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कब तक और कितना समझाएं हम हमारे बच्चों को...पहले आरक्षण की बैसाखी क्या कम थी जो ये UGC Bill का झुनझुना और थमा दिया उन्हें जिससे सामान्य वर्ग खुलकर सांस भी ना ले पाए हमेशा डर के साए में जिए या घर बैठ जाए...
UGC Bill❌

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India’s Best Manufacturer, Exporter & Supplier of Transformers & Stabilizers.
Address: Sua Road, Industrial Area – C, Dhandari Kalan, 141014 Ludhiana, Punjab, India
Contact No:- +91 9915703061, +91-9417033948 Website: -https://mpilindia.com Email id - info@mpilindia.com .
#cementplant #tubemills #rollingmills #ricemills #flourmills #riceshellers #foodprocessin****its #transformers #ricemills #voltagecontrolles

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सिर्फ 0.01% लोग ही पूरी कर पाते हैं आयरनमैन चुनौती, उत्तराखंड के ब्रिगेडियर मोहित ममगाईं ने रच दिया इतिहास
कहते हैं कि हौसला, अनुशासन और जज़्बा अगर एक साथ मिल जाए, तो इंसान असंभव को भी संभव बना देता है। देवभूमि उत्तराखंड के ब्रिगेडियर मोहित ममगाईं ने यही कर दिखाया है। दुनिया की सबसे कठिन और क्रूर खेल प्रतियोगिताओं में गिनी जाने वाली आयरनमैन ट्रायथलॉन को सफलतापूर्वक पूरा कर उन्होंने न सिर्फ भारतीय सेना, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है।
आयरनमैन कोई साधारण प्रतियोगिता नहीं है। यह इंसान की शारीरिक और मानसिक सहनशक्ति की अंतिम परीक्षा मानी जाती है। इसमें प्रतिभागी को एक ही दिन में
3.8 किलोमीटर तैराकी,
180 किलोमीटर साइक्लिंग
और इसके बाद 42.2 किलोमीटर की फुल मैराथन दौड़ पूरी करनी होती है।
कुल मिलाकर 226 किलोमीटर की यह चुनौती इतनी कठिन होती है कि दुनिया में इसे शुरू करने वालों में से भी बहुत कम लोग फिनिश लाइन तक पहुंच पाते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ 0.01% लोग ही इस चुनौती को पूरा कर पाते हैं।
ब्रिगेडियर मोहित ममगाईं ने इस असंभव मानी जाने वाली चुनौती को न केवल स्वीकार किया, बल्कि दृढ़ संकल्प और सैन्य अनुशासन के दम पर इसे पूरा कर दिखाया। रेस के दौरान घंटों तक लगातार चलते रहने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। शरीर थक चुका था, मांसपेशियां जवाब देने लगी थीं, लेकिन मन और इरादे अडिग रहे।
इस पूरी प्रतियोगिता के दौरान मोहित ममगाईं ने यह साबित किया कि भारतीय सेना का जज़्बा सिर्फ युद्धभूमि तक सीमित नहीं है, बल्कि हर उस मोर्चे पर दिखाई देता है जहां साहस और धैर्य की जरूरत होती है। फिनिश लाइन पर तिरंगा थामे उनका मुस्कुराता चेहरा लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया।
उनकी यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि उम्र, पद या जिम्मेदारियां कभी भी सपनों के आड़े नहीं आ सकतीं। सही सोच, नियमित अभ्यास और मजबूत इच्छाशक्ति से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उत्तराखंड की धरती पहले भी वीरों, सैनिकों और साहसी व्यक्तित्वों के लिए जानी जाती रही है। ब्रिगेडियर मोहित ममगाईं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि देवभूमि की रगों में साहस और अनुशासन बहता है।
आज ब्रिगेडियर मोहित ममगाईं सिर्फ एक आयरनमैन फिनिशर नहीं हैं, बल्कि उन तमाम लोगों के लिए उम्मीद की मिसाल हैं जो यह मान लेते हैं कि कुछ चीजें उनके बस की नहीं।
उनकी कहानी कहती है — अगर इरादे मजबूत हों, तो सबसे कठिन रास्ता भी पार किया जा सकता है।
देवभूमि को गर्व है अपने इस सपूत पर
जय हिंद।

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आज इंदौर (मध्य प्रदेश) में देश के सुप्रतिष्ठित उद्योगपति आदरणीय श्री विनोद जी अग्रवाल की धर्मपत्नी, स्वर्गीय श्रीमती नीना अग्रवाल जी के पुण्य श्रद्धांजलि समारोह में श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के जूनापीठाधीश्वर आचार्यमहामण्डलेश्वर श्रीमत्परमहंस परिव्राजकाचार्य श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ पूज्यपाद श्री स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज “पूज्य आचार्यश्री जी” का पावन आगमन हुआ।
"पूज्य आचार्यश्री जी" ने दिवंगत पुण्यात्मा की चिरशान्ति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक-संतप्त परिवार को धैर्य, संबल और सांत्वना प्रदान की। उन्होंने कहा कि सद्गुणों से युक्त जीवन और सत्कर्मों की सुगन्ध ही स्मृतियों में अमिट रह जाती है और ईश्वर-कृपा से यह शोक भी धीरे-धीरे सहन-शक्ति एवं श्रद्धा में परिवर्तित हो जाता है।
इस अवसर पर आदरणीय श्री विनोद अग्रवाल जी, उनके सुपुत्र श्री तपन अग्रवाल जी, पुत्रवधू श्रीमती वंशिका जी, श्री पुरुषोत्तम अग्रवाल जी, श्री संजय अग्रवाल जी सहित समस्त अग्रवाल परिजन एवं शुभचिन्तकगण उपस्थित रहे।
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