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आज भारत के लिए स्टार बॉक्सर निकहत जरीन ने एक और गोल्ड मेडल जीत लिया है। निकहत जरीन ने 50 KG वर्ग के फाइनल में वियतनाम की एनगुएन थि ताम को हराकर अपना दूसरा विश्व चैम्पियनशिप खिताब जीता। निकहत ने ताम पर 5-0 से जीत दर्ज की। इस तरह निकहत महान मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम के बाद दो बार यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाली दूसरी भारतीय बनीं।
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"सब कर्मों का फल है"
एक स्त्री थी जिसे 20साल तक संतान नहीं हुई।कर्म संजोग से 20वर्ष के बाद वो गर्भवती हुई और उसे पुत्र संतान की प्राप्ति हुई किन्तु दुर्भाग्यवश 20दिन में वो संतान मृत्यु को प्राप्त हो गयी।वो स्त्री हद से ज्यादा रोई और उस मृत बच्चे का शव लेकर एक सिद्ध महात्मा के पास गई ।महात्मा से रोकर कहने लगी मुझे मेरा बच्चा बस एक बार जीवित करके दीजिये, मात्र एक बार मैं उसके मुख से" माँ " शब्द सुनना चाहती हूँ ।स्त्री के बहुत जिद करने पर महात्मा ने 2मिनट के लिए उस बच्चे की आत्मा को बुलाया। तब उस स्त्री ने उस आत्मा से कहा तुम मुझे क्यों छोड़कर चले गए?मैं तुमसे सिर्फ एक बार ' माँ ' शब्द सुनना चाहती हूँ। तभी उस आत्मा ने कहा कौन माँ?कैसी माँ !!मैं तो तुमसे कर्मों का हिसाब किताब करने आया था।स्त्री ने पूछा कैसा हिसाब!!आत्मा ने बताया पिछले जन्म में तुम मेरी सौतन थी,मेरे आँखों के सामने मेरे पति को ले गई;मैं बहुत रोई तुमसे अपना पति मांगा पर तुमने एक न सुनी।तब मैं रो रही थी और आज तुम रो रही हो!!बस मेरा तुम्हारे साथ जो कर्मों का हिसाब था वो मैंने पूरा किया और मर गया। इतना कहकर आत्मा चली गयी।उस स्त्री को झटका लगा।उसे महात्मा ने समझाया देखो मैने कहा था न कि ये सब रिश्तेदार माँ,पिता,भाई बहन सब कर्मों के कारण जुड़े हुए हैं ।हम सब कर्मो का हिसाब करने आये हैं। इसिलए बस अच्छे कर्म करो ताकि हमे बाद में भुगतना ना पड़े।वो स्त्री समझ गयी और अपने घर लौट गयी ।
*हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए*
🙏
राम राम जी
कुतुब मीनार 12वीं शताब्दी में किसी कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा नहीं बनवाया गया था। इसे 4वीं शताब्दी में बनाया गया था, जिसे उस समय 'ध्रुव स्तम्भ’ के रूप में जाना जाता था।
ध्रुव स्तम्भ जिसे राजा विक्रमादित्य के शासन में बनाया गया था, जो एक भारतीय सम्राट था जो दुनिया के 3/4 हिस्से पर राज करता था।
ध्रुव स्तम्भ, जिसे क़ुतुबमीनार कहा जाता है, यह मुस्लिम शासकों द्वारा इतिहास को नष्ट करने के अलावा और कुछ नहीं है, मीनार एक ध्रुव स्तम्भ है ...
यह एक प्राचीन आर्य खगोलीय वेधशाला का केंद्रीय अवलोकन टॉवर है, इस टॉवर पर 24 पंखुड़ियों वाले कमल के फूल हैं। यह, प्रत्येक एक घंटे का प्रतिनिधित्व करते हैं।
Courtesy: Indian Culture And Tradition