Discover postsExplore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations
रात के अँधेरे के बीच सरसो के खेत मे हुआ था क़त्ल
अपने 2 प्रेमियों के साथ सेक्स कर रही थी युवती.. अचानक आ गया चाचा.. तीनो ने मिलकर मौत की नींद सुलाया.. अब पकडे गए तो खुला ब्लाइंड मर्डर केस का राज़
मर्डर के खुलासे से पहले लड़की के दर्जनों प्रेमी पुलिस पूछताछ मे पिटे.. लास्ट सीडीआर से पकडे गए असली क़ातिल.. कई मोबाइल एक साथ ऑपरेट करती थी लड़की
UP :रायबरेली के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में खेत में मिले मिस्त्री सहजराम के शव के मामले में रायबरेली पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मृतक सहज राम की भतीजी रिया व उसके दो प्रेमी संजीव कुमार पुत्र राम किशोर व हर्षित पुत्र हरिश्चंद्र निवासी दोस्तपुर थाना बछरावां को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ शुरू की तो उन तीनों ने अपना जुर्म कबूल लिया। खुलासा करते हुए बताया गया कि रात के अँधेरे मे सरसो के खेत मे लड़की अपने 2 प्रेमियों के साथ सेक्स कर रही थी.. अचानक चाचा सहजराम मोबाइल टोर्च की रोशनी मे नज़दीक आया तो तीनो ने मिलकर ग्रामीण का मर्डर कर दिया था। लड़की ने ही कॉल करके दोनों प्रेमी एक साथ बुलाये थे। लड़की के बारे मे पता चला की वह मोबाइल पर अश्लील फिल्मे देखती थी.. शायद उसी से प्रभावित होकर एक साथ 2 युवकों की बुलाया था।
एडिशनल एसपी नवीन कुमार सिंह ने हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि शिवगढ़ थाना क्षेत्र में मिस्त्री सहज़राम का शव बीते 12 मार्च को सरसों के खेत से बरामद हुआ था। शरीर पर चोट के निशान थे।जिससे मामला हत्या का ही प्रतीत हो रहा था. पुलिस इस ब्लाइंड मर्डर पर काम कर रही थी, मुखबिर ने मृतक की भतीजी रिया के बारे में बताया कि 'गांव के कई युवकों से उसके प्रेम संबंध हैं'... इसके बाद
पुलिस ने गांव के उन युवकों के नंबर की सीडीआर निकाली तो युवती के नंबर से इन पर अलग-अलग समय पर बात होती रही है। पुलिस ने कई नवयुवकों को हिरासत में लिया. लेकिन, उन लोगों ने प्रेम प्रसंग की बात तो कुबूल की. लेकिन, हत्या में शामिल होने से इंकार कर दिया. जिसके बाद पुलिस ने युवती से पूछताछ शुरू की।
एडिशनल एसपी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ में युवती ने बताया कि उसके गांव के अलावा दूर दराज के कुछ युवकों से भी उसका प्रेम प्रसंग था। उसने बताया कि 12 मार्च को बछरावां थाना क्षेत्र के रहने वाले संजीव और हर्षित को उसने रात में मिलने बुलाया था... गांव के पास ही सरसों के खेत में जब तीनों आपत्तिजनक स्थिति में थे, तभी उधर से युवती का चाचा निकला. खेत में मोबाइल की रौशनी दिखने पर मृतक नजदीक चला गया. मौके पर मृतक की भतीजी और दो अन्य युवक आपत्तिजनक हालत में थे। जिसके बाद युवती का चाचा (मृतक) आक्रोशित हो गया. इस दौरान राज खुलने के डर से तीनों ने उसके गले में मफलर कसकर हत्या कर दी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।
