वो क्या समझेगा दरिया की रवानी
जो साहिल तक अभी पहुंचा नहीं है
#मोहम्मद_अली_साहिल
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वो क्या समझेगा दरिया की रवानी
जो साहिल तक अभी पहुंचा नहीं है
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गरीब कमजोर और जुल्म के खिलाफ लड़ाइयां लड़ते-लड़ते शहीदी प्राप्त की। उन्होंने 80 युद्ध लड़े, लेकिन वह कभी पराजित नहीं हुए। उनकी बहादुरी की मिसाल इतिहास के किताबों में दर्ज है ।
इतिहास में उन्हें एशिया का प्लूटो भी कहा जाता है। राजस्थान के लोहगढ़ किले का निर्माण उन्होंने इस तरीके से किया कि आज तक भी कोई उसे भेद नहीं पाया। अंग्रेजों और मुगलों ने वहां पर 13 बार आक्रमण किया, लेकिन लोहागढ़ किले की दीवारों ने अंग्रेजों के तोप के गोलों और हथियारों को निरस्त कर दिया और उन्हें हर बार मुंह की खानी पड़ी।
ऐसा गौरवपूर्ण इतिहास दुनिया में शायद ही किसी और राजा का रहा होगा। वह एक योद्धा के साथ-साथ दूरदर्शी और वैज्ञानिक भी थे। उनकी गौरवपूर्ण कारनामों के बारे में इतिहास के पन्नों में दर्ज है।
लहसुन की बढ़ रही कीमत से लोगों को अब राहत मिलने वाली है। जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के बाद अब राजस्थान से लहसुन की नई फसल की सप्लाई शुरू हो गई है। इसकी वजह से थोक मंडी में कीमत में 100 से 150 रुपये प्रति किलो की गिरावट आई है। बताया जा रहा है कि पिछले साल लहसुन की कम फसल हुई थी। इसके चलते चार महीने पहले ही लहसुन की सप्लाई कम होने लगी। इसी चलते धीरे-धीरे लहसुन का दाम बढ़ने लगा था।
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हम सबने बहुत सी टॉप क्लास हिरोइन्स को बड़े प्रोड्यूसर्स के साथ ब्याहने के बाद इंडस्ट्री से गायब होते देखा है। इनकेस प्रोड्यूसर नहीं मिला तो बड़े हीरो से शादी करके पीक पर कैरिअर छोड़ देना बीते दौर की ऐक्ट्रिसेस के लिए आम बात थी।
लेकिन बदलते हालात में, सीनियरिटी के हिसाब से चलूँ तो पहले रानी मुखर्जी, विद्या बालन और अब यमी गौतम के काम को देखकर खुशी संग हैरानी होती है कि इन्होंने अपने कैरेक्टर चॉइस में क्या ग़जब परिवर्तन कर दिया है।
हमारे बचपन में जो फ़िल्में आती थीं उनमें हिरोइन की सारी मेहनत मेकअप या टाँग तोड़ डांस करने में ही दिखाई देती थी। लेकिन आज फेयर (ग्लो पढ़ें) एण्ड लवली यमी गौतम, एक के बाद एक ऐसे कैरेक्टर कर रही हैं जिसमें न कोई लव ऐंगल है, न ही वो प्यारी सी गुड़िया लग रही हैं और न ही पेड़ के पीछे नाचती नज़र आ रही हैं।
बात आर्टिकल 370 की करूँ तो ये पूरी फिल्म ही NIA officer बनी यमी गौतम के कंधों पर टिकी है और यकीन मानिए, यमी ने कहीं भी ये महसूस नहीं होने दिया है कि यार, ऐसे एक्शन के लिए तो किसी विकी कौशल या अक्षय कुमार को लेना चाहिए था।
एक सीन है, जिसमें उन्हें पता चलता है कि उनके सीनियर की वजह से उनका पूरा ओपेरेशन खराब हुआ है; वहाँ गुस्से में उनकी एक वॉक है! उसके बाद फट पड़ने वाले डाइलॉग्स भी हैं पर वो जो वॉक है, उसमें ऐसी अकड़, ऐसा कॉन्फिडेंस झलकता है कि हॉल में बैठे देखने पर भी मन मचल उठता है कि इसको रीवाइन्ड करके देखा जाए। 80% फिल्म में उनके बाल बँधे हैं, चेहरे पर मुस्कान का नामों निशान नहीं है।
