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भक्ति कथा
🔱 महादेव-पार्वती संग झूमे 🔱
रावण के वध के बाद अयोध्या पति श्री राम ने राजपाट संभाल लिया था और प्रजा राम राज्य से प्रसन्न थी. एक दिन भगवान महादेव की इच्छा श्री राम से मिलने की हुई।
पार्वती जी को संग लेकर महादेव कैलाश पर्वत से अयोध्या नगरी के लिए चल पड़े. भगवान शिव और मां पार्वती को अयोध्या आया देखकर श्री सीता राम जी बहुत खुश हुए।
माता जानकी ने उनका उचित आदर सत्कार किया और स्वयं भोजन बनाने के लिए रसोई में चली गईं. भगवान शिव ने श्री राम से पूछा- हनुमान जी दिखाई नहीं पड़ रहे हैं, कहां हैं ?
श्री राम बोले- वह बगीचे में होंगे. शिव जी ने श्री राम जी से बगीचे में जाने की अनुमति मांगी और पार्वती जी के साथ बगीचे में आ गए. बगीचे की खूबसूरती देखकर उनका मन मोहित हो गया।
अद्भुत समाज सुधारक, महान संत कबीरदास का जीवन मानवीय मूल्यों के विकास और 'रूढ़ि-मुक्त समाज' की स्थापना की प्रेरणा प्रदान करता है।
लोक मर्म को स्पर्श करती एवं सामाजिक समरसता की राह दिखाती उनकी 'सबद' व 'साखियां' सदैव प्रासंगिक रहेंगी।
ऐसे पूज्य मनीषी को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि!
महान राष्ट्रभक्त, भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष, उत्कृष्ट शिक्षाविद, राष्ट्रवादियों के मार्गदर्शक, श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
भारत की एकात्मता और अखंडता के लिए समर्पित उनका सम्पूर्ण जीवन एवं बलिदान देश वासियों के लिए महान प्रेरणा है।
'अखंड भारत' के स्वप्नद्रष्टा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के पावन बलिदान दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि!
देश में एक प्रधान, एक विधान और एक निशान विचार के पुरोधा श्रद्धेय मुखर्जी जी ने कश्मीर से धारा-370 को हटाने के लिए व्यापक आंदोलन किया। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए उन्हें अपने प्राण त्यागने पड़े।
माँ भारती की सेवा के लिए वे सदैव याद किए जाएंगे।