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यह दिशा पटानी की बहन खुशबू पाटनी हैं, जो पहले सेना में मेजर थीं।
खुशबू बरेली स्थित अपने घर के पास सुबह मॉर्निंग वॉक कर रही थी तभी उन्हें घर के पास के खंडहर से बच्ची के रोने की आवाज आई।

खुशबू भाग कर गई तो देखा खंडहर में लावारिस बच्ची पड़ी थी। खुशबू ने बच्ची को गोद में उठाया, उसे अपने घर ले जाकर साफ-सफाई करवाई और दूध पिलाया। जगह-जगह बच्ची के शरीर पर चोट के कुछ निशान थे।
खुशबू के पिता जगदीश पाटनी ने पुलिस को सूचित कर दिया।

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यह दिशा पटानी की बहन खुशबू पाटनी हैं, जो पहले सेना में मेजर थीं।
खुशबू बरेली स्थित अपने घर के पास सुबह मॉर्निंग वॉक कर रही थी तभी उन्हें घर के पास के खंडहर से बच्ची के रोने की आवाज आई।

खुशबू भाग कर गई तो देखा खंडहर में लावारिस बच्ची पड़ी थी। खुशबू ने बच्ची को गोद में उठाया, उसे अपने घर ले जाकर साफ-सफाई करवाई और दूध पिलाया। जगह-जगह बच्ची के शरीर पर चोट के कुछ निशान थे।
खुशबू के पिता जगदीश पाटनी ने पुलिस को सूचित कर दिया।

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यह दिशा पटानी की बहन खुशबू पाटनी हैं, जो पहले सेना में मेजर थीं।
खुशबू बरेली स्थित अपने घर के पास सुबह मॉर्निंग वॉक कर रही थी तभी उन्हें घर के पास के खंडहर से बच्ची के रोने की आवाज आई।

खुशबू भाग कर गई तो देखा खंडहर में लावारिस बच्ची पड़ी थी। खुशबू ने बच्ची को गोद में उठाया, उसे अपने घर ले जाकर साफ-सफाई करवाई और दूध पिलाया। जगह-जगह बच्ची के शरीर पर चोट के कुछ निशान थे।
खुशबू के पिता जगदीश पाटनी ने पुलिस को सूचित कर दिया।

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📍Maharashtra IN Mumbai !!

विले पार्ले स्थित पुराने दिगंबर "जैन मंदिर" पर चला बुलडोजर! जैन समुदाय आक्रोशित।

विश्व हिंदू परिषद और जैन समुदाय के नेतृत्व में मौन मौन विरोध प्रदर्शन।

"धर्मो रक्षति,धर्मो रक्षति,धर्मो रक्षति"

धर्म की रक्षा,हम सबकी जिम्मेदारी !!

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महाराष्ट्रात मराठीच वाढली पाहिजे, येणाऱ्या पिढ्यांच्या अंगा-खांद्यावर खेळली पाहिजे. त्यासाठी कष्टं करा!- हेमंत ढोमे

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आंदोलनाची जागा आझाद मैदान आहे ना?
कुठे गेले नियम ?
@maharashtra_hmo

आम्हा सामान्य मराठी माणसांना नियम सांगता
अनेक आंदोलने हाणून पाडले आंदोलन करू दिले नाही.
इथे किती लोकांना नोटीस दिल्या पुरावे सामान्य माणसांना दाखवा.

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आंदोलनाची जागा आझाद मैदान आहे ना?
कुठे गेले नियम ?
@maharashtra_hmo

आम्हा सामान्य मराठी माणसांना नियम सांगता
अनेक आंदोलने हाणून पाडले आंदोलन करू दिले नाही.
इथे किती लोकांना नोटीस दिल्या पुरावे सामान्य माणसांना दाखवा.

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