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It’s a very special day for the people of Kolkata as the city’s metro network gets significantly enhanced. Connectivity will get a boost and traffic will get decongested. It’s a proud moment that the Howrah Maidan-Esplanade Metro section has the first underwater metro transportation tunnel under any major river in our country.
It’s a very special day for the people of Kolkata as the city’s metro network gets significantly enhanced. Connectivity will get a boost and traffic will get decongested. It’s a proud moment that the Howrah Maidan-Esplanade Metro section has the first underwater metro transportation tunnel under any major river in our country.
It’s a very special day for the people of Kolkata as the city’s metro network gets significantly enhanced. Connectivity will get a boost and traffic will get decongested. It’s a proud moment that the Howrah Maidan-Esplanade Metro section has the first underwater metro transportation tunnel under any major river in our country.

मैं बहुत छोटी आयु में घर छोड़कर, एक झोला लेकर चल पड़ा था।
देश के कोने-कोने में भटक रहा था, कुछ खोज रहा था।
मेरी जेब में कभी एक पैसा नहीं रहता था।
लेकिन देशवासियों को जानकर गर्व होगा कि मेरा देश, मेरे देश की माताएं बहनें और मेरे देश का हर परिवार कैसा है!
जेब में एक पैसा नहीं होता था और न ही मैं भाषा जानता था, लेकिन कोई न कोई परिवार, कोई न कोई बहन मुझसे पूछ लेते थे कि भाई कुछ खाना खाएं हो या नहीं।
आज मैं देशवासियों को बता रहा हूं कि वर्षों तक मैं बिना एक पैसे के कंधे पर झोला लेकर घूमता रहा, लेकिन मैं एक दिन भी भूखा नहीं रहा।
इसीलिए मैं कहता हूं कि ये 140 करोड़ देशवासी ही मेरा परिवार है।
मैं बहुत छोटी आयु में घर छोड़कर, एक झोला लेकर चल पड़ा था।
देश के कोने-कोने में भटक रहा था, कुछ खोज रहा था।
मेरी जेब में कभी एक पैसा नहीं रहता था।
लेकिन देशवासियों को जानकर गर्व होगा कि मेरा देश, मेरे देश की माताएं बहनें और मेरे देश का हर परिवार कैसा है!
जेब में एक पैसा नहीं होता था और न ही मैं भाषा जानता था, लेकिन कोई न कोई परिवार, कोई न कोई बहन मुझसे पूछ लेते थे कि भाई कुछ खाना खाएं हो या नहीं।
आज मैं देशवासियों को बता रहा हूं कि वर्षों तक मैं बिना एक पैसे के कंधे पर झोला लेकर घूमता रहा, लेकिन मैं एक दिन भी भूखा नहीं रहा।
इसीलिए मैं कहता हूं कि ये 140 करोड़ देशवासी ही मेरा परिवार है।
मैं बहुत छोटी आयु में घर छोड़कर, एक झोला लेकर चल पड़ा था।
देश के कोने-कोने में भटक रहा था, कुछ खोज रहा था।
मेरी जेब में कभी एक पैसा नहीं रहता था।
लेकिन देशवासियों को जानकर गर्व होगा कि मेरा देश, मेरे देश की माताएं बहनें और मेरे देश का हर परिवार कैसा है!
जेब में एक पैसा नहीं होता था और न ही मैं भाषा जानता था, लेकिन कोई न कोई परिवार, कोई न कोई बहन मुझसे पूछ लेते थे कि भाई कुछ खाना खाएं हो या नहीं।
आज मैं देशवासियों को बता रहा हूं कि वर्षों तक मैं बिना एक पैसे के कंधे पर झोला लेकर घूमता रहा, लेकिन मैं एक दिन भी भूखा नहीं रहा।
इसीलिए मैं कहता हूं कि ये 140 करोड़ देशवासी ही मेरा परिवार है।
