लक्ष्य सही होना चाहिए, काम तो "दीमक" भी दिन रात करते है
पर वो विकास नहीं विनाश करते है

ਹਕੂਮਤ ਦਾ ਧੱਕਾ ਹੋ ਗਿਆ ਵਿਚਾਰੇ ਨਾਲ
ਪਰ ਲੋਕਾ ਦਾ ਨੈੱਟ ਕਿਉ ਬੰਦ ਕਰਤਾ

यति जी के शिष्य भी मंदिर में मीट खाने वालो का समर्थन कर रहें है।
ये देश किस दिशा में चल दिया 🙄

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