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सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए न्यायालय में इस्लामिक, वामपंथि या ईसाई विचारधारा का कोई भी जज न हो क्योंकि यह विदेशी संस्कृति के दवाब में निर्णय लेते हैं जिससे हमारे सनातन राष्ट्र को निरंतर हानि उठानी पड़ती है। इन्हीं लोगों की वजह से केस सालों साल तक सुलझ नहीं पाते।
याद है 👇
‘ताहिर हुसैन 5 वर्षों से घर नहीं गया’
: जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्ला
लेकिन सवाल ये है कि
क्या दिलबर नेगी घर जा पाए?
क्या कॉन्स्टेबल रतन लाल घर जा पाए?
क्या IB ऑफिसर अंकित शर्मा घर जा पाए?
दिल्ली दंगों में कट्टरपंथी मुसलमानों ने इन सबके हाथ-पाँव काट कर धड़ को आग में फेंक दिया था!
क्या वो 53 लोग घर जा पाए जो दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन के कारण मारे गए?
दिल्ली दंगों पर बनी फिल्म "2020 दिल्ली" में बताई गई है सारी सच्चाई!
‘ताहिर हुसैन 5 वर्षों से घर नहीं गया’
: जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्ला
लेकिन सवाल ये है कि
क्या दिलबर नेगी घर जा पाए?
क्या कॉन्स्टेबल रतन लाल घर जा पाए?
क्या IB ऑफिसर अंकित शर्मा घर जा पाए?
दिल्ली दंगों में कट्टरपंथी मुसलमानों ने इन सबके हाथ-पाँव काट कर धड़ को आग में फेंक दिया था!
क्या वो 53 लोग घर जा पाए जो दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन के कारण मारे गए?
दिल्ली दंगों पर बनी फिल्म "2020 दिल्ली" में बताई गई है सारी सच्चाई!
‘ताहिर हुसैन 5 वर्षों से घर नहीं गया’
: जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्ला
लेकिन सवाल ये है कि
क्या दिलबर नेगी घर जा पाए?
क्या कॉन्स्टेबल रतन लाल घर जा पाए?
क्या IB ऑफिसर अंकित शर्मा घर जा पाए?
दिल्ली दंगों में कट्टरपंथी मुसलमानों ने इन सबके हाथ-पाँव काट कर धड़ को आग में फेंक दिया था!
क्या वो 53 लोग घर जा पाए जो दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन के कारण मारे गए?
दिल्ली दंगों पर बनी फिल्म "2020 दिल्ली" में बताई गई है सारी सच्चाई!
