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19 की उम्र में पहला मर्डर! जानें सिद्धू मूसेवाला को दोनों हाथों से गोलियां मारने वाला अंकित कौन है
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला पर गोलियों की बौछार करने वाले दो और शूटरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें एक अंकित सिरसा सिर्फ 19 वर्ष का है जिसे दिल्ली के अंतरराज्यीय बस अड्डे (ISBT) से अरेस्ट किया गया है। अंकित ने मूसेवाला को बेहद करीब से शूट किया था। उस घटना में मूसेवाला की मौके पर ही मौत हो गई थी। बताया जाता है कि अंकित ने पहला मर्डर किया था। वह जब सिद्धू मूसेवाला को निशाना बनाया तब उसके साथ प्रियव्रत फौजी भी गोलियां बरसा रहा था। दोनों हत्या के बाद गुजरात जाकर छिप गए थे और 7 जून तक वहीं रहे।
नौवीं पास 19 वर्षीय अंकित ने किया पहला मर्डर
अब तक मिल रही जानकारी के मुताबिक, 19 वर्षीय अंकित नौवीं पास है जिसने सिर्फ चार महीने पहले गोल्डी बरार गैंग जॉइन किया था। उसकी गैंग के सदस्य सचिव भिवानी के साथ कई तस्वीरें मिली हैं। उसने सिद्धूवाला पर दोनों हाथों से दनादन गोलियां दागी थीं। प्रियव्रत फौजी और अंकित सिरसा ने सिद्धू मूसेवाला पर हमले के वक्त पंजाब पुलिस की वर्दी पहन रखी थी ताकि उन पर कोई शक नहीं कर सके और मर्डर के बाद मौके से भागने में भी मदद मिले।
सचिन भिवानी ने सिद्धू मूसेवाला के हत्यारों को छिपाया, गाड़ियां दीं, हथियार दिए। उसने हत्यारों को छह राज्यों में छिपाए। उनके आने-जाने की व्यवस्था की। मनप्रीत मोनू, प्रियव्रत फौजी, अंकित सिरसा और सचिन भिवानी- ये चारों एक साथ थे। ये हरियाणा, राजस्थान, गुजरात के शहरों में रहे। प्रियव्रत फौजी बिना मास्क के घूमना शुरू कर दिया था। उसके साथ दो और अपराधियों मनप्रीत और रूप की तस्वीर वायरल हो गई थी। गैंग को लगा कि इनकी गलतियों से बाकी लोग भी न पकड़े जाएं। इस कारण अंकित सिरसा और दीपक मुंडी वहां से निकल गए जबकि प्रियव्रत और केशव वहीं रहे। ये दोनों पहले ही गिरफ्तार कर लिए गए।
दोनों हाथों से गोलियां दागी थीं अंकित ने
स्पेशल सेल के कमिश्नर एचजीएस धालीवाल ने कहा, 'स्पेशल सेल का प्रयास असल शूटरों को पकड़ने का है जिन्होंने सिद्धू मूसेवाला पर गोलियां चलाई थीं। इसी कड़ी में हमने कल देर रात करीब 11 बजे आईएसबीटी से शूटर अंकित सिरसा और सचिन भिवानी को गिरफ्तार किया। अंकित ने सबसे करीब से गोली चलाई थी। सचिन भिवानी और इसके एक और साथी कपिल पंडित ने वारदात से पहले और वारदात के बाद इनको सारी सहायता दी थी।'
गैंग की दुश्मनी में मारे गए सिद्धू मूसेवाला
ध्यान रहे कि 29 मई को सिद्धू मूसेवाला अपनी थार गाड़ी में थे तभी उन्हें शूटरों ने घेर लिया और गोलियों की बौछार कर दी। सिद्धू मूसेवाला मौके पर ही मारे गए। दिल्ली पुलिस ने हत्यारों को पकड़ने के लिए सघन अभियान चलाया और उसे लगातार सफलता भी मिलती गई। स्पेशल सेल ने रविवार रात को अंकित और सचिन को भी गिरफ्तार कर लिया। सिद्धू मूसेवाला को लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार गैंग ने मिलकर मारा।.
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