बच्चों के सामने मां को फावड़े से काट डाला:बेटा और बेटी बचाने आए तो उन्हें भी मारा, महिला के सिर पर किए ताबड़तोड़ वार.........!!

गाजियाबाद में बच्चों के सामने उनकी मां की फावड़े से काटकर हत्या कर दी गई। मां की चीख सुनकर बचाने आए बेटी और बेटे पर भी पिता ने हमला कर दिया। जिसमें वह घायल हो गए। चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग मौके पर इकठ्‌ठा हेा गए। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची। आसपास के लोगों और बच्चों से मामले की जानकारी ली। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया। जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। पुलिस पूछताछ में अब तक सामने आया है कि आरोपी पति को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था, जिस कारण उसने वारदात को अंजाम दिया है। मामला थाना लोनी की मुस्तफाबाद कॉलोनी का है।

कुरान पर चले थे केस...

बहुत कम लोग जानते है कि सन 1986 में दिल्ली में कुरान पर केस चला था... और कुरान की 26 आयतों को दिल्ली कोर्ट ने विवादित, अमानवीय एवम शर्मनाक घोषित किया था... उस समय जो जज थे उनका नाम जस्टिस जेड एस लोहाट था...

हुआ ये था कि दिल्ली के इन्द्रसेन शर्मा और राजकुमार आर्य नामक दो व्यक्तियों ने कुरान की आयतों को दीवारों पर लिखवा दिया था... जिसमे लिखा था कि जो इस्लाम को न माने उसे कत्ल कर दो इत्यादि। ये सब देखकर मुस्लिम भड़क गए... दोनो को गिरफ्तार कर लिया गया... और दोनो को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जस्टिस लोहाट के सामने पेश किया गया... दोनो की तरफ से यह दलील दी गयी कि हुज़ूर हमने वही लिखा है जो कुरान कहती है... जस्टिस लोहाट ने जजमेंट देने से पहले दिल्ली, यूपी के कई मुल्ला मौलवियों को सफाई देने के लिए बुलाया था, किन्तु एक भी मुल्ला मौलवी हाज़िर न हुआ... बल्कि राजनीतिक दवाब बनाकर केस ही खारिज करने की कोशिश की जा रही थी क्योंकि हकीकत सामने आचूकी थी... जस्टिस लोहाट ने अलग अलग पब्लिकेशन की कुरान मंगवाई थी, जो हिंदी, उर्दू एवम अंग्रेज़ी भाषा मे थी ताकि इंटरप्रिटेशन का प्रॉब्लम न हो... किन्तु एक भी मौलवी सामने न आया... जिस से सब कुछ साफ साफ साबित हो गया और जज साहब ने जजमेंट दिया...

31 जुलाई 1986 को जस्टिस लोहाट ने दोनो आरोपियों को बाइज्जत बरी करते हुए यहां तक कहा कि मुल्ला मौलवियों से अपील है कि इस किताब को बदले… इसमें सुधार करे... ये ईश्वर की किताब कैसे हो सकती है????

इतना ही नही, सन 1920 में जब मुस्लिम समुदाय ने ओछी हरकते करते हुए कृष्ण तेरी गीता जलानी पड़ेगी का नारा दिया, तब उस समय इस्लाम के प्रकांड विद्वान चंपू पंडित ने किताब लिखी जिसका नाम था "रंगीला रसूल"... ये किताब मोहम्मद पर थी। क्योंकि भगवान श्री कृष्ण तो महायोगी थे और उनकी गीता पूरी दुनिया के वैज्ञानिक पढ़ चुके है और सभी ने पढ़कर उसकी तारीफों में पुल बांधे... चाहे महान आइंस्टीन हो या परमाणु बम का अविष्कार करने वाले ओपेनहेमर जिन्होंने गीता का 11वा अध्याय पढ़ने के बाद परमाणु बम बनाया था... किन्तु जब मोहम्मद पर ये रंगीला रसूल किताब लिखी गईं और मुस्लिम सम्प्रदाय भड़क उठा... तब इलाहाबाद हाई कोर्ट में केस चला... उस समय अंग्रेज़ो का शासन था... ब्रिटिश जज ने मुल्ला मौलवियों को बुलाया औऱ पूँछा की इस किताब में क्या गलत है?? सभी मुल्ला मौलवियों ने उस किताब को पूरा सही बताया... उसमे कुछ गलत नही बताया... और इस तरह चंपू पण्डित के खिलाफ केस खारिज कर दिया गया... किन्तु केस खत्म होने के बाद भी चंपू पण्डित पर मुस्लिम समुदाय द्वारा हमले जारी थे क्योंकि उन्होंने रसूल की सच्चाई जो बया कर दी थी...

