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#अल्मोड़ा के #रानीखेत की रेखा लोहनी पांडे हैं उत्तराखंड की पहली महिला टैक्सी ड्राइवर जिनके पास डबल एमए की डिग्री है। उन्होंने मास्टर्स इन सोशल वर्क किया है और एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की है। वकालत की डिग्री होने के बावजूद रेखा ने एक ड्राइवर बनने का फैसला लिया। रेखा का घर रानीखेत में है, जहां वह अपने पति और तीन बेटियों के साथ रहती हैं। वह रानीखेत से हल्द्वानी के बीच टैक्सी चलाती हैं। रेखा के पति का नाम मुकेश चंद्र पांडे है, जो कि फौज से रिटायर हो चुके हैं। टैक्सी ड्राइवर बनने की नौबत तब आई जब अचानक उनके पति की तबीयत खराब हुई। फौज से रिटायर होने के बाद उनके पति ने टैक्सी चलाने का काम शुरू किया।
यह फैसला रेखा ने इसलिए भी लिया क्योंकि उन्हें आत्मनिर्भर बनना था, साथ ही वह अन्य महिलाओं को यह संदेश देना चाहती हैं कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। घर की दहलीज को पार कर खुद की पहचान बनाएं। खुद को सशक्त करें।
#selfemployment #ranikhet #almora #uttrakhand
#अल्मोड़ा के #रानीखेत की रेखा लोहनी पांडे हैं उत्तराखंड की पहली महिला टैक्सी ड्राइवर जिनके पास डबल एमए की डिग्री है। उन्होंने मास्टर्स इन सोशल वर्क किया है और एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की है। वकालत की डिग्री होने के बावजूद रेखा ने एक ड्राइवर बनने का फैसला लिया। रेखा का घर रानीखेत में है, जहां वह अपने पति और तीन बेटियों के साथ रहती हैं। वह रानीखेत से हल्द्वानी के बीच टैक्सी चलाती हैं। रेखा के पति का नाम मुकेश चंद्र पांडे है, जो कि फौज से रिटायर हो चुके हैं। टैक्सी ड्राइवर बनने की नौबत तब आई जब अचानक उनके पति की तबीयत खराब हुई। फौज से रिटायर होने के बाद उनके पति ने टैक्सी चलाने का काम शुरू किया।
यह फैसला रेखा ने इसलिए भी लिया क्योंकि उन्हें आत्मनिर्भर बनना था, साथ ही वह अन्य महिलाओं को यह संदेश देना चाहती हैं कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। घर की दहलीज को पार कर खुद की पहचान बनाएं। खुद को सशक्त करें।
#selfemployment #ranikhet #almora #uttrakhand
#अल्मोड़ा के #रानीखेत की रेखा लोहनी पांडे हैं उत्तराखंड की पहली महिला टैक्सी ड्राइवर जिनके पास डबल एमए की डिग्री है। उन्होंने मास्टर्स इन सोशल वर्क किया है और एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की है। वकालत की डिग्री होने के बावजूद रेखा ने एक ड्राइवर बनने का फैसला लिया। रेखा का घर रानीखेत में है, जहां वह अपने पति और तीन बेटियों के साथ रहती हैं। वह रानीखेत से हल्द्वानी के बीच टैक्सी चलाती हैं। रेखा के पति का नाम मुकेश चंद्र पांडे है, जो कि फौज से रिटायर हो चुके हैं। टैक्सी ड्राइवर बनने की नौबत तब आई जब अचानक उनके पति की तबीयत खराब हुई। फौज से रिटायर होने के बाद उनके पति ने टैक्सी चलाने का काम शुरू किया।
यह फैसला रेखा ने इसलिए भी लिया क्योंकि उन्हें आत्मनिर्भर बनना था, साथ ही वह अन्य महिलाओं को यह संदेश देना चाहती हैं कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। घर की दहलीज को पार कर खुद की पहचान बनाएं। खुद को सशक्त करें।
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#अल्मोड़ा के #रानीखेत की रेखा लोहनी पांडे हैं उत्तराखंड की पहली महिला टैक्सी ड्राइवर जिनके पास डबल एमए की डिग्री है। उन्होंने मास्टर्स इन सोशल वर्क किया है और एलएलबी की पढ़ाई भी पूरी की है। वकालत की डिग्री होने के बावजूद रेखा ने एक ड्राइवर बनने का फैसला लिया। रेखा का घर रानीखेत में है, जहां वह अपने पति और तीन बेटियों के साथ रहती हैं। वह रानीखेत से हल्द्वानी के बीच टैक्सी चलाती हैं। रेखा के पति का नाम मुकेश चंद्र पांडे है, जो कि फौज से रिटायर हो चुके हैं। टैक्सी ड्राइवर बनने की नौबत तब आई जब अचानक उनके पति की तबीयत खराब हुई। फौज से रिटायर होने के बाद उनके पति ने टैक्सी चलाने का काम शुरू किया।
यह फैसला रेखा ने इसलिए भी लिया क्योंकि उन्हें आत्मनिर्भर बनना था, साथ ही वह अन्य महिलाओं को यह संदेश देना चाहती हैं कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। घर की दहलीज को पार कर खुद की पहचान बनाएं। खुद को सशक्त करें।
#selfemployment #ranikhet #almora #uttrakhand


