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आज नौबस्ता में श्री तिरुपति ऑटो महिंद्रा क्यूब में #thar_roxx की लांचिंग के अवसर पर बिठूर विधायक छोटे भाई श्री अभिजीत सिंह सांगा जी के साथ बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित होकर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की, यहां नितिन गुप्ता, मनीष गुप्ता, उमंग गुप्ता, आचार्य लंकेश, प्रशांत जी सहित कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी आदि उपस्थित रहे..
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आज नौबस्ता में श्री तिरुपति ऑटो महिंद्रा क्यूब में #thar_roxx की लांचिंग के अवसर पर बिठूर विधायक छोटे भाई श्री अभिजीत सिंह सांगा जी के साथ बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित होकर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की, यहां नितिन गुप्ता, मनीष गुप्ता, उमंग गुप्ता, आचार्य लंकेश, प्रशांत जी सहित कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी आदि उपस्थित रहे..

पूर्णिमा पर क्यों सुनी जाती है सत्यनारायण व्रत कथा...?
आमतौर पर देखा जाता है किसी शुभ काम से पहले या मनोकामनाएं पूरी होने पर सत्यनारायण व्रत की कथा सुनने का विधान है। सनातन धर्म से जुड़ा शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने श्रीसत्यनारायण कथा का नाम न सुना हो। इस कथा को सुनने का फल हजारों सालों तक किए गये यज्ञ के बराबर माना जाता है । शास्त्रों के मुताबिक ऐसा माना गया है कि इस कथा को सुनने वाला व्यक्ति अगर व्रत रखता है तो उसेके जीवन के दुखों को श्री हरि विष्णु खुद ही हर लेते हैं । स्कन्द पुराण के मुताबिक भगवान सत्यनारायण श्री हरि विष्णु का ही दूसरा रूप हैं । इस कथा की महिमा को भगवान सत्यनारायण ने अपने मुख से देवर्षि नारद को बताया है । पूर्णिमा के दिन इस कथा को सुनने का विशेष महत्व है । कलयुग में इस व्रत कथा को सुनना बहुत प्रभावशाली माना गया है ।
जो लोग पूर्णिमा के दिन कथा नहीं सुन पाते हैं वे कम से कम भगवानसत्यनारायण का मन में ध्यान कर लें । विशेष लाभ होगा । पुराणों में ऐसा भी बताया गया है कि जिस स्थान पर भी श्री सत्यनारायण भगवान की पूजा होती है, वहां गौरी-गणेश, नवग्रह और समस्त दिक्पाल आ जाते हैं। केले के पेड़ के नीचे अथवा घर के ब्रह्म स्थान पर पूजा करना उत्तम फल देता है। भोग में पंजीरी, पंचामृत, केला और तुलसी दल विशेष रूप से शामिल करें।
सिर्फ पूर्णिमा को ही नहीं परिस्थितियों के मुताबिक किसी भी दिन कथा सुनी जा सकती है, बृहस्पतिवार को कथा सुनना विशेष लाभकारी होता है, भगवान तो बस भाव के भूखे हैं । मन में उनके प्रति अगर सच्चा प्रेम है तो कोई भी दिन हो प्रभु की कृपा बरसती रहेगी । इस कथा के प्रभाव से खुशहाल जीवन, दाम्पत्य सुख, मनचाहे वर-वधु, संतान, स्वास्थ्य जैसी समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है । अगर पैसों से जुड़ी कोई समस्या है तो ये कथा किसी संजीवनी से कम नहीं है । तो जब भी मौका मिले भगवान की कथा सुने और सुनाएं ।