Discover posts

Explore captivating content and diverse perspectives on our Discover page. Uncover fresh ideas and engage in meaningful conversations

1 y - Translate

हत्यारों को चुनकर "गद्दी" पर बैठाने का यही लाभ है कि उन्हें ढेला फर्क नहीं पड़ता चाहे 3 मरे, 30 मरे, 300 मरे, 3 हजार मरे : कार्टूनिस्ट
आप सबकी क्या राय है !! 🤔

image
1 y - Translate

चुनाव आयोग राजनीति कर रहा है क्योंकि "राजीव कुमार" को 28 फ़रवरी को पोस्ट रिटायरमेंट नौकरी चाहिए : केजरीवाल
आप सबकी क्या राय है !!

image
1 y - Translate

CM योगी पर भड़के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

बोले- ये मुख्यमंत्री झूठा है, इसने पाप किया है !!
आप सबकी क्या राय है !! 🤔

image
1 y - Translate

कुंभ रहते-रहते इस मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए इसने जनता से झूठ बोला है, ये पद के काबिल नहीं है : शंकराचार्य
आप सबकी क्या राय है !! 🤔

image
1 y - Translate

कुंभ मेला में '2700 CCTV कैमरे' लगे हैं, अबतक भगदड़ के वीडियो क्यों नहीं जारी किए गए ? : नेहा सिंह राठौर
आप सबकी क्या राय है !! 🤔

image
1 y - Translate

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज मार्कंडेय काटजू ने पूछा कि " कोई VIP मोक्ष क्यों नहीं पाया ? "
आप सबकी क्या राय है !! 🤔

image
1 y - Translate

गंगा किनारे मरने वाला मरेगा नहीं बल्कि मोक्ष पाएगा : पंडित धीरेंद्र शास्त्री
आप सबकी क्या राय है !! 🤔

image
1 y - Translate

अगर ये मोक्ष पाने का तरीक़ा है तो सारे VIP और ये बाबा भगदड़ में क्यों नहीं कूद पड़े ?

: नेहा सिंह राठौर, गायिका

आप सबकी क्या राय है !! 🤔

image
1 y - Translate

आप सबकी क्या राय है !! 🤔

image
1 y - Translate

आज एक नीच आदमी गोयबल्स की औलाद और उसका देश मानव विरोधी मीडिया कुंभ के कुकर्म को ढकने के लिए नेहरू के नाम पर झूठा आरोप लगा रहे हैं कि ने 1954 में विशेष स्नान के दिन संगम में छलांग लगा दी थी इसलिए भगदड़ मची थी।

ये बात सरासर झूठ है और तमाम भाजपाई मेरी बात से सहमत हैं जैसे कि मेरी मां ने उम्रभर मुझे बताया कि 1954 में भगदड़ इसलिए मची थी कि संगम में आम आदमियों ने नागाओं से पहले स्नान कर लिया था और इससे नाराज होकर नागाओं ने बवाल कर दिया था और ॰लोगों को त्रिशूल और भाले लेकर दौड़ा लिया था और हाथी भी दौड़ा दिये थे तब भगदड़ में लोग मरे थे। नेहरू ने स्वयं किसी वीआईपी इंतजाम से मना किया था। हिम्मत है तो बाबू राजेन्द्र प्रसाद प्रथम राष्ट्रपति का नाम लो जिन्होंने एक माह का कल्पवास किया था और तीन बार दिन में स्नान करते थे और सुपर वीआईपी थे और नेहरू ने मुख्यमंत्री पं गोविंद बल्लभ पन्त के जरिए बाबू राजेन्द्र प्रसाद के लिए विशेष इंतजाम करवाया था।

वो नेहरू थे जब भगदड़ के बाद संसद में राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन ने सवाल उठाया तो नेहरू ने स्वयं जवाब देते हुए पढ़ा और संसद की इस चर्चा का मुलाहिजा फरमाएं कि नेहरू स्वयं अंधविश्वास को दूर करने के लिए कहते हैं जवाब देते हुए कि मैं ऐसे अवसरों पर जानबूझ वहां नहीं नहाता क्योंकि लोग ये न समझें कि मैं इस चीज को प्रोत्साहन दे रहा हूं।

नेहरू ने बेशक ब्रिटिश शासन में जब गवर्नर जनरल लिनलिथगो ने कुंभ नहाने पर रोक लगा दी थी और संगम के आसपास जंजीरे लगा दी थीं और घुड़सवार पुलिस वहां मौजूद थी तो नेहरू ने घुड़सवार के नीचे यानी घोड़े के पेट के नीचे से निकलकर संगम में छलांग लगा दी और सरकार की अवज्ञा कर दी।

बताओ नफरती चिंटूओ तब तुम्हारी हिम्मत थी स्नान करने की?

image