Ontdekken postsOntdek boeiende inhoud en diverse perspectieven op onze Ontdek-pagina. Ontdek nieuwe ideeën en voer zinvolle gesprekken
अब पूरी बात पता चली
अभिषेक मनु सिंघवी ने अरविंद केजरीवाल से डील किया था कि जस्टिस लोग मेरे बैचमेट हैं मैं तुमको चुनाव तक जेल से बाहर निकलवा सकता हूं मेरी फीस के अलावा तुम्हें मुझे राज्यसभा भेजना होगा
अरविंद केजरीवाल ने डील कर लिया
अरविंद केजरीवाल ने राज्यसभा में दो सीट पहले ही बेच दिया है और एक संजय सिंह है और दूसरी स्वाति मालीवाल है
फिर स्वाति मालीवाल को घर पर बुलाया गया और उनसे कहा गया कि आप राज्यसभा से इस्तीफा दे दीजिए आपकी जगह हम सर जी को बाहर निकलने वाले अभिषेख मनु सिंघवी को राज्यसभा भेजेंगे क्योंकि हमारी डील हुई है
स्वाति मालीवाल ने इस्तीफा देने से मना किया तब उन्हें केजरीवाल के आदेश पर मारा गया पीटा गया और उनसे जबरदस्ती इस्थिपे पर दस्तखत करवाने की कोशिश की गई
भाई इस धरती से जब 100 करोड़ नीच मरते हैं तब एक केजरीवाल पैदा होता है
कल राहुल गांधी द्वारा रायबरेली के मुंशीगंज में एक सैलून में दाढ़ी बनवाते देख 1980 में मेरे जिले कुशीनगर के नारायनपुर में घटी एक घटना याद आ गई जो मेरे पिताजी मुझे बताते थे
केंद्र में इंदिरा गांधी की सरकार थी वह प्रधानमंत्री थी और उत्तर प्रदेश में जनता पार्टी की सरकार थी बाबू बनारसी दास मुख्यमंत्री थे
इंदिरा गांधी के आंखों में बाबू बनारसी दास की सरकार रेत की तरह चुभ रही थी वह चाह कर भी अपने गृह प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बना पा रही थी और उन्हें यह दुख था कि आज उत्तर प्रदेश में मेरे रहते हुए जनता पार्टी की सरकार क्यों है
और इंदिरा गांधी किसी न किसी बहाने बाबू बनारसी दास की सरकार को बर्खास्त करना चाहती थी
और यह पूरी बात आज जो कांग्रेसी मोदी को तानाशाह कहते हैं उन्हें जरूर जाननी चाहिए
उसी समय कुशीनगर जिले के कप्तानगंज के पास नारायनपुर में एक बुजुर्ग महिला बसरकालिया को एक बस ने टक्कर मारा जिससे उसकी मौत हो गई
बसरकालिया के बेटे और बहू पहले ही गुजर चुके थे वह अपने पोते और एक पोती सोनकेशिया का पालन पोषण कर रही थी यानी अब उसके पोते और पोती सोनकेशिया अनाथ हो गए
तुरंत ही इंदिरा गांधी विशेष विमान से नारायनपुर पहुंची और सोनकेशिया को गोद में लेकर कहा अब यह मेरी बेटी है और मैं इसे गोद लेने का ऐलान करती हूं और यह मेरे साथ दिल्ली में रहेगी इसकी पढ़ाई लिखाई पालन पोषण का पूरा जिम्मा मेरा
और इंदिरा गांधी ने इसी बस एक्सीडेंट को मुद्दा बनाकर बाबू बनारसी दास की सरकार को बर्खास्त कर दिया
इंदिरा गांधी सोनकेशिया को अपने साथ विमान में दिल्ली ले गई तीन मूर्ति भवन जहां वह रहती थी वहां पूरी दुनिया की मीडिया को बुलाया गया वहां फोटो शूट हुआ इंदिरा गांधी ने उसे अपनी बेटी घोषित किया
और 15 दिनों के बाद चुपचाप दो कांग्रेसी नेता सोनकेशिया को दिल्ली से ट्रेन में बिठाकर गोरखपुर ले आये और गोरखपुर से बस में बिठाकर नारायणपुर गांव में छोड़कर चले गए क्योंकि इंदिरा गांधी का मकसद पूरा हो गया था
