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ABP न्यूज की एंकर रोमाना ईसार ख़ान ने पत्रकारिता की गरिमा को पूरी तरह से तार-तार कर दिया है। इन्होंने TV पर लाइव BJP प्रवक्ता प्रेम शुक्ला के बहाने ब्राह्मणों के सरनेम पर टिप्पणी की। यह किस पत्रकारिता का गुण है?
रोमाना खान जी अगर BJP प्रवक्ता से कुछ आपका मैटर था तो उन्हें कहतीं, वो BJP से हैं BJP पर टिप्पणी करतीं। लेकिन आपने भाजपा पर एक शब्द नहीं बोला। BJP का नाम लेने में गला सूख गया।
आपने प्रेम शुक्ला और BJP की बजाय पूरे पंडितों पर अपनी कुढ़न निकाली। "पंडित शुक्ला" को क्मामले घसीटा। पूरे ब्राह्मण समाज को क्यों टारगेट किया? अभी कोई आपके खान के नाम पर ऐसे कमेंट करे तो क्या सही लगेगा?
ब्राह्मण है तो दबा लो, ब्राह्मण है तो उसे पंडित शुक्ला कह लो, ब्राह्मण है तो उसके ख़िलाफ़ जितनी चाहिए सीधे जातिगत टिप्पणी कर लो?
मैं कब से बताता आ रहा हूं कि ब्राह्मणों के खिलाफ सारी नफरत मीडिया चैनलों से ही परोसी जाती है। रोमाना खान जी कान खोलकर सुन लीजिए मैं गर्व से कहता हूं कि मैं ब्राह्मण हूं। ब्राह्मण होना कोई गुनाह नहीं।
अगर आप ब्राह्मण समाज पर जातिगत टिप्पणी करेंगी तो आपको आपको जवाब मिलेगा। आपको बेनक़ाब किया जाएगा। ABP न्यूज को ब्राह्मण विरोधी राजनीति का एजेंडा चलाने से बचना चाहिए।
ABP न्यूज की एंकर रोमाना ईसार ख़ान ने पत्रकारिता की गरिमा को पूरी तरह से तार-तार कर दिया है। इन्होंने TV पर लाइव BJP प्रवक्ता प्रेम शुक्ला के बहाने ब्राह्मणों के सरनेम पर टिप्पणी की। यह किस पत्रकारिता का गुण है?
रोमाना खान जी अगर BJP प्रवक्ता से कुछ आपका मैटर था तो उन्हें कहतीं, वो BJP से हैं BJP पर टिप्पणी करतीं। लेकिन आपने भाजपा पर एक शब्द नहीं बोला। BJP का नाम लेने में गला सूख गया।
आपने प्रेम शुक्ला और BJP की बजाय पूरे पंडितों पर अपनी कुढ़न निकाली। "पंडित शुक्ला" को क्मामले घसीटा। पूरे ब्राह्मण समाज को क्यों टारगेट किया? अभी कोई आपके खान के नाम पर ऐसे कमेंट करे तो क्या सही लगेगा?
ब्राह्मण है तो दबा लो, ब्राह्मण है तो उसे पंडित शुक्ला कह लो, ब्राह्मण है तो उसके ख़िलाफ़ जितनी चाहिए सीधे जातिगत टिप्पणी कर लो?
मैं कब से बताता आ रहा हूं कि ब्राह्मणों के खिलाफ सारी नफरत मीडिया चैनलों से ही परोसी जाती है। रोमाना खान जी कान खोलकर सुन लीजिए मैं गर्व से कहता हूं कि मैं ब्राह्मण हूं। ब्राह्मण होना कोई गुनाह नहीं।
अगर आप ब्राह्मण समाज पर जातिगत टिप्पणी करेंगी तो आपको आपको जवाब मिलेगा। आपको बेनक़ाब किया जाएगा। ABP न्यूज को ब्राह्मण विरोधी राजनीति का एजेंडा चलाने से बचना चाहिए।
ABP न्यूज की एंकर रोमाना ईसार ख़ान ने पत्रकारिता की गरिमा को पूरी तरह से तार-तार कर दिया है। इन्होंने TV पर लाइव BJP प्रवक्ता प्रेम शुक्ला के बहाने ब्राह्मणों के सरनेम पर टिप्पणी की। यह किस पत्रकारिता का गुण है?
रोमाना खान जी अगर BJP प्रवक्ता से कुछ आपका मैटर था तो उन्हें कहतीं, वो BJP से हैं BJP पर टिप्पणी करतीं। लेकिन आपने भाजपा पर एक शब्द नहीं बोला। BJP का नाम लेने में गला सूख गया।
आपने प्रेम शुक्ला और BJP की बजाय पूरे पंडितों पर अपनी कुढ़न निकाली। "पंडित शुक्ला" को क्मामले घसीटा। पूरे ब्राह्मण समाज को क्यों टारगेट किया? अभी कोई आपके खान के नाम पर ऐसे कमेंट करे तो क्या सही लगेगा?
ब्राह्मण है तो दबा लो, ब्राह्मण है तो उसे पंडित शुक्ला कह लो, ब्राह्मण है तो उसके ख़िलाफ़ जितनी चाहिए सीधे जातिगत टिप्पणी कर लो?
मैं कब से बताता आ रहा हूं कि ब्राह्मणों के खिलाफ सारी नफरत मीडिया चैनलों से ही परोसी जाती है। रोमाना खान जी कान खोलकर सुन लीजिए मैं गर्व से कहता हूं कि मैं ब्राह्मण हूं। ब्राह्मण होना कोई गुनाह नहीं।
अगर आप ब्राह्मण समाज पर जातिगत टिप्पणी करेंगी तो आपको आपको जवाब मिलेगा। आपको बेनक़ाब किया जाएगा। ABP न्यूज को ब्राह्मण विरोधी राजनीति का एजेंडा चलाने से बचना चाहिए।

बेशर्म कांग्रेस!
राहुल गांधी कल वीडियो डाल बोल रहे थे कि शहीद अग्निवीर के परिवार को 1 करोड़ नहीं मिलता।
आर्मी ने सबूत दिया कि 1 करोड़ दिया जा चुका है और 65 लाख और मिलेगा।
आज बेशर्म कांग्रेस प्रेस कांफ्रेंस कर बोल रही कि जब अग्निवीर में 1 करोड़ दिया जाता है तो शहीद अजय कुमार के परिवार को 1.65 करोड़ कैसे मिल रहा?
कल तक रो रहे थे कि 1 करोड़ नहीं मिलता अब रो रहे कि 1 करोड़ 65 लाख, ज्यादा क्यों मिल रहा?
यही कागज दिखा स्कीम राहुल गांधी क्यों नहीं समझते?