إستكشف المشاركات استكشف المحتوى الجذاب ووجهات النظر المتنوعة على صفحة Discover الخاصة بنا. اكتشف أفكارًا جديدة وشارك في محادثات هادفة
अखिल विश्व गायत्री परिवार देशवासियों को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने तथा नई पीढ़ी तक शास्त्रों के ज्ञान को तर्कपूर्ण पद्धति से पहुँचाने का अमूल्य कार्य कर रहा है। आज हरिद्वार में माता भगवती देवी शर्मा जी की जन्मशताब्दी एवं अखंड दीप शताब्दी वर्ष के अवसर पर
गायत्री परिवार द्वारा आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह में गायत्री परिवार के इतिहास और योगदान पर संवाद किया।
साथ ही, अखंड ज्योति शताब्दी लेखनमाला तथा परम वंदनीया माता जी के चुनिंदा लेखों के संग्रह ‘मातृवाणी’ का विमोचन किया।
75 से अधिक विधायक बिहार विधानसभा में, 120 से अधिक विधायक उत्तर प्रदेश विधानसभा में, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी सवर्ण समाज के कई विधायक, और लोकसभा में 125 से अधिक सांसद सवर्ण समाज से फिर भी सवाल यह है कि आख़िर सवर्ण समाज के जनप्रतिनिधि चुप क्यों हैं?
UGC बिल जैसे गंभीर मुद्दे पर, जो सीधे छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा है! आज तक एक भी मज़बूत आवाज़ सामने क्यों नहीं आई? हमारे सामान्य वर्ग के बड़े नेता बृजभूषण शरण सिंह, धनंजय सिंह, राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), राजा भैया, आनंद मोहन, आशुतोष कुमार, गिरिराज सिंह, विवेक ठाकुर, राजीव प्रताप रूड़ी, विजय कुमार सिन्हा सहित इन सभी से सवर्ण समाज की ओर से स्पष्ट आग्रह है कि अब आगे आकर समाज और छात्रों के हित में आवाज़ उठाएँ।
बिहार विधानसभा चुनाव में 75 से 100 तक सवर्ण समाज के विधायक जीतकर आए,
लेकिन अपने ही समाज और छात्रों के मुद्दे पर आज तक एक भी मुखर स्वर नहीं उठा
यह बेहद चिंताजनक है और आत्ममंथन का विषय भी।
आज ज़रूरत है जागने की,
सिर्फ़ चुनाव के समय नहीं, बल्कि समाज और भविष्य की लड़ाई में।
#ugc_बिल_वापस_लो
75 से अधिक विधायक बिहार विधानसभा में, 120 से अधिक विधायक उत्तर प्रदेश विधानसभा में, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी सवर्ण समाज के कई विधायक, और लोकसभा में 125 से अधिक सांसद सवर्ण समाज से फिर भी सवाल यह है कि आख़िर सवर्ण समाज के जनप्रतिनिधि चुप क्यों हैं?
UGC बिल जैसे गंभीर मुद्दे पर, जो सीधे छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा है! आज तक एक भी मज़बूत आवाज़ सामने क्यों नहीं आई? हमारे सामान्य वर्ग के बड़े नेता बृजभूषण शरण सिंह, धनंजय सिंह, राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), राजा भैया, आनंद मोहन, आशुतोष कुमार, गिरिराज सिंह, विवेक ठाकुर, राजीव प्रताप रूड़ी, विजय कुमार सिन्हा सहित इन सभी से सवर्ण समाज की ओर से स्पष्ट आग्रह है कि अब आगे आकर समाज और छात्रों के हित में आवाज़ उठाएँ।
बिहार विधानसभा चुनाव में 75 से 100 तक सवर्ण समाज के विधायक जीतकर आए,
लेकिन अपने ही समाज और छात्रों के मुद्दे पर आज तक एक भी मुखर स्वर नहीं उठा
यह बेहद चिंताजनक है और आत्ममंथन का विषय भी।
आज ज़रूरत है जागने की,
सिर्फ़ चुनाव के समय नहीं, बल्कि समाज और भविष्य की लड़ाई में।
#ugc_बिल_वापस_लो
75 से अधिक विधायक बिहार विधानसभा में, 120 से अधिक विधायक उत्तर प्रदेश विधानसभा में, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी सवर्ण समाज के कई विधायक, और लोकसभा में 125 से अधिक सांसद सवर्ण समाज से फिर भी सवाल यह है कि आख़िर सवर्ण समाज के जनप्रतिनिधि चुप क्यों हैं?
UGC बिल जैसे गंभीर मुद्दे पर, जो सीधे छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा है! आज तक एक भी मज़बूत आवाज़ सामने क्यों नहीं आई? हमारे सामान्य वर्ग के बड़े नेता बृजभूषण शरण सिंह, धनंजय सिंह, राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), राजा भैया, आनंद मोहन, आशुतोष कुमार, गिरिराज सिंह, विवेक ठाकुर, राजीव प्रताप रूड़ी, विजय कुमार सिन्हा सहित इन सभी से सवर्ण समाज की ओर से स्पष्ट आग्रह है कि अब आगे आकर समाज और छात्रों के हित में आवाज़ उठाएँ।
बिहार विधानसभा चुनाव में 75 से 100 तक सवर्ण समाज के विधायक जीतकर आए,
लेकिन अपने ही समाज और छात्रों के मुद्दे पर आज तक एक भी मुखर स्वर नहीं उठा
यह बेहद चिंताजनक है और आत्ममंथन का विषय भी।
आज ज़रूरत है जागने की,
सिर्फ़ चुनाव के समय नहीं, बल्कि समाज और भविष्य की लड़ाई में।
#ugc_बिल_वापस_लो

U -उल्टी
G - गिनती
C - चालू
भाजपा की उल्टी गिनती शुरू। जागो स्वर्ण समाज जागो।
#ugcrollback #modifailedgc
#modigoback #ihatemodi
UGC के अनुसार ये सब जातिगत भेदभाव नहीं है। नए यूजीसी कानून के मुताबिक सवर्ण समाज को निशाना बनाते हुए ऐसे नारे लिखने वाले ही शोषित हैं। अपराध किसी का भी हो, सामान्य वर्ग का ही छात्र अपराधी घोषित होगा।
#shameonugc
UGC के अनुसार ये सब जातिगत भेदभाव नहीं है। नए यूजीसी कानून के मुताबिक सवर्ण समाज को निशाना बनाते हुए ऐसे नारे लिखने वाले ही शोषित हैं। अपराध किसी का भी हो, सामान्य वर्ग का ही छात्र अपराधी घोषित होगा।
#shameonugc
UGC के अनुसार ये सब जातिगत भेदभाव नहीं है। नए यूजीसी कानून के मुताबिक सवर्ण समाज को निशाना बनाते हुए ऐसे नारे लिखने वाले ही शोषित हैं। अपराध किसी का भी हो, सामान्य वर्ग का ही छात्र अपराधी घोषित होगा।
#shameonugc
