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समस्त वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं एवं प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।

आज ही के दिन भारतीय विज्ञान को वैश्विक पहचान दिलाने वाली ऐतिहासिक खोज ‘रमन प्रभाव’ का प्रतिपादन नोबेल पुरस्कार से सम्मानित, “भारत रत्न” डॉ. सी.वी. रमन जी द्वारा किया गया था। यह खोज न केवल भारतीय वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रमाण बनी बल्कि इसने विश्व वैज्ञानिक समुदाय के समक्ष भारत की बौद्धिक क्षमता का उज्ज्वल परिचय भी प्रस्तुत किया।

डॉ. सी.वी. रमन जी की अद्भुत जिज्ञासा, अनुसंधान के प्रति समर्पण और वैज्ञानिक दृष्टि हम सभी को ज्ञान, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की ओर निरंतर प्रेरित करती रहेगी।

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#ब्राह्मण एकता के लिए ब्राह्मण का साथ दो !!!!
कितने ब्राह्मण साथ है ??
जय भगवान #परशुराम

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अलंकार अग्निहोत्री जी द्वारा #ram (राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा) पार्टी का समर्थन कौन कौन करता है ??
28 राज्यों से समर्थन चाहिए !!!

जय भगवान #परशुराम 🔥
#politics #communityevent

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आपकी डिग्री....

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ऐसे बच्चे चोरी होते हैं आप लोग इस वीडियो को बहुत सारे लोगों तक शेयर करें की सबको पता चले

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सुमन चौधरी बन गई मुस्लिम ।
सुमन चोधरी की मुलाक़ात अशरफ़ नाम के लड़के से हुई ।
दोनों में दोस्ती हुई और इस दोस्ती को काफ़ी लंबा समय हो चुका था इसलिए शादी करने की ठानी..,
लेकिन सुमन के पिता नहीं माने ओर बोले कि अगर मुस्लिम से शादी करेगी तो मुस्लिम ही बनना पड़ेगा लेकिन हमें भूल जाना कि हम तुम्हारे मां बाप भी हैं,,, हमसे तुम्हारा कोई रिश्ता नहीं रहेगा याद रखना..।
सुमन बोल चुकी थी की शादी करुंगी तो सिर्फ़ अब्दुल से वरना किसी से भी नहीं ।
फिर क्या था सुमन ने जो ज़बान अशरफ को दी थी वह उस पर खरी उतरी ओर अशरफ से बेपरवाह होकर निकाह कर लिया ।
अब सुमन ने अपना नाम बदलकर आयशा कर लिया है...

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सिर्फ 500 रुपये की वजह से 15 दिन से स्कूल न आने वाली उस छात्रा को ढूंढते हुए जब प्रिंसिपल खुद खेतों तक
पहुँच गए, तो ये नज़ारा हर दिल को छू गया। रोती हुई लड़की ने कहा, "साहब, मेरे पास फीस के पैसे नहीं थे..." यह सुनते ही प्रिंसिपल ने कहा, "फीस मत दो, लेकिन पढ़ाई कभी मत छोड़ना।" उन शब्दों ने न सिर्फ उस बच्ची की आँखों के आँसू पोंछे, बल्कि उसके सपनों को भी नया रास्ता दे दिया। उस दिन एक प्रिंसिपल नहीं, एक फरिश्ता सामने खड़ा था। ऐसे लोग समाज की असली ताकत होते हैं। अगर आपको भी यह सोच सही लगी हो तो दिल से एक Like जरूर करें

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शायद राजस्थान सरकार का दबाव हर अधिकारी कर्मचारी पर बढ़ रहा है कि कल करणी सेना ने जो अजमेर मोदीजी के दौरे का विरोध किया है कहीं भीड़ नहीं जुटी तो सरकार की तोहिन ना हो जाए।
इसलिए अजमेर के लिए कल आपके गांव में बसों का इंतजाम किया जाए तो भी मोदीजी की सभा में बिल्कुल भी अजमेर नहीं जाना है।
खाली कुर्सियां और हो सकता हो काले झण्डे दिखाई पड़ने से लाठीचार्ज भी करवा सकती है सरकार।*
स्वर्णों की ताकत का कल होगा भाजपा सरकार को एहसास।
*जब गुजरात के मंत्री रूपाला ने विवादित बयान देकर स्वर्णों से माफी नहीं मांगी तो करणी सेना ने 36 कौम के साथ मोदीजी से स्वाभिमान के तहत रूपाला को टिकट नहीं देने के लिए विरोध प्रदर्शन किए, लेकिन अहंकार वश मोदीजी ने नजरंदाज किया और सपना पाल लिया इस बार 400 पार 🤣।
लेकिन मोदीजी 400 पार तो दूर की बात पिछला आंकड़ा भी पार नहीं कर पाऐ । और तो और वाराणसी में अपनी जीत का पिछला रिकॉर्ड भी नहीं तोड पाऐ स्वयं मोदी जी 😊😊✌️✌️👌👌🤣🤣🚩🚩🚩🚩🙏🙏🙏💪💪💪💪💪💪💪💪
और इस बार नजरंदाज का मतलब समझ में नहीं आ रहा हो तो आने वाले पंचायती राज चुनावों में ट्रेलर ही देख लेना, फिर असली पिक्चर अपने आप नजर आने लगेगी और हो सकता है आगामी चुनाव में बीजेपी शायद केंद्र में 100 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाऐ।
इसका संकेत हाल ही में स्वर्णों पर मोहन भागवत जी ने भी अपने बयान से जले पर नमक छिड़कने का काम करके दिखा दिया है।
कल 28 फरवरी शनिवार अजमेर मोदीजी की सभा के लिए भाजपा वाले कितना ही दबाव बनाए लेकिन एक भी भाई जो ugc का विरोध करता हो बिल्कुल भी नहीं जाएगा।
अहंकारियों का इतिहास उठाकर देख लेना, कितना ही अच्छा काम कर दिया हो, लेकिन किसी के स्वाभिमान पर चोट पहुंचाई तो नतीजा चाहे रावण की सोने की लंका जली हो, कंश का अंत, महाभारत में दुर्योधन...
जब जनता ने 1989 में विश्व प्रताप सिंह को प्रधानमंत्री बनाकर कुर्सी पर बिठाया तो उसमें भी अहंकार भर गया, और मंडल ने उसका कर दिया कमंडल......।
फिर मोदीजी आए मंदिर भी बनवाया, 370 भी हटवाई तो हिन्दू सम्राट कहे जाने लगे, लेकिन वहीं अहंकार की पट्टी ने फिर लगता है वो दिन दूर नहीं शायद जो जनता नहीं चाहती थी, लेकिन लगता है ईश्वर को शायद कुछ और ही मंजूर हो......
कुछ भी हो आगे तो, लेकिन कल अजमेर की सभा में कुर्सियां खाली रहनी चाहिए, शायद इससे ईश्वर मोदीजी को सद्बुद्धि दे दे।

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