अब 3 दशक तक सोनकेशिया गांव में भीख मांग कर मजदूरी करके अपना गुजारा करती रही
जिसे पूरी दुनिया ने इंदिरा गांधी की बेटी घोषित किया था वह तीन दशक तक मजदूरी और भीख मांग करके गुजर की
और जब उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सत्ता में आए तब उसको प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिया गया उसके यहां शौचालय बना
आप लोग गूगल पर इस घटना को सर्च करिए और सोचिए कि यह कांग्रेसी और यह नीच गांधी परिवार कितना बड़ा धूर्त है और इस परिवार सिर्फ एकमात्र मकसद है कि किसी भी तरह भारत की सत्ता में रहना सत्ता का मौज उठाना
और सत्ता के लिए यह दोगले परिवार गांधी परिवार के लोग नीचता की हद करते हैं
कल राहुल गांधी द्वारा रायबरेली के मुंशीगंज में एक सैलून में दाढ़ी बनवाते देख 1980 में मेरे जिले कुशीनगर के नारायनपुर में घटी एक घटना याद आ गई जो मेरे पिताजी मुझे बताते थे
केंद्र में इंदिरा गांधी की सरकार थी वह प्रधानमंत्री थी और उत्तर प्रदेश में जनता पार्टी की सरकार थी बाबू बनारसी दास मुख्यमंत्री थे
इंदिरा गांधी के आंखों में बाबू बनारसी दास की सरकार रेत की तरह चुभ रही थी वह चाह कर भी अपने गृह प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बना पा रही थी और उन्हें यह दुख था कि आज उत्तर प्रदेश में मेरे रहते हुए जनता पार्टी की सरकार क्यों है
और इंदिरा गांधी किसी न किसी बहाने बाबू बनारसी दास की सरकार को बर्खास्त करना चाहती थी
और यह पूरी बात आज जो कांग्रेसी मोदी को तानाशाह कहते हैं उन्हें जरूर जाननी चाहिए
उसी समय कुशीनगर जिले के कप्तानगंज के पास नारायनपुर में एक बुजुर्ग महिला बसरकालिया को एक बस ने टक्कर मारा जिससे उसकी मौत हो गई
बसरकालिया के बेटे और बहू पहले ही गुजर चुके थे वह अपने पोते और एक पोती सोनकेशिया का पालन पोषण कर रही थी यानी अब उसके पोते और पोती सोनकेशिया अनाथ हो गए
तुरंत ही इंदिरा गांधी विशेष विमान से नारायनपुर पहुंची और सोनकेशिया को गोद में लेकर कहा अब यह मेरी बेटी है और मैं इसे गोद लेने का ऐलान करती हूं और यह मेरे साथ दिल्ली में रहेगी इसकी पढ़ाई लिखाई पालन पोषण का पूरा जिम्मा मेरा
और इंदिरा गांधी ने इसी बस एक्सीडेंट को मुद्दा बनाकर बाबू बनारसी दास की सरकार को बर्खास्त कर दिया
इंदिरा गांधी सोनकेशिया को अपने साथ विमान में दिल्ली ले गई तीन मूर्ति भवन जहां वह रहती थी वहां पूरी दुनिया की मीडिया को बुलाया गया वहां फोटो शूट हुआ इंदिरा गांधी ने उसे अपनी बेटी घोषित किया
और 15 दिनों के बाद चुपचाप दो कांग्रेसी नेता सोनकेशिया को दिल्ली से ट्रेन में बिठाकर गोरखपुर ले आये और गोरखपुर से बस में बिठाकर नारायणपुर गांव में छोड़कर चले गए क्योंकि इंदिरा गांधी का मकसद पूरा हो गया था
अब 3 दशक तक सोनकेशिया गांव में भीख मांग कर मजदूरी करके अपना गुजारा करती रही
जिसे पूरी दुनिया ने इंदिरा गांधी की बेटी घोषित किया था वह तीन दशक तक मजदूरी और भीख मांग करके गुजर की
और जब उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सत्ता में आए तब उसको प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिया गया उसके यहां शौचालय बना