ये कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यमी गौतम एक ऐक्टर के तौर पर बहुत मैच्योर हुई हैं। ARTICLE 370 के प्रॉडयूसर आदित्य धर हैं, लेकिन डायरेक्शन आदित्य जंभाले ने किया है।
पर आप फ़िल्म देखें तो फर्स्ट हाफ आपको बिल्कुल ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसा लगता है। स्ट्रक्चर वही फॉलो होता है कि शुरुआत एक मिशन से, मिशन के बाद fall back, फिर कुछ तेज़ तर्रार संवाद, हीरो का पिछड़ना, हीरो के पर्सनल इशूज़ और फिर एक तगड़ा हमला और इन्टरवल।
यहाँ तक पहुँचते-पहुँचते मेरी आँखें भीग चुकी थीं। पर इन्टरवल के बाद फिल्म अच्छी होते हुए भी प्रेडिकटेबल होती गई और डायरेक्टर इतने ट्विस्ट्स में उलझने लगे कि थ्रिल वाला पार्ट कमज़ोर पड़ गया।
क्या है न कि आर्टिकल 370 पर घर वाले मंत्री जी का फ़ेमस भाषण हो या कश्मीर के फेमस नेता का स्टेटमेंट, ये सब इतना नया है कि हम लोग अभी भूले नहीं है। फिल्म के characters तो इस सस्पेंस में हैं कि पता नहीं ये बिल पास होगा या नहीं, लेकिन हम वो उत्साह महसूस नहीं महसूस कर पा रहे हैं क्योंकि बात अभी 2019 की ही है। मगर मैं ये भी जोड़ना चाहूँगा कि B62 production और jio Studios ने रिसर्च से लेकर सेट और एक्शन सीक्वेंस तक, कहीं कंजूसी नहीं की है। शानदार BGM ने इस फिल्म को अच्छे से बेहतर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
आर्टिकल 370 सिर्फ इसलिए नहीं देखी जानी चाहिए कि इतने बड़े मुद्दे पर है, बल्कि इसलिए भी देखी जानी चाहिए कि महिला किरदारों पर सीटियाँ, फब्तियाँ तो हॉल में बहुत सुनने को मिली हैं, पर लंबे समय बाद इस फ़िल्म में दर्शकों द्वारा यमी गौतम और प्रियामणि के लिए ताली बजती सुनाई दी हैं।
ज़बरदस्ती लिपस्टिक, घूँघट, पीरीअड, रोग-संभोग, आदि पर डायरेक्ट स्पीच देने की बजाए यूँ कहानियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़े, तो ऐसा फेमिनिज़्म पर वो बिचारे भी तारीफ करने पर मजबूर हो जाते हैं जिन्हें फेसबुक पर फेमिनिज़्म शब्द से नफरत होती है।
बहरहाल, आपको यमी गौतम की acting कैसी लगती है?
#article370 सिनेमा अपने सर्वश्रेष्ठ में है: प्रबुद्ध, आकर्षक और प्रभावशाली ... यह वास्तव में #yamigautam का आज तक का सबसे अच्छा काम है, भयानक है, एक पुरस्कार-योग्य कार्य रखता है... #प्रियामणि बेहतरीन... जरूर, जरूर देखना चाहिए! #article370समीक्षा
घटनाओं के अनुक्रम को सरल बनाने और विषय सामग्री के प्रति सच्चे रहने के लिए लेखन टीम को बधाई ... निदेशक #आदित्यसुहासजांभले विशेषज्ञता के साथ सामग्री को कार्यान्वित करने के लिए ब्राउनी पॉइंट्स के हकदार हैं।
#article370 में कई दिलचस्प पात्र हैं जो अपने-अपने भागों में चमकते हैं: #arungovil [प्रधानमंत्री के रूप में], #kirankarmarkar [गृहमंत्री के रूप में], #divyaseth, #rajzutshi और #vaibhavtatwawadi.