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मेरठ में सवर्ण समाज द्वारा प्रधानमंत्री Narendra Modi के कार्यक्रम का बहिष्कार एक महत्वपूर्ण जनसंदेश के रूप में सामने आया है,
सवर्ण समाज ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब अपने अधिकार, सम्मान और शिक्षा जैसे मूलभूत मुद्दों पर पूरी तरह सजग और मुखर हो चुका है।
कार्यक्रम को लेकर यह उम्मीद जताई जा रही थी कि लाखों की संख्या में युवा इसमें शामिल होंगे और भारी जनसमर्थन देखने को मिलेगा।
इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियाँ भी की गई थीं। मेरठ के दूर-दराज़ ग्रामीण क्षेत्रों तक लोगों को लाने के लिए निःशुल्क बसों की व्यवस्था की गई, ताकि अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।
लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग नजर आई।
ग्रामीण इलाकों के लोगों ने कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया और बड़ी संख्या में लोगों ने दूरी बनाए रखी।
यह स्थिति केवल एक कार्यक्रम से अनुपस्थिति नहीं, बल्कि समाज के भीतर पनप रहे असंतोष और विरोध की भावना का संकेत मानी जा रही है।
लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना और असहमति प्रकट करना नागरिकों का अधिकार है।
मेरठ के जागरूक नागरिकों ने इसी अधिकार का प्रयोग करते हुए अपनी उपस्थिति के बजाय अपनी अनुपस्थिति के माध्यम से संदेश देने का रास्ता चुना।
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सवर्ण एकता जिंदाबाद