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भारत के लोग दुनिया में जहां कहीं भी जाते हैं, अपनी सफलता का परचम लहरा ही देते हैं। इसकी एक बानगी ब्रिटेन में भी देखने को मिली, जहां हरियाणा के 23 साल के युवक तुषार कुमार को ब्रिटेन में मेयर चुन लिया गया है।
तुषार ने पिछले हफ्ते एल्स्ट्री और बोरहमवुड टाउन काउंसिल के मेयर के तौर पर जीत हासिल की। उन्होंने लेबर पार्टी से चुनाव लड़ा था और उन्हें 832 वोट मिले। वोटों की दोबारा काउंटिंग के बाद उन्हें विजयी घोषित किया गया। तुषार ने कंजर्वेटिव कैंडिडेट को सिर्फ एक वोट से हराया।
इसके साथ ही तुषार ब्रिटेन के सबसे कम उम्र के भारतीय मूल के मेयर बन गए हैं। उन्होंने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। इसके पहले वह मई 2023 में ब्रिटेन के सबसे कम उम्र के भारतीय मूल के पार्षद बने थे। तब तुषार की उम्र महज 20 साल थी। उस वक्त तुषार किंग्स कॉलेज ऑफ लंदन से पढ़ाई कर रहे थे।
तुषार ने राजनीति में बीएससी की पढ़ाई की है। तुषार की मां परवीन रानी ने भी हर्ट्समेरे बरो काउंसिल में चुनाव लड़ा और उन्हें भी जीत मिली। परवीन को डिप्टी मेयर चुना गया है। तुषार का कहना है कि वह इस सितंबर में UCL में पॉलिटिकल इकॉनमी में मास्टर डिग्री शुरू करेंगे।
10 साल तक रोहतक में रहे
तुषार मूल रूप से हरियाणा के रोहतक के रहने वाले हैं। वह 10 साल की उम्र तक रोहतक में ही रहे। इसके बाद वह अपने माता-पिता के साथ रोहतक से यूके चले गए। उनके माता-पिता शिक्षा के क्षेत्र में ही काम करते हैं। तुषार ने कहा कि मेरी मां ने मुझे अपनी संस्कृति और विरासत से जुड़े रहना सिखाया है।
बतौर काउंसलर तुषार ने अपने क्षेत्र में दीवाली समारोह का आयोजन किया था और अब यह हर साल होने वाला कार्यक्रम बन गया है। उन्होंने कहा कि 'भारत में मेरे परिवार का राजनीति से कोई सरोकार नहीं था, क्योंकि भारत में राजनीति अलग है। यूके में ज्यादा अवसर हैं।'
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