Découvrir des postesExplorez un contenu captivant et des perspectives diverses sur notre page Découvrir. Découvrez de nouvelles idées et engagez des conversations significatives
लोक लेखा समिति का दो वर्ष का कार्यकाल समाप्त हुआ। समिति का पुनर्गठन हुआ। संगठन ने मुझे पुनः इस महत्वपूर्ण समिति का सदस्य बनाया है। संगठन, माननीय संसदीय कार्य मन्त्री श्री Suresh Kumar Khanna जी व माननीय विधानसभा अध्यक्ष श्री Satish Mahana जी के प्रति हृदय से आभार।
समिति की प्रथम व परिचयात्मक बैठक को सम्बोधित करते हुए श्री सतीश महाना जी ने कहा कि "समिति में सभी अनुभवी विधायक सम्मिलित हैं, जिनकी कार्यक्षमता का उपयोग जनता और लोकतंत्र की मजबूती के लिए किया जाएगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था संविधान के प्रति जवाबदेही पर आधारित है और सरकार जनता के करों से संचालित होती है। अतः जनप्रतिनिधियों की सीधी जिम्मेदारी है कि करदाता, विशेषकर गरीब जनता के धन का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।"
उन्होंने यह भी कहा कि "वैसे तो सभी समितियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन लोक लेखा समिति का महत्व इसलिए और अधिक है क्योंकि वित्तीय अनुशासन के बिना कोई भी कार्य संभव नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज समितियों के माध्यम से सुनी जाती है। इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान एवं निस्तारण करना जनप्रतिनिधियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।"
उन्होंने कहा कि "हम सबको जनहित के विषयों पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए। लोक लेखा समिति में जो सदस्य पहली बार शामिल हुए हैं, वे वरिष्ठ और अनुभवी सदस्यों से सीख लेकर समिति की कार्यप्रणाली को और अधिक सशक्त बनाएँ।"
लोक लेखा समिति का दो वर्ष का कार्यकाल समाप्त हुआ। समिति का पुनर्गठन हुआ। संगठन ने मुझे पुनः इस महत्वपूर्ण समिति का सदस्य बनाया है। संगठन, माननीय संसदीय कार्य मन्त्री श्री Suresh Kumar Khanna जी व माननीय विधानसभा अध्यक्ष श्री Satish Mahana जी के प्रति हृदय से आभार।
समिति की प्रथम व परिचयात्मक बैठक को सम्बोधित करते हुए श्री सतीश महाना जी ने कहा कि "समिति में सभी अनुभवी विधायक सम्मिलित हैं, जिनकी कार्यक्षमता का उपयोग जनता और लोकतंत्र की मजबूती के लिए किया जाएगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था संविधान के प्रति जवाबदेही पर आधारित है और सरकार जनता के करों से संचालित होती है। अतः जनप्रतिनिधियों की सीधी जिम्मेदारी है कि करदाता, विशेषकर गरीब जनता के धन का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।"
उन्होंने यह भी कहा कि "वैसे तो सभी समितियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन लोक लेखा समिति का महत्व इसलिए और अधिक है क्योंकि वित्तीय अनुशासन के बिना कोई भी कार्य संभव नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज समितियों के माध्यम से सुनी जाती है। इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान एवं निस्तारण करना जनप्रतिनिधियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।"
उन्होंने कहा कि "हम सबको जनहित के विषयों पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए। लोक लेखा समिति में जो सदस्य पहली बार शामिल हुए हैं, वे वरिष्ठ और अनुभवी सदस्यों से सीख लेकर समिति की कार्यप्रणाली को और अधिक सशक्त बनाएँ।"