वक्फ बोर्ड का यह है अदभुत कारनामा,
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का कस्बा बरनावा(वर्णावत),
बरनावा में है महाभारत काल का 100 बीघा में फैला वो लाक्षाग्रह,
जो पुरोचन नाम के एक शिल्पकार ने ज्वलनशील पदार्थ मोम और लाख से निर्मित किया था।
जिसमें दुर्योधन ने पांडवों को अतिथि बना कर जिंदा जला कर मौत देने का षड्यंत्र रचा था।
लक्षाग्रह को तीर्थ मान का हिंदू हजारों साल से पूजा पाठ करते हैं।
1970 में वक्फ बोर्ड के एक मुस्लिम समाज के व्यक्ति ने मेरठ की अदालत में अपना दावा ठोक दिया।
पुरातत्व विभाग को सर्वेक्षण में वहां महाभारतकालीन सबूत मिले हैं। राजस्व अभिलेखों में लाक्षा ग्रह के नाम से वह भूमि लिखी हुई है।
53 साल की अदालती लड़ाई के बाद अदालत ने उपलब्ध सबूतों के आधार हिंदू पक्ष में फैसला दिया है।
मुस्लिम समुदाय को अदालत के फैसले को मानना चाहिए।
(ध्यान रखना यह विवाद वक्फ बोर्ड एक्ट 1995 से पूर्व का है)
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