आप लोग गूगल पर इस घटना को सर्च करिए और सोचिए कि यह कांग्रेसी और यह नीच गांधी परिवार कितना बड़ा धूर्त है और इस परिवार सिर्फ एकमात्र मकसद है कि किसी भी तरह भारत की सत्ता में रहना सत्ता का मौज उठाना
और सत्ता के लिए यह दोगले परिवार गांधी परिवार के लोग नीचता की हद करते हैं
कल राहुल गांधी द्वारा रायबरेली के मुंशीगंज में एक सैलून में दाढ़ी बनवाते देख 1980 में मेरे जिले कुशीनगर के नारायनपुर में घटी एक घटना याद आ गई जो मेरे पिताजी मुझे बताते थे
केंद्र में इंदिरा गांधी की सरकार थी वह प्रधानमंत्री थी और उत्तर प्रदेश में जनता पार्टी की सरकार थी बाबू बनारसी दास मुख्यमंत्री थे
इंदिरा गांधी के आंखों में बाबू बनारसी दास की सरकार रेत की तरह चुभ रही थी वह चाह कर भी अपने गृह प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बना पा रही थी और उन्हें यह दुख था कि आज उत्तर प्रदेश में मेरे रहते हुए जनता पार्टी की सरकार क्यों है
और इंदिरा गांधी किसी न किसी बहाने बाबू बनारसी दास की सरकार को बर्खास्त करना चाहती थी
और यह पूरी बात आज जो कांग्रेसी मोदी को तानाशाह कहते हैं उन्हें जरूर जाननी चाहिए
उसी समय कुशीनगर जिले के कप्तानगंज के पास नारायनपुर में एक बुजुर्ग महिला बसरकालिया को एक बस ने टक्कर मारा जिससे उसकी मौत हो गई
बसरकालिया के बेटे और बहू पहले ही गुजर चुके थे वह अपने पोते और एक पोती सोनकेशिया का पालन पोषण कर रही थी यानी अब उसके पोते और पोती सोनकेशिया अनाथ हो गए
तुरंत ही इंदिरा गांधी विशेष विमान से नारायनपुर पहुंची और सोनकेशिया को गोद में लेकर कहा अब यह मेरी बेटी है और मैं इसे गोद लेने का ऐलान करती हूं और यह मेरे साथ दिल्ली में रहेगी इसकी पढ़ाई लिखाई पालन पोषण का पूरा जिम्मा मेरा
और इंदिरा गांधी ने इसी बस एक्सीडेंट को मुद्दा बनाकर बाबू बनारसी दास की सरकार को बर्खास्त कर दिया
इंदिरा गांधी सोनकेशिया को अपने साथ विमान में दिल्ली ले गई तीन मूर्ति भवन जहां वह रहती थी वहां पूरी दुनिया की मीडिया को बुलाया गया वहां फोटो शूट हुआ इंदिरा गांधी ने उसे अपनी बेटी घोषित किया
और 15 दिनों के बाद चुपचाप दो कांग्रेसी नेता सोनकेशिया को दिल्ली से ट्रेन में बिठाकर गोरखपुर ले आये और गोरखपुर से बस में बिठाकर नारायणपुर गांव में छोड़कर चले गए क्योंकि इंदिरा गांधी का मकसद पूरा हो गया था
अब 3 दशक तक सोनकेशिया गांव में भीख मांग कर मजदूरी करके अपना गुजारा करती रही
जिसे पूरी दुनिया ने इंदिरा गांधी की बेटी घोषित किया था वह तीन दशक तक मजदूरी और भीख मांग करके गुजर की
और जब उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सत्ता में आए तब उसको प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिया गया उसके यहां शौचालय बना
आप लोग गूगल पर इस घटना को सर्च करिए और सोचिए कि यह कांग्रेसी और यह नीच गांधी परिवार कितना बड़ा धूर्त है और इस परिवार सिर्फ एकमात्र मकसद है कि किसी भी तरह भारत की सत्ता में रहना सत्ता का मौज उठाना
और सत्ता के लिए यह दोगले परिवार गांधी परिवार के लोग नीचता की हद करते हैं
