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यह अलौकिक सत्य घटना है।
मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले की है।
"चन्द्रमा जनेऊ और मस्तक पर बिंदी.!"
इन अद्भुत चिन्हों वाले इस शिवलिंग के बारे में सत्रह साल के ( बालक ) नाविक के स्वप्न मेँ आया ।
स्वप्न में यह कहा गया कि मुझे यंहा से बाहर निकाल मैं नर्मदा जी के मध्य में स्थित हूँ।
विशेष बात है कि जिस स्थान पर शिवलिंग निकला उस बालक की नाव वंहा रुक जाती थी।
उसे कुछ समझ नही आता था उसने यह बात दूसरे नाविकों को बताई वो उस स्थान पर गए वंहा जाकर उन्होंने पानी मेँ डुबकी लगाई।
उन्हें शिवलिंग नजर आया लेकिन वह उन लोगो से हिल भी नही पाया फिर उन्होंने उसी लडके को पानी मेँ उतारा।
यह कह कर कि तुझे स्वप्न आया तो तू ही निकाल फिर लडके ने अकेले ही शिवलिंग निकाल कर नाव पर रख दिया।
ये सच्ची घटना दवाना के पास ब्राह्मणगाँव की है।
अभी शिवलिंग घाट पर ही रखा है बड़ा ही विलक्षण शिवलिंग है।
फिलहाल गांव वालों ने मन्दिर निर्माणकार्य शुरू कर दिया है।