Keşfedin MesajlarıKeşfet sayfamızdaki büyüleyici içeriği ve farklı bakış açılarını keşfedin. Yeni fikirleri ortaya çıkarın ve anlamlı konuşmalara katılın
मिल्खा सिंह और पीटी उषा भी पदक चूक गए थे। पर आज वो पदक विजेताओं से ऊपर जा कर मिसाल बन गए.....
कुछ किरदार पदक से बड़े हो जाते हैं, हालात व घटनाओं के कारण। 82 बार की अविजित को हरा कर और लगातार 3 फाइट जीत देश की पहली फाइनलिस्ट महिला रेसलर बन कर पदक चूकना भी इतिहास रहेगा। Vinesh PhogatBajrang PuniaDhruv RatheeManu BhakerHanuman BeniwalDeepender Singh HoodaBhupinder Singh HoodaBabita Phogat
एल्विश यादव ने निकाली अरमान मलिक की हेकड़ी कहा जब तू दूसरी-तीसरी शादी करने की कोशिश कर रहा था, उस वक्त तो मैं Youtube पर छा चुका था भाई मेरे मुंह मत लग...
#elvishyadav #elvishyadavfans #elvishyadavarmy #elvishyadavvlogs #armanmalikbigboss
पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले अमन सहरावत ने तारक मेहता के 'जेठालाल' दिलीप जोशी से मुलाकात की. 'जेठालाल' ने ओलंपिक विनर अमन सहरावत को जलेबी-फाफड़ा खिलाया. मुलाकात के बाद अमन सहरावत ने तस्वीरें शेयर करते हुए कहा, 'आज मुझे जेठालाल को मिलकर बहुत अच्छा लगा. इनको तारक मेहता का उल्टा चश्मा में देखकर मुझे हमेशा हंसी और खुशी मिलती थी, बहुत-बहुत धन्यवाद मुझसे मिलने के लिए.'
#tmkoc #jethalal #amansehrawat #olympics #parisolympics
पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले अमन सहरावत ने तारक मेहता के 'जेठालाल' दिलीप जोशी से मुलाकात की. 'जेठालाल' ने ओलंपिक विनर अमन सहरावत को जलेबी-फाफड़ा खिलाया. मुलाकात के बाद अमन सहरावत ने तस्वीरें शेयर करते हुए कहा, 'आज मुझे जेठालाल को मिलकर बहुत अच्छा लगा. इनको तारक मेहता का उल्टा चश्मा में देखकर मुझे हमेशा हंसी और खुशी मिलती थी, बहुत-बहुत धन्यवाद मुझसे मिलने के लिए.'
#tmkoc #jethalal #amansehrawat #olympics #parisolympics
पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले अमन सहरावत ने तारक मेहता के 'जेठालाल' दिलीप जोशी से मुलाकात की. 'जेठालाल' ने ओलंपिक विनर अमन सहरावत को जलेबी-फाफड़ा खिलाया. मुलाकात के बाद अमन सहरावत ने तस्वीरें शेयर करते हुए कहा, 'आज मुझे जेठालाल को मिलकर बहुत अच्छा लगा. इनको तारक मेहता का उल्टा चश्मा में देखकर मुझे हमेशा हंसी और खुशी मिलती थी, बहुत-बहुत धन्यवाद मुझसे मिलने के लिए.'
#tmkoc #jethalal #amansehrawat #olympics #parisolympics

पिता ने कुर्बानी देते हुए बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी. 14 वर्ष की उम्र में मनु ने पिस्टल थामी और फिर उसी से इतिहास रचना शुरू कर दिया. राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने 16 साल की उम्र में 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक अपने नाम कर बाप के त्याग को जाया नहीं जाने दिया. मनु भाकर का जन्म 18 फरवरी, 2002 को हरियाणा के झज्जर जिले के गोरिया गांव में हुआ था. इनके पिता मरीन इंजीनियर और मां स्कूल में प्रिंसिपल हैं. भाकर बचपन में स्केटिंग, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स और जूडो कराटे भी खेलती थीं.
पेरिस ओलंपिक मे मेडल जीतने वाली मनु ने कहा कि श्रीमद्भगवत गीता तो बचपन से जानती थी, लेकिन पिछले दो तीन साल से ज्यादा जुड़ाव रहा. पढ़ना भी अभी शुरू किया. मेरे कोच, मम्मी और मेरे आध्यात्मिक गुरु मुझे रोजाना एक-दो श्लोक सिखाते हैं.