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राजस्थान की धरती पर जन्मे पाबूजी महाराज वीरता, वचन और धर्म के ऐसे प्रतीक हैं जिन्हें आज भी लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है। उनका जन्म कोलू में राठौड़ वंश में हुआ। उनके पिता धांधल राठौड़ और माता कमलादे थीं। बचपन से ही पाबूजी साहसी, न्यायप्रिय और करुणामय थे।
वचन का बंधन
एक दिन देवल चारण नामक एक गौपालक ने पाबूजी महाराज से अपनी गायों की रक्षा का आग्रह किया। पाबूजी महाराज ने उसे वचन दिया—
“जब तक प्राण हैं, तुम्हारी गायों की रक्षा करूँगा।”
राजस्थान की परंपरा में यह वचन जीवन से भी बड़ा होता है।
हार्दिक पांड्या अपनी गाड़ी में बैठने जा रहे थे इस दौरान दूर पर खड़ा एक आर्मी ऑफिसर बड़े ही आस से हार्दिक की तरफ देख रहा था उसे उम्मीद थी की हार्दिक उससे बात करेंगे और फोटो भी खिंचवाएंगे और बिल्कुल ऐसा ही हुआ हार्दिक की नजर जब आर्मी ऑफिसर पर गई,
तो उन्होंने हेलो करते हुए पास बुलाया फिर मुस्कुराते हुए बात किया और हार्दिक ने उस आर्मी ऑफिसर के सीने पर हाथ रखकर थपथपाया, उन्हें शाबाशी दी, इस छोटे से जेस्चर की वजह से आर्मी ऑफिसर बहुत ज्यादा खुश हो गए, आप उनके चेहरे के भाव से समझ सकते हैं,
यहां हार्दिक ने आर्मी ऑफिसर का दिन बना दिया जो की उन्हें बड़ा दिलदार आदमी बनाता है, इसके बाद हार्दिक पांड्या अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से गए