उदयभान सिंह राठौड़ का जन्म सन् 1635 ई में भिनाई रियासत मे हुआ था। वे राजपुताने के सबसे बलशाली राजपूत योद्धा थे, उनकी तलवारबाजी में उनके सामने कोई टिक नहीं पाता था। औरंगजेब ने जयपुर रियासत के शासक राजा जय सिंह के कहने पर उदयभान सिंह राठौड़ को महाराष्ट्र के कोंडाना किले के रक्षक पद पर तैनात थे।
वीर तानाजी मालुसरे मराठा सेना के लीडर थे। उन्हें छत्रपती शिवाजी महाराज ने कोंढाणा पर हमला करने के लिए भेजा। सेना के साथ हमला के लिए पहुंचे। वहां पर पहुंचे तो उनका सामना किले की रक्षा में तैनात वहां पर उदयभान सिंह राठौड़ से हुआ। तानाजी ने बहादुरी से युद्ध किया। उदयभान से घमासान युद्ध के दौरान तानाजी घायल हो गए। अंत में किला तानाजी ने जीत लिया। लेकिन तानाजी गंभीर रूप से घायल होने के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए। पर उदयभान सिंह राठौड़ गंभीर रूप से घायल होने के बाद सूर्याजी मालुसरे के हतो मारे गये।
Sidhu moose Wala Mother Charan Kaur Blessed with Second Baby Boy With husband Balkaur Singh #sidhumoosewala #charankaur #balkaursingh #ytshort #shortsfeed #ytshortsvideo #short #yt #ytshort
यह मुन्नी है। बिहार के दरभंगा ज़िले से आकर परिवार के साथ नोएडा बस गई है। पति मेडिकल स्टोर में काम करता है। दो बच्चे हैं जिनको अच्छी शिक्षा दिलाकर , पढ़ालिखा कर काबिल और कामयाब बनाने का सपना है उसका, जिसके लिए घर से बाहर निकल कर मेहनत करती है। नोएडा की एक हाउसिंग सोसायटी के बाहर सड़क पर बढ़िया चाय-समोसे बनाती है। घर की बनाई मठरी भी रखती है। दोपहर में आ जाती है और रात तक अपने मोर्चे पर डटी रहती है। एक छोटी सी मेज पर गैस का चूल्हा रखकर काम करती थी लेकिन एक दिन नोएडा अथॉरिटी के लोग आकर इनकी खोली उजाड़ गये। उसने हिम्मत नहीं हारी और ज़मीन पर ही चूल्हा रखकर काम करती रही। थोड़ी दौड़धूप के बाद अथॉरिटी के अफसर ने उसकी मेज वापस कर दी । बहुत आशावादी है, हमेशा मुस्कुराकर, मीठे लहजे में बात करती है। महिला दिवस का मतलब उसे नहीं मालूम। 8 मार्च की तारीख सही मायनों में मुन्नी जैसी करोड़ों बेसहारा मेहनतकश महिलाओं की नामालूम कहानियों से ही आबाद है।
यह मुन्नी है। बिहार के दरभंगा ज़िले से आकर परिवार के साथ नोएडा बस गई है। पति मेडिकल स्टोर में काम करता है। दो बच्चे हैं जिनको अच्छी शिक्षा दिलाकर , पढ़ालिखा कर काबिल और कामयाब बनाने का सपना है उसका, जिसके लिए घर से बाहर निकल कर मेहनत करती है। नोएडा की एक हाउसिंग सोसायटी के बाहर सड़क पर बढ़िया चाय-समोसे बनाती है। घर की बनाई मठरी भी रखती है। दोपहर में आ जाती है और रात तक अपने मोर्चे पर डटी रहती है। एक छोटी सी मेज पर गैस का चूल्हा रखकर काम करती थी लेकिन एक दिन नोएडा अथॉरिटी के लोग आकर इनकी खोली उजाड़ गये। उसने हिम्मत नहीं हारी और ज़मीन पर ही चूल्हा रखकर काम करती रही। थोड़ी दौड़धूप के बाद अथॉरिटी के अफसर ने उसकी मेज वापस कर दी । बहुत आशावादी है, हमेशा मुस्कुराकर, मीठे लहजे में बात करती है। महिला दिवस का मतलब उसे नहीं मालूम। 8 मार्च की तारीख सही मायनों में मुन्नी जैसी करोड़ों बेसहारा मेहनतकश महिलाओं की नामालूम कहानियों से ही आबाद है।