हैरानी की बात ये है कि मीडिया ने कभी भी इस केस का आजतक जिक्र न किया... बताइये... भारतीय मीडिया वामपंथ की जकड़ में जो है... मुस्लिम परस्त... ये केस गूगल में भी बड़ी मुश्किल से ढूढने से मिलता है... क्योंकि नेहरू ने इन केसों को रिकॉर्ड से हटवाने की कोशिश की... बाद में दिल्ली केस जिसमे जस्टिस लोहाट ने कुरान के खिलाफ फैसला दिया था उसका जिक्र कलकत्ता हाई कोर्ट में किया गया... और राजनीतिक दवाब, कांग्रेस के राज के कारण तत्कालीन कलकत्ता उच्च न्यायालय ने जस्टिस लोहाट के फैसले को नजरअंदाज किया... और इसे इस्लाम का व्यक्तिगत मुद्दा घोषित कर दिया...

वही कृष्ण गीता में कहते है कि,

ममैवांशो जीव लोके जीव भूत सनातनः...

अर्थात संसार का प्रत्येक जीव मेरा ही अंश है एवम सनातन है... अर्थात किसी से भी द्वेष मत करो चाहे वो मुझे मानता हो या न मानता हो...

यही कारण है कि आजतक श्रीमद्भगवद गीता के खिलाफ एक भी केस नही चला बल्कि आधुनिक अमेरिका के जनक एमर्सन कहते है कि मुझे मेरे सारे प्रश्नों का उत्तर बाइबिल एवम कुरान में नही बल्कि गीता में मिला...

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लिल्लाह.....👻

रामलीला मैदान में INDI Alliance की बैठक के मंच पर, अरविंद केजरीवाल की बड़ी तस्वीर लगाई गई थी।

लेकिन INDI Alliance के नेताओं ने इस पोस्टर पर नाराजगी जताई, इसके बाद मंच से केजरीवाल की तस्वीर हटा दी गई।।

ओम्फो...🤣🤣🤣🤣
#केजरीवाल_चोर_है
#केजरीवाल_को_आशीर्वाद 🦥

ब्रेकिंग: यूपी के अलीगढ़ में इस्लाम अपनाने से इनकार करने पर 10-15 की कट्टरपंथी भीड़ ने हिंदू व्यक्ति अमित को लोहे की छड़ों से पीट-पीटकर मारने की कोशिश की।

अपने दोस्त जाहिद से मिलने के दौरान उनके इलाके में अमित की मौजूदगी से कट्टरपंथी नाराज थे। उन्होंने उसे अल्टीमेटम दिया कि या तो वह इस्लाम अपना ले या इलाके में आना बंद कर दे। जब अमित ने मना किया तो भीड़ ने उस पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया.

रामेश्वरम कैफे विस्फोट की जांच से पता चला है कि इस्लामी आतंकवादी फर्जी आधार कार्ड, सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे और हिंदू नामों से पहचान बना रहे थे।

मुसाविर हुसैन शाजिब और अब्दुल मथीन अहमद ताहा ने 'विपेश', 'सुमित', 'अरुण' और 'प्रेमचंद्र' जैसे नामों का इस्तेमाल किया।

