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा, “करणपुर गोलीकांड के दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। यह राज्य शहीद राजेश रावत जैसे आंदोलनकारियों के बलिदान का परिणाम है। हम सभी शहीदों को याद करते हुए उनके बलिदान का सम्मान करते हैं। यह राज्य सदैव उनके योगदान के लिए ऋणी रहेगा।
इस अवसर पर शहीद राजेश रावत जी की माता, श्रीमती आनंदी देवी रावत, ने अपनी वेदना व्यक्त की और न्यायिक प्रक्रिया में हो रही देरी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक न्यायालय के होते हुए भी न्याय मिलने में देरी हो रही है। यदि समय रहते राजेश रावत जी के दोषियों को सजा मिल जाती, तो उनकी आत्मा को शांति मिलती।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष विजय प्रताप मल, पूर्व ग्राम प्रधान महिपाल शाह, कुलदीप कोहली, ओमप्रकाश सती, राज्य आंदोलनकारी श्री मोहन खत्री, दीप बोहरा, जाकिर हुसैन, हरदीप सिंह लकी, विकास शर्मा, जमाल अहमद, राजेंद्र सिंह लिंगवाल, अंबुज शर्मा आदि उपस्थित थे।



Marital Rape is real. No means No. forced sex is rape.#maritalrape
99% of love marriages break within 1 month to 5 years. After love marriage, the couple remains happy only till the honeymoon.
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