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Supreme court lawyer, Vineet Jindal has filed a complaint to the International Cricket Council (ICC) against Pakistan's wicket-keeper batsman Mohammad Rizwan for offering namaz on the ground and voicing support for Gaza which according to the complainant "Defeated the spirit of Sports".
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनात् मृत्युत्योर्मुक्षीय माऽमृतात
महादेव की कृपा से भरा एक एक मंत्र का शब्द आपमें शक्ति का प्रसार करता हुआ आपको अलौकिक अनुभूति का आभास करवाता है
हम सब इस मंत्र को भलीभांति सुनते, जानते, गाते एवं भजते है आईये मंत्र की गूढ़ता का अवलोकन करें...
शब्द की शक्ति का स्पष्टीकरण
'त्र' -- त्र्यम्बक, त्रिशक्ति तथा त्रिनेत्र का प्रतीक है। यह शब्द तीनों देव अर्थात् ब्रह्मा, विष्णु और महेश की भी शक्ति का प्रतीक है ।
'य'- यम तथा यज्ञ का प्रतीक है।
'म'- मंगल का द्योतक है।
( यहाँ पर 'य' तथा 'म' को संलग्न करके 'यम' कहे जाने पर मृत्यु के देवता का प्रतीक हो जाता है )
'ब'- बालार्क(सुबह का सूर्य )तेज का बोधक है।
'कं' - काली का कल्याणमयी बीज है। काली का एकाक्षरी बीज 'क्रीं' है और उन्हें 'ककार' सर्वांगी माना जाता है।
'य'- उपरोक्त वर्णन के अनुसार यम तथा यज्ञ का द्योतक है।
'जा' -जालंधरेश का बोधक है।
'म'- महाशक्ति का बोधक है।
'हे' - हाकिनी का बोधक है।
'सु'- सुप्रभात, सुगन्धि तथा सुर का बोधक है।
'गं' - गणपति बीज होने के साथ-साथ ऋद्धि-सिद्धि का दाता भी है।
'धिं' - अर्थात् 'ध' धूमावती का बीज है जो कि अलक्ष्मी अर्थात् कंगाली को हटाता है। देह को पुष्ट करता है।
' म'- महेश का बोधक है ।
'पु' - पुण्डरीकाक्ष का बोधक है।
'ष्टि - ' देह में स्थित षट्कोणों का बोधक है जो कि देह में प्राणों का संचार करते हैं ।
'व'- वाकिनी का द्योतक है।
'ध'- धर्म का द्योतक है।
'नं' - नंदी का बोधक है।
'उ'- माँ उमा रूप में पार्वती का बोधक है। |
'र्वा' -शिव के बाँये शक्ति का बोधक है ।
'रु' -रूप तथा आँसू का बोधक है।
'क' - कल्याणी का द्योतक है।
'मि' सूर्य के स्वरूप अर्यमा का बोधक है ।
' व' - वरुण का बोधक है।
'बं' - बंदी देवी का द्योतक है।
'ध' - धंदा देवी का द्योतक है। इसके कारण देह के विकास समाप्त होते हैं तथा मांस सड़ता नहीं है।
'नात्'- सूर्य भगवान् के भग स्वरूप का द्योतक है।
'मृ' - मृत्युञ्जय का द्योतक है।
'त्यो'- नित्येश का द्योतक है।
'मु' - मुक्ति का द्योतक है।
'क्षी'- क्षेमंकरी का बोधक है।
'य'- पूर्व वर्णित बोधन |
'मा' - आने लिए माँग तथा मन्त्रेश का द्योतक है।
'मृ' - पूर्व वर्णित ।
'तात' - चरणों में स्पर्ण का द्योतक है।
यह पूर्ण विवरण 'देवो भूत्वा देवं यजेत' के अनुसार पूर्णतः सत्य प्रमाणित हुआ है।
हर हर महादेव 🙏