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कांग्रेस और भाजपा के संस्कार में फर्क साफ है!

कांग्रेस सरकार द्वारा पोषित तुष्टिकरण का खामियाजा 'तीन तलाक' पीड़िता शाहबानो को भुगतान पड़ा, जबकि मोदी सरकार ने 'तीन तलाक कानून' लाकर मुस्लिम बहनों को इस कुप्रथा से आजादी दिलाई।

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कांग्रेस और भाजपा के संस्कार में फर्क साफ है!

कांग्रेस की सरकारों में ओडिशा की पहचान को खराब करने के प्रयास होते थे, वहीं मोदी सरकार आज ओडिशा को विकास यात्रा से जोड़ इस प्रदेश का गौरव बढ़ा रही है।

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भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री J.P.Nadda आज रात 80 बजे News18 चौपाल कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

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🚀 Let go of these business myths for true success! 🌐

1. Work smart, not 24/7.
2. Quality team beats quantity.
3. Balance passion with strategic decisions.
4. Success is a journey, not an overnight stay.
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"श्री लाल कृष्ण आडवाणी जी भारत रत्न के लिए अत्यंत उपयुक्त व्यक्ति हैं। आडवाणी जी को भारत रत्न चुना जाना अत्यंत उचित निर्णय है। आडवाणी जी अभी तक के जीवन में अपने सभी कार्यों को निष्ठापूर्वक करते चले आ रहे हैं। आज रामलला जी की जो गौरवपूर्ण प्राण प्रतिष्ठा स्थापना हुई है, उसके लिए श्री लाल कृष्ण आडवाणी जी ने बहुत प्रयास और मेहनत की है। राम रथयात्रा के दौरान आडवाणी जी को गिरफ्तार करने वाले लालू आज जेल के चक्कर काट रहे हैं। ऐसे देशभक्त नेता बहुत ही गिने चुने होते हैं।"
--- डॉ ज्योत्सना श्रीवास्तव जी,
पूर्व विधायक
जब माँ-पिताजी कभी उनसे मिलने जाते थे तो इतने बड़े नेता होने के बावजूद भी श्री लालकृष्ण आडवाणी जी हाथ पकड़कर अंदर ले जाते थे और बातचीत होने के बाद वह बाहर तक छोड़ने जाते थे। श्री लाल कृष्ण आडवाणी जी को भारत रत्न देने की घोषणा से आज कोई ऐसा नहीं होगा जो प्रसन्न न हो।
इस निर्णय के लिए हम सभी आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी का हृदय से अभिनन्दन करते हैं।
मा. आडवाणी जी, एक कार्यक्रम के दौरान पूज्य पिताश्री को वरिष्ठ कार्यकर्ता के तौर पर सम्मानित करते हुए।

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केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कहा - किसान भी फसल को बेचकर आराम करते हैं लेकिन मोदी जी ने पिछले 10 साल में एक दिन भी आराम नहीं किया है.

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सिंधु घाटी बनाम हिन्दू घाटी ..

तो पहले बताइये कि सिंधु घाटी के अवशेषों को जब आपने बचपन मे पढ़ा, तो क्या समझा था? आपने सवाल भी परीक्षा में हल किया होगा-

सिंधु घाटी के शहरों के प्रमुख गुण बताइये।
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उत्तर लिखा- यहां अन्न के गोदाम थे, बंदरगाह थे, समकोण पर काटती सड़कें, उनके किनारे दोनों तरफ जल निकासी की नाली..

स्नानागार थे, बाजार थे, प्रशासनिक शहर अलग था, आम शहर अलग। सीलें थी, नर्तकियां थी, बैलगाड़ी थी।

तो क्या सिंधु घाटी सभ्यता बड़े बड़े गांव की सभ्यता थी??
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शहरीकरण एक सभ्यता का पिनाकल है- सबसे उत्कृष्ट फल। शहर का मलतब आसपास के गांवों का एक केंद्र।

जो आसपास के गांव, बस्तियो, दस्तकारों और खेतों की उपज का एक्सचेंज करने वाला इंटरफेस।

