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पुरानी दिल्ली में जैन समुदाय चर्चा का विषय बन गया है
◆ जैन समुदाय के कुछ लोग टीम सीक्रेट तरीके से अलग-अलग बकरा बाजारों में गए
◆ मुस्लिम कपड़े पहन 100 से ज्यादा बकरों को खरीदा
◆ एक जैन युवक ने बताया गैर-मुस्लिम को बकरों को ज्यादा पैसों में बेचते
◆ इस मिशन में जैन समुदाय ने 124 बकरों को बचाया
#jaincommunity | #delhi | Eid | Jain
ग्राम सोनपुर जिला प्रतापगढ़ के निवासी चंद्रमणि त्रिपाठी जी ने मदरसा संचालक एवं जमीयत उलमा के जिला महासचिव मौलाना मोहम्मद फारूख से ब्याज पे पैसा लिया था... (हालांकि इस्लाम में ब्याज पर पैसा लेना और देना हराम है)
छोटी सी मूल रकम जो कि बमुश्किल 20,000 रु थी उसे 10%मासिक ब्याज और फिर ब्याज पे ब्याज चक्रवृद्धि जोड़ के मौलाना ने 8 लाख रु बना दिया....
अब मौलाना पंडीत जी पे अपनी जमीन बेचने का दबाव बनाने लगा जिसपे पंडीत जी राजी न थे...
कुछ दिन पहले मौलाना चंद्रमणि जी के घर दल बल सहित आया और बोला कि या तो रकम दो या नहीं तो अपनी पत्नी या बेटी हमें दो...
इसी पे कोई भी व्यक्ति भड़क जाएगा
चंद्रमणि जी ने आवेश में उठाया फावड़ा और मौलाना फारुख को मार दिया
चंद्रमणि जी की दो बेटियां 13 और 15 वर्ष की और दो किशोर बेटे हैं जो काशी में संस्कृत पाठशाला में पढ़ते हैं...
पति पत्नी और बच्चों के दादा जी सब लोग 302 में जेल में बंद हैं...घर पे सिर्फ बेटियां हैं...
पूरी नमाजवादी पार्टी मौलाना के पक्ष में कूद पड़ी है...
एक दर्जन पूर्व मंत्री, विधायक और सांसद इमरान प्रतापगढ़ी सब मौलाना के पक्ष में खड़े हैं...
चंद्रमणि जी के घर पे बुलडोजर चलाने का दबाव बनाया जा रहा है...
हिंदू संगठन भी उठ खड़े हुए हैं...
मणिपुर में शांति स्थापित नहीं होने का एक प्रमुख कारण यह भी रहा है कि वहां हमारी भारतीय सेना द्वारा जारी राहत कार्य के काम में कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा मीरा पैबी समूह की महिलाओं को रास्ता रोकने के लिए आगे कर दिया जाता है, जिसके चलते जवान गंतव्य स्थान तक आगे नहीं बढ़ पाते हैं।