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भगत सिंह ने कहा था मैं फिर आऊंगा,
मां ने पूछा पहचानूंगी कैसे?
तो #भगत_सिंह बोले जो देश के लिए लड़ते हुए दिखे समझ लेना मैं ही हूँ!

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भगत सिंह ने कहा था मैं फिर आऊंगा,
मां ने पूछा पहचानूंगी कैसे?
तो #भगत_सिंह बोले जो देश के लिए लड़ते हुए दिखे समझ लेना मैं ही हूँ!

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भगत सिंह ने कहा था मैं फिर आऊंगा,
मां ने पूछा पहचानूंगी कैसे?
तो #भगत_सिंह बोले जो देश के लिए लड़ते हुए दिखे समझ लेना मैं ही हूँ!

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भगत सिंह ने कहा था मैं फिर आऊंगा,
मां ने पूछा पहचानूंगी कैसे?
तो #भगत_सिंह बोले जो देश के लिए लड़ते हुए दिखे समझ लेना मैं ही हूँ!

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❤️🌺👏

#मुगलसराय_स्टेशन, 🔥♨️💯
वर्तमान- पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन.
पिलर नंबर- 1276

11 फरवरी को इसी दिन 1968 को प्रातः 3.30 पर एक रेलवेमैन ने सहायक स्टेशन मास्टर को सबसे पहले एक शव की सूचना दी ,
3.35 पर पुलिस को सूचना दी गई 3.45 पर 3 सिपाही शव की निगरानी को पहुंचे ,
4 बजे रेलवे पुलिस के दरोगा साहब वहां पहुंचे ।
6 बजे डॉक्टर साहब आये व मृत्यु की पुष्टि की ,
7.30 को शव का पहला फ़ोटो खींचा गया ।
शव जमीन पर सीधा पड़ा था ,
6 घंटो के बाद शव को स्टेशन लाया गया ,
उनकी ही धोती से शव को ढक दिया गया ।
स्थानीय रेलवे कर्मचारी ने सबसे पहले पुष्टि की -के यह शव #पंडित_दीनदयाल_उपाध्याय जी का हैं ।
उनकी मुट्ठी में 5₹ का एक नोट था #नानाजी_देशमुख अंकित कलाई घड़ी थी व जेब में 26₹ व रेल का टिकट था !

यतः पिंडे ततः ब्रह्माण्डे
हमारीं सम्पूर्ण व्यवस्था का केंद्र मानव होना चाहिए ।
आज हम समस्त कार्यकर्ताओ को याद रखना चाहिए ,
इस #एकात्म_मानववाद के पुरोधा का बलिदान ,
जिनका एकमात्र चिंतन राष्ट्रवाद रहा ।

पंडितजी की स्मृति को शत शत वंदन ... 💐💐
यह हत्या आज भी रहस्य हैं।

संघ के स्वयंसेवक से लेकर जनसंघ के अध्यक्ष तक
#पं_दीनदयाल_उपाध्याय_जी का पूरा जीवन देश के लिए समर्पित रहा पुण्यतिथि पर शत-शत नमन🙏💐
जय हिन्द जय भारत 🇮🇳

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किसी को कुछ कहना हैं क्या
मरे जा रहें लोग
लेकिन सबको गंगा में ही डुबकी लगाना हैं

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अनुराग भदौरिया, बता रहा था कि कुंभ में श्रद्धालु, 48 घंटे से भूखे और प्यासे हैं
इन गधों से पूछो कि इन्होंने कितने भंडारे लगाए, ओर कितनी प्याऊ लगाई, क्योंकि प्रयागराज में कुछ तो सपड़ी लोग होगें ही, वो क्या कर रहें हैं?
एक भी श्रद्धालु ने यह नहीं कहा कि वो भूखा या प्यासा रहा
इन चोटियों को ये खबर कौन देता हे, जहां गंगा का पानी बह रहा हे वहां आदमी प्यासा कैसे रह सकता हे?
खुद टेढ़ी बीयर डुबक डुबक करके आया ओर तब पानी साफ था कोई मरे हुए जानवर नहीं थे और उसके आते ही गंगा गंदी हो गई
खुद तो साल फुल सिक्योरिटी के साथ गया लेकिन दूसरों की सिक्योरिटी से उसको तकलीफ हो गई

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