ऐसा संभवतः हिंदुओं को आतंकी कृत्यों के लिए दोषी ठहराने के लिए किया गया था।

सभी कुकर्म फेल हो गया 😳

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तमाम स्टारों ने रवि किशन की महादेव का गोरखपुर को सराहने के साथ देखने की अपील किया ।
कोई भी बदलाव एक दिन में नहीं होता और यह बात हम सभी अच्छी तरह से जानते हैं । भोजपुरी फिल्मों में इसी बदलाव की प्रतीक्षा लम्बे समय से की जा रही ठीक धीरे धीरे कई निर्माता निर्देशक इस बावत प्रयास कर भी रहे थे लेकिन बड़े स्तर पर बड़े बजट के साथ कोई इस भोजपुरी की नाव का खेवइया नहीं बनना चाहता था, सबको डर था कि कहीं उनकी नाव बीच मझधार में डूब ना जाए , लेकिन इसी डर को भगाते हुए मेगास्टार रवि किशन ने एक बड़ा स्टेप लिया और भोजपुरी की अबतक सबसे बड़ी फिल्म महादेव का गोरखपुर का निर्माण कर दिया । यह फ़िल्म भोजपुरी फिल्मों के वास्तव में रिफॉर्मेशन का सबसे बड़ा उदाहरण बनने जा रही है। यह पहली बार इस फ़िल्म जगत में हो रहा है कि किसी भोजपुरी फ़िल्म की चहुंओर प्रशंसा हो रही है और भोजपुरी, हिंदी सहित तमाम भाषाओं में फ़िल्म के रिलीज होने का इंतज़ार दर्शक बेसब्री से कर रहे हैं। दर्शक तो दर्शक यहां पर तो बड़ी सेलिब्रिटियों को भी महादेव का गोरखपुर के रीलीजिंग का बेसब्री से इंतज़ार है । पहली बार भोजपुरी फ़िल्म जगत से सभी लोगों ने किसी एक फ़िल्म को देखने के लिए मास अपील किया है । यह देखने मे आ रहा है कि सबके अंदर इस फ़िल्म को लेकर उतनी ही जिज्ञासा है और देखने की ललक है , जितना कि एक आम दर्शक को होती है । अब सोंचिये की यदि कोई बड़ा स्टार खुद किसी अन्य फ़िल्म की प्रशंसा करे तो दर्शक उसे कैसे इग्नोर कर सकते हैं ? बड़े लेबल पर यदि कोई सुपरस्टार किसी दूसरे स्टार की फ़िल्म को देखने की अपील करते हैं तो इसका असर बहुत बड़े स्तर पर पड़ता ही है । महादेव का गोरखपुर आगामी 29 मार्च को वर्ल्डवाइड थियेटरों में रिलीज हो रही है । जिसको भारत के कई भाषाओं मे लगभग 500 थियेटरों सहित विदेशों में भी रिलीज किया जा रहा है जिसमें अमेरिका के 12 थियेटर भी शामिल हैं । महादेव का गोरखपुर को देखने की अपील करने वालों में खेसारी लाल यादव, पवन सिंह, आम्रपाली दुबे, पूनम दुबे, अवधेश मिश्रा, शुभम तिवारी, पराग पाटिल, शिल्पी राज , विक्रांत सिंह, राकेश मिश्रा, मनीष कश्यप, शुभी शर्मा, शिल्पी राज सहित तमाम लोग शामिल हैं।

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मुहम्मद अली का सम्मान 74 वर्ष 😍

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सलमान खान ( Salman Khan) 57 साल के हो गए हैं, आज भी उनकी फीमेल फैन फॉलोइंग जबरदस्त है. इस बात का सबूत इस लड़की ने दिया है, जिसने अपने शरीर पर सलमान खान की तस्वीर अपने शरीर पर छपवा कर घर के बाहर खड़ी हो गईं.

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वात्सल्य एकेडमी, कबीर नगर, खोजवां के वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुआ।
वात्सल्य के बच्चे अत्यन्त ही मेधावी और विविध विषयों में पारंगत हैं। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मेरी अनन्त शुभकामनाएं।
साथ थे मेरे अभिभावक समान, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री अशोक पांडेय जी, श्री मनोज श्रीवास्तव जी, श्री सौरभ पाठक जी व अन्य।
Bharatiya Janata Party (BJP) BJP Uttar Pradesh

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वात्सल्य एकेडमी, कबीर नगर, खोजवां के वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुआ।
वात्सल्य के बच्चे अत्यन्त ही मेधावी और विविध विषयों में पारंगत हैं। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मेरी अनन्त शुभकामनाएं।
साथ थे मेरे अभिभावक समान, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री अशोक पांडेय जी, श्री मनोज श्रीवास्तव जी, श्री सौरभ पाठक जी व अन्य।
Bharatiya Janata Party (BJP) BJP Uttar Pradesh

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