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काशी के प्रभारी मंत्री, प्रदेश के माननीय पर्यटन मंत्री श्री Jaiveer singh जी का काशी आगमन पर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन हुआ।

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काशी के प्रभारी मंत्री, प्रदेश के माननीय पर्यटन मंत्री श्री Jaiveer singh जी का काशी आगमन पर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन हुआ।

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काशी के प्रभारी मंत्री, प्रदेश के माननीय पर्यटन मंत्री श्री Jaiveer singh जी का काशी आगमन पर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन हुआ।

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उत्तराखंड के चमोली जिले के छोटे से गांव आली मज्याडी से निकले दिगंबर सिंह रावत ने आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया है।
उनके इस उपलब्धि पर जनपदवासी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं 💪💪🤞
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🙏
उन्होंने साबित कर दिया है कि चाहे आप कहीं से भी आएं, अगर आपके इरादे मजबूत हैं, तो आप दुनिया के किसी भी कोने में अपना नाम रोशन कर सकते हैं।
दिगंबर सिंह रावत को ढेरो शुभकामनाएं एवं बधाईयां।

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उत्तराखंड के चमोली जिले के छोटे से गांव आली मज्याडी से निकले दिगंबर सिंह रावत ने आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया है।
उनके इस उपलब्धि पर जनपदवासी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं 💪💪🤞
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🙏
उन्होंने साबित कर दिया है कि चाहे आप कहीं से भी आएं, अगर आपके इरादे मजबूत हैं, तो आप दुनिया के किसी भी कोने में अपना नाम रोशन कर सकते हैं।
दिगंबर सिंह रावत को ढेरो शुभकामनाएं एवं बधाईयां।

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उत्तराखंड के चमोली जिले के छोटे से गांव आली मज्याडी से निकले दिगंबर सिंह रावत ने आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया है।
उनके इस उपलब्धि पर जनपदवासी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं 💪💪🤞
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🙏
उन्होंने साबित कर दिया है कि चाहे आप कहीं से भी आएं, अगर आपके इरादे मजबूत हैं, तो आप दुनिया के किसी भी कोने में अपना नाम रोशन कर सकते हैं।
दिगंबर सिंह रावत को ढेरो शुभकामनाएं एवं बधाईयां।

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Ajeet Singh and Sundar Gurjar won Silver & Bronze medal

Ajeet Singh and Sundar Singh Gurjar deliver a fantastic double podium finish for India in Men's Javelin F46, showcasing remarkable skill and dedication. ❤️ 🔥 🥈 🥉

#paris2024 #paralympics #athletics

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#motivation "मैंने अपने ट्रेनिंग के दौरान कई मुश्किलों का सामना किया था। कभी अच्छे कोर्ट नहीं मिलते, तो कभी लाइट और कभी जिम! इसलिए जब मैंने ऑल इंग्लैंड टाइटल जीता, तो सबसे पहले मैं एक ऐसी अकादमी खोलना चाहता था, जहां खिलाड़ियों को एक ही छत के नीचे सबकुछ मिले!"
-पुलेला गोपीचंद
पांच बार नैशनल चैंपियन रह चुके गोपीचंद ने फ़ंड के लिए कई दरवाजे खटखटाये... पर निराशा ही हाथ लगी!
"मुझे घंटों ऑफिसों के बाहर खड़ा रखा जाता और अंत में कहा जाता कि 'बैडमिंटन' कभी भारत का सुनहरा भविष्य नहीं बन सकता। ये बातें मुझे कांटे की तरह चुभती थीं!! और आखिर मैंने इस अकादमी को अपने दम पर बनाने का फ़ैसला किया!"
पर... इतने पैसे तो थे नहीं... तो क्या करते? इसलिए गोपीचंद ने अपना घर गिरवी रख दिया और इस अकादमी को खड़ा किया!
आज उसी अकादमी ने देश को पी वी सिंधू, किदंबी श्रीकांत, साइना नेहवाल और मानसी जोशी जैसे चैंपियंस दिए हैं!
#pullelagopichand #sports #inspiring #motivation #nevergiveup #bdmintonplayer #badminton

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