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अतीक अहमद, दिनेश पासी व खान सौलत हनीफ दोष सिद्ध
सौलत हनीफ को अन्य धाराओं के साथ 364 में व अतीक अहमद व दिनेश पासी को 147,148,149,341,342, 364अ,120बी में दोष सिद्ध किया गया! उमेश पाल अपहरण कांड में प्रयागराज की एमपी एमएलए कोर्ट ने अतीक अहमद समेत 3 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई और 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। बता दें कि इस मामले में अशरफ समेत 7 आरोपियों को बरी कर दिया गया है।
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*सहारा के निवेशकों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, जब्त रकम से SC ने रिलीज किए ₹ 5000 करोड़, वापस मिलेंगे फंसे पैसे.*
नई दिल्ली: सहारा (Sahara) निवेशकों के लिए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) से बड़ी राहत की खबर आई। सहारा के निवेशकों को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उनका फंसा पैसा अब जल्द मिल जाएगा। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने सेबी सहारा विवाद (SEBI-SAHARA FUND) के 24000 करोड़ रुपये के फंड पर केंद्र की याचिका को मंजूरी दे दी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी कि सहारा-सेबी के 24 हजार करोड़ रुपये के फंड में से 5000 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया जाए, ताकि सहारा के निराश निवेशकों को उनका फंड वापस किया जा सके।
सहारा के निवेशकों के लिए राहत भरी खबर
सहारा की स्कीम में पैसा डालने वाले लाखों लोगों को अब तक अपना पैसा नहीं मिल सका है। ऐसे निवेशकों के लिए आज अच्छी खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद इन निवेशकों की उम्मीद जग गई है। उम्मीद है कि सहारा के निवेशकों को जल्द ही उनका पैसा वापस मिल जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस याचिका को मंजूरी दे दी है, जिसमें सरकार ने सहारा-सेबी फंड के 24000 करोड़ रुपये में से 5000 करोड़ का आवंटन तुरंत करने की अपील की है। आपको बता दें कि निवेशकों से धोखाधड़ी के एक दूसरे मामले में साल 2012 में बने सहारा-सेबी फंड में लगभग 24 हज़ार करोड़ रुपए जमा हैं।
सेबी-सहारा विवाद में फंसा पैसा
सहारा सेबी विवाद के कारण खाते में जमा 24 हजार करोड़ रुपये का फंड फंसा हुआ है। दूसरीओर निवेशक परेशान है। निवेशकों की परेशानी को देखते हुए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसमें 5 हजार रुपये तुरंत जारी करने की अपील की थी। कोर्ट ने इस याचिका को मंजूरी देते हुए 5 हजार करोड़ रुपये अलॉट करने का आदेश दिया है। इस फैसले से सहारा के 1.1 करोड़ निवेशकों को राहत मिलेगी। मंगलवार को बाजार नियामक सेबी ने सहारा समूह की रियल एस्टेट कंपनी से 6.57 करोड़ रुपए की वसूली कर ली। कंपनी के मुखिया सुब्रत रॉय सहारा पर सख्ती दिखाते हुए सेबी ने ये रकम वसूली है।
*क्या है पूरा विवाद*
गौरतलब है कि सहारा का ये विवाद साल 2009 का है। सहारा की दो कंपनियां सहारा हाउसिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड और सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन से जुड़े विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब कंपनी ने अपना IPO लाने की पेशकश की। आईपीओ के आते ही सहारा की पोल खुलने लगी। सहारा ने गलत तरीके से निवेशकों से 24000 करोड़ की रकम जुटाई थी, जो सेबी के सामने आ गई। सेबी ने सहारा में कई अनियमितता पाई, जिसकी जांच जब हुई तो बड़ा स्कैम सामने आया। सेबी ने सहारा को निवेशकों को उनका पैसा ब्याज समेत लौटाने का आदेश दिया। बाद में मामला उलझता चला गया और आज भी सहारा के लाखों निवेशक अपने फंड का इंतजार कर रहे हैं।
गणेश शंकर विद्यार्थी जी पत्रकारिता की वो मिसाल हैं जो सच और साहस के लिए अंतिम सांस तक लड़ते रहे। उन्होंने देश को सच्ची पत्रकारिता का रास्ता दिखाया और जान की बाजी लगाकर अपने आदर्शों की रक्षा की।
देश में भाईचारा एवं शांति के लिए शहीद हुए विद्यार्थी जी के शहादत दिवस पर उन्हें सादर नमन।
एक बार एक साधारण व्यक्ति ने खुश होकर एक पत्रकार महोदय को नई साइकिल भेंट कर दी , पर उसमें कैरियर नहीं था।
पत्रकार महोदय बहुत खुश हुए और कैरियर लगवाने एक दुकान पर चले गए ।
पत्रकार महोदय ने दुकानदार से बड़े तेवर में कहा कि " मैं एक बड़ा पत्रकार हूँ इसलिए मुनासिब रेट में एक बढ़िया सा कैरियर इस साइकिल में झटपट लगा दो "।
दुकानदार ने कैरियर तो लगा दिया, लेकिन फ़िर पता नहीं उसके दिमाग में क्या सूझा कि उसने साइकिल से स्टैंड खोलकर हटा दिया।
पत्रकार ने बड़े अचरज़ में इसका कारण पूछा, तो दुकानदार बोला— " श्रीमान एक पत्रकार का कैरियर और स्टैंड दोनों एक साथ नहीं हो सकते। अगर स्टैंड लोगे , तो समझो कैरियर गया और अगर कैरियर बनाओगे तो स्टैंड नहीं ले सकते "।