शहर में खेत नही होते।
तब फैक्ट्री भी नही होती थी।

सब कुछ आसपास के गांवों से आता। यहां भंडारण होता, बल्किंग और ग्रेडिंग होती। देश विदेश भेजा जाता।

याने सिर्फ शहर नही, आसपास बडी मात्रा में गांव बसे थे, पूरी व्यवस्था थी। गांव के अवशेष खत्म हो जाते हैं।

शहरों के अवशेष रह गए।
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तो सील बताती है कि हुंडी, याने बैंकिंग सिस्टम चलता था। व्यापार पर चुंगी दी जाती याने, सिटी की एक गवरमेंट थी।

ऑर्गनाइज्ड शहर बताते हैं कि बसाने वाले आर्किटेक्चर समझते थे। जल जनित रोग और स्वास्थ्य से वाकिफ थे।

सामूहिक स्नानागार सोशल मीडिया थे, जहां लोग पानी मे डूबे गपियाते थे। जाहिर है यह निर्माण निजी नही होगा। तो सरकार का ध्यान वेलफेयर पर था।
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तकरीबन सभी शहरों में ईंटों का आकार एक जैसा है। याने कोई सेंट्रल गवरमेंट भी थी।

ये जो बंदरगाह थे, वे नदियों के पास थे, याने नहर खोदकर विशाल तालाब और उसके किनारों पर बंदरगाह बनाने की विद्या, तकनीक, फाइनांस और गवर्मेंट मौजूद थे।

इस तरह आधुनिक युग मे, आप जो वेलफेयर गवरनेन्स से अपेक्षा करते है, वह सब कुछ सिंधु घाटी सभ्यता में दिखता है।

तो मान लीजिये दुनिया जब कांसे और पत्थर से जूझ रही थी, भारत मे एक पूरा विकसित देश मौजूद था।

इसके बाद एकाएक ...
सब कुछ नष्ट हो जाता है।

गायब। वैनीश!!! छू ss
चोले गोयछे!!!
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इतिहास फिर से शुरू होता है। एक नया भारत बनता है, जहां सोसायटी प्रिमिटिव स्टेज में जा चुकी है।

गौ पूजा, यज्ञ हवन, (ऋग्वेद) जादू- टोना (अथर्ववेद) में लौट गई। इनमे जंगल मे बसने वाले छोटे छोटे कबीलों, उनकी बेसिक मिनिमल लाइफ का विवरण मिलता है।

सभ्यता यहां से वह फिर जीरो से शुरू करती है। ग्राम, विश्, जन, जनपद, महाजनपद .. कोई एक हजार साल बाद एक ऑर्गनाइज्ड नगर मिलता है।

बिम्बिसार का पोता उदायिन, मगध की नई राजधानी बसाता है - पाटलिपुत्र..

ऐसा क्या हुआ, जो भारत की सभ्यता एकाएक गायब हो जाती है। जिस जगह पर वह थी, उसी बिंदु पर लौटने में एक हजार साल लगते है??
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सिंधु घाटी सभ्यता में एक दाढ़ी वाले की तस्वीर मिली है। उसकी नाक कटी हुई है। हो न हो, मुझे लगता है कि इस आदमी ने ही जरूर कुछ गड़बड़ की होगी।

कोई लिखित प्रमाण तो नही, मगर इतिहास अगर भविष्य की झलक देता है, तो वर्तमान से भी इतिहास की झलक देखी जा सकती है।

आखिर तीन हजार साल बाद भी एक दाढ़ी वाले को हिन्दू सभ्यता का नाश करते देख ही रहे हैं।
तो सिंधु सभ्यता में ऐसा क्यों नही हो सकता।

दो हजार साल बाद भारत की खुदाई से बन्द पड़े कारखाने, खाली गोदाम, बेतरतीब विशाल शहर, और ऑक्सीजन के अभाव में मरे लोगो के कंकाल से भरे मन्दिर और, भव्य राजप्रासाद ले खंडहर मिलेंगे।

तो उसके साथ एक दाढ़ी वाले की अनगिनत तस्वीरे भी मिलेंगी।

मोर को दाना खिलाते हुए...
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तब इतिहासकारों के सामने प्रश्न होगा। ये कौन सी सभ्यता है??

सिंधु सभ्यता या हिन्दू सभ्यता..

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