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" एक घंटा संघ में जाना संघ का कार्यक्रम है, कार्य नहीं। घर-घर का हिसाब रखें कि संघ के मूलभूत विचारों के अनुसार 23 घंटे अपना व्यवहार रहा या नहीं रहा, इसका हिसाब संघस्थान के एक घंटे में करना चाहिए। दुष्टता और स्वार्थ के विचार यदि 23 घंटे चलते रहे, तो एक घंटा संघ में आकर दिल - जमई नहीं हो सकती। "
- श्री गुरूजी
आज राहुल द्रविड़ के लिए हमारी नज़रों में इज़्ज़त बढ़ गई है।
अभी जब India Team वर्ल्ड कप जीतकर आई तो उसे BCCI ने 125 करोड़ रुपए का ईनाम दिया, इस ईनाम में से
15 खिलाड़ियों और हेड कोच राहुल द्रविड़ को 5-5 करोड़ दिया मगर
राहुल द्रविड़ ने ये 5 करोड़ की राशि लेने से मना कर दिया और कहा कि जितनी राशि बॉलिंग कोच, बैटिंग कोच और फील्डिंग कोच को दी जाए उतनी ही मुझे चाहिए फिर
राहुल द्रविड़ को भी अन्य कोचों के बराबर 2.5 करोड़ रुपए की राशि दी गई।
महेंद्र सिंह धोनी, सचिन तेंदुलकर और सुनील गावस्कर जैसे Legends कुछ करोड़ रुपए के लिए सट्टा खिलाते और कैंसर बेचते हैं उस दौर में राहुल द्रविड़ ने 2.5 करोड़ रुपए ठुकरा दिए...😊👌