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प्लीज् इस गरीब चहल को बख्श दे बेचारे को😜🤣
दोस्तों ये हैं संगीता फोगाट.🤔
उन्होंने यह कहकर एशियन गेम्स से किनारा कर लिया कि वह अनफिट हैं।😛
फिर वह कुछ फालतू रियलिटी डांस शो में हिस्सा लेने के लायक हो गईं।🤩
अब वह किसी छोटे दुबले पतले क्रिकेटर युजवेंद्र चहल को किसी पार्टी में उठाने के लिए ज्यादा फिट हैं।🤗
लेकिन वह ओलंपिक के लिए ट्रायल में भाग लेने के लिए फिर से अनफिट हो जाएंगी।😄
और फिर वह हमेशा की तरह इसके लिए मोदी को दोषी मानेंगी।👏
यह है हल्दी घाटी की मिट्टी. मिट्टी का रंग पीला है हल्दी के जैसा और इस लिये यह कहलाई हल्दी घाटी।
#history
खरसन गाँव में लक्ष्मी नारायण मंदिर में पत्थर के शीला लेख पर इतिहास दर्ज किया गया जिसमें स्पष्ट शब्दों में हल्दी घाटी का युद्ध, अकबर के सेनापति मान सिंह की वापसी और महाराणा प्रताप की विजय का लिखित प्रमाण है। पत्थर की विशेषता यह होती है कि कार्बन डेटिंग से आयु पता चल जाती है और यह माना गया कि यह शिला लेख सन् 1576 का ही है हल्दीघाटी युद्ध के पश्चात।
ज़ाहिर सी बात थी अगर मुग़ल विजेता होते तो न जनता महाराणा की जीत का जश्न मना पाती, और कम से कम शिला लेख पर इस तरह इतिहास तो न ही लिखा जाता कि मुग़लों की हार हुई।
पिछले दस वर्षों में मिले इन विविध साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध हो चुका है कि हल्दी घाटी का युद्ध राजपूतों ने जीता था। हाँ अकबर की चाटुकारिता में लिखी आईने अकबरी में अबुल फैजल ने इसका उल्टा लिखा। आज़ाद भारत में भी उसी आइने अकबरी में लिखी चाटुकारिता को ज्यों का त्यों इतिहास का नाम दे दिया गया।
SUMAN
बीते कुछ दिनों में दो-तीन वीडियो साक्षात्कार में अनंत अंबानी का निर्मल और सुलझा हुआ मन देखने-सुनने के बाद अब इस बच्चे का उपहास उड़ता देख अच्छा नहीं लगता।
आर्थिकी के शीर्ष पर होने के बावजूद इस युवक में जो सहजता, सरलता, सनातन के प्रति समर्पण-भाव है और जिस तरह ये डैड-मॉम बोलने वाले उथले दौर में अपने पालकों को नेशनल टीवी पर माताजी-पिताजी संबोधित करता है, यह सब देखकर इस युवक पर स्नेह आता है।
यदि हम अनंत अंबानी को केवल इसलिए सामाजिक स्वीकार्यता और सम्मान नहीं देंगे, क्योंकि वह किसी बीमारी के कारण वैसा परफेक्ट नहीं दिखता, जैसा कि पश्चिम ने हमारे दिमागों में भर दिया है, तो फिर हम और कैसा परफेक्ट युवक चाहते हैं।
बहुत सधी हुई देह वालों को बहुत निर्लज्जता से देश व धर्म विरोधी होते देखा है हम सबने। अत: हमें अनंत अंबानी जैसे युवकों का उपहास के बजाय सम्मान करना होगा।