शुद्धि आन्दोलन के जनक, महान समाज सुधारक, शिक्षाविद्, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, सत्य सनातन ऋषि परम्परा के शिरोमणि श्रेष्ठ संत स्वामी श्रद्धानंद जी की जयंती पर शत-शत नमन।
"सबका सत्कार करने की भावना मन में चाहिए। मान लिया कि कोई पापी भी है, तो हममें कौन-सी ऐसी शुद्धता आ गई है कि हम दूसरों को पापी कहें। जरा हृदय टटोलकर स्वयं को देखें। सबकी अच्छाई देखने एवं सत्कार करने का गुण ही सर्वश्रेष्ठ है"