imageimage

image

image

image

image

ससुराल वही,दामाद वही ,पर स्वागत की विधि अलग-अलग।
दामाद का स्वागत विधि भी समय सापेक्ष है।

image

image

"सदियो माने" एक अफ्रीकन मुल्क सेनेगल के फुटबाल खिलाड़ी, अपने एक इंटरव्यू में कहते हैं कि मैने गरीबी देखी, जंगों से बचा, भूख से लड़ा, खेतों में काम किया और नंगे पैर फुटबाल सीखी,और आज मै इस मकाम पर हूं कि कुछ हासिल किया है तो उसे मैं अपना फर्ज मानता हूं। फ़र्ज़ ये कि अपने लोगों की मदद कर सकूं। मैने स्कूल खोले, अस्पताल बनवाए, अपने गरीब लोगों की मदद की, उनकी बुनियादी जरूरतों का इंतजाम किया। मैने कभी लग्जरी गाडियां, बंगले और प्लेन खरीदने की नहीं सोची। मैने अपना फ़र्ज़ अपने लोगों की मदद करना ही माना।
रीयल हीरो ✍️

image

image

image