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ख़बर है राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से,

यहां से एक स्कूल की वीडियो वायरल हो रही है, इस वीडियो में एक शिक्षक और शिक्षिका एक दूसरे के अथाह प्यार के समुद्र में डुबकी लगा रहे हैं,

यह डुबकी देह के प्रत्येक भाग में बारी बारी से लगाई जा रही है मगर अफ़सोस

इन दोनों को नहीं पता था कि "ऊपर वाला सब देख रहा है" और फिर वही हुआ जो होना नहीं चाहिए था,

ऊपर वाले ने सब देख लिया और वीडियो बाहर आ गई है, फिलहाल इन दोनों को निलंबित कर दिया गया है।

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ख़बर है राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से,

यहां से एक स्कूल की वीडियो वायरल हो रही है, इस वीडियो में एक शिक्षक और शिक्षिका एक दूसरे के अथाह प्यार के समुद्र में डुबकी लगा रहे हैं,

यह डुबकी देह के प्रत्येक भाग में बारी बारी से लगाई जा रही है मगर अफ़सोस

इन दोनों को नहीं पता था कि "ऊपर वाला सब देख रहा है" और फिर वही हुआ जो होना नहीं चाहिए था,

ऊपर वाले ने सब देख लिया और वीडियो बाहर आ गई है, फिलहाल इन दोनों को निलंबित कर दिया गया है।

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भाजपा के महानगर महामंत्री श्री नवीन कपूर जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
बाबा विश्वनाथ जी से आपके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु जीवन की कामना है।

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भाजपा के महानगर महामंत्री श्री नवीन कपूर जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
बाबा विश्वनाथ जी से आपके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु जीवन की कामना है।

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भाजपा के महानगर महामंत्री श्री नवीन कपूर जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
बाबा विश्वनाथ जी से आपके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु जीवन की कामना है।

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जब दुनिया भर के बच्चे अपने सपनों में खोये रहते हैं, वहीं ओडिशा के कोरापुट जिले की कक्षा 8 की छात्रा हर्षिता प्रियदर्शिनी मोहंती ने एक ऐसे अद्वितीय सपने को देखा, जो केवल धरती को बचाने का था, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक संदेश छोड़ गया। हर्षिता को आज 'बीज गर्ल' के नाम से जाना जाता है, और यह उपनाम उन्हें उनके पर्यावरणीय योगदान के कारण मिला है।
2023 में, पद्मश्री कमला पुजारी से प्रेरित होकर हर्षिता ने देशी बीजों को इकट्ठा करना शुरू किया। उनकी मेहनत का परिणाम यह है कि आज उनके बीज बैंक में 180 से अधिक धान की दुर्लभ किस्में और 80 से ज्यादा प्रकार के बाजरे शामिल हैं, जिनमें कोरापुट कालाजीरा और तुलसी भोग जैसे अद्भुत चावल की किस्में भी हैं। हर्षिता का मानना है कि देशी बीज न केवल जलवायु के अनुकूल हैं, बल्कि वे किसानों के लिए किफायती और पोषण से भरपूर भी हैं।
हर्षिता ने अपने छोटे से गाँव से शुरू होकर 50 से अधिक किसानों को मुफ्त में बीज वितरित किए हैं और अब वह जैविक खेती के प्रचार-प्रसार में भी जुटी हैं। उनका सपना एक दिन कृषि वैज्ञानिक बनने का है ताकि वे अपने इस आंदोलन को और आगे बढ़ा सकें। हर्षिता का यह अद्वितीय प्रयास न केवल ओडिशा बल्कि पूरे देश में एक प्रेरणा बन चुका है। उनकी मेहनत और लगन यह साबित करती है कि छोटे सपने नहीं, बड़े सपने ही हमें एक दिशा और उद्देश्य देते हैं।
#harshitamishra #seedgirl #organicfarming #inspiration

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अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी मूल रूप से उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले की रहने वाली हैं. उन्होंने पलायन की स्थिति को देखते हुए भटवाड़ी गांव को गोद लिया है.
भटवाड़ी गांव को क्यों गोद ले रही हैं अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी, जानें कनेक्शन
अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने भटवाड़ी गांव को गोद लिया है.
रुद्रप्रयाग. उत्तराखंड के पहाड़ों से लोग अक्सर रोजगार की तलाश में पलायन करते हैं. ऐसे ही कई सालों पहले अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी (Himani Shivpuri Uttarakhand Village) ने भी पहाड़ से पलायन किया था लेकिन आज वह सफलता के कई मुकाम पार कर चुकी हैं. उन्होंने पहाड़ के लिए बेहद नेक काम किया है. हिमानी अपने मायके के गांव को गोद ले रही हैं. हिमानी शिवपुरी बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री हैं. वह मूल रूप से उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले की रहने वाली हैं. उन्होंने अपने शानदार अभिनय से बॉलीवुड और छोटे पर्दे पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है. उन्होंने भटवाड़ी गांव में पलायन की स्थिति को देखते हुए गांव को गोद लिया है. यह गांव उनके मायके का गांव है. अब वह इस गांव के लोगों के हितों के लिए काम करेंगी, जिससे भटवाड़ी गांव की तस्वीर बदलने की उम्मीद जगी है.

हिमानी शिवपुरी अब भटवाड़ी गांव की महिलाओं और बच्चों के जीवन को सुधारने के साथ ही बुजुर्गों के कल्याण के लिए काम करेंगी.‌ वह बालिका शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी कई योजनाएं तैयार कर रही हैं. इसके लिए हिमानी जल्द ही अपने मायके आएंगी और जल्द ही इन योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम करेंगी. उन्होंने कहा कि उनके मायके भटवाड़ी गांव में पलायन की वजह से ज्यादातर परिवारों में सिर्फ बुजुर्ग ही रह गए हैं. ऐसे में वह अपने गांव के लोगों के स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं के लिए काम करेंगी. एक्ट्रेस ने अपने मायके के गांव को गोद लेकर एक मिसाल पेश की है. गांव के लोग अभिनेत्री के इस फैसले से बेहद खुश हैं.

आर्ट फिल्मों से करियर की शुरुआत बताते चलें कि अभिनेत्री हिमानी भट्ट शिवपुरी का जन्म रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि ब्लॉक के भटवाड़ी गांव में 26 अक्टूबर 1964 में हुआ था. हिमानी के पिता हरिदत्त भट्ट हिंदी विषय के शिक्षक थे और मां शैला भट्ट गृहिणी हैं. अभिनेत्री हिमानी ने अपनी प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा देहरादून से ग्रहण की है. इसके बाद उन्होंने साल 1984-85 में आर्ट फिल्मों से अपने करियर की शुरुआत की. हिमानी ने अपने शानदार अभिनय से बॉलीवुड फिल्मों में अपनी खास पहचान बनाई है. उन्होंने अपने करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है. साथ ही टीवी सीरियल्स में भी उन्होंने खूब काम किया है. वह अपने साड़ी लुक की वजह से भी काफी फेमस हैं

उत्तराखंड मूल की बॉलीवुड अभिनेत्री #हिमानी_शिवपुरी जी ने भटवाड़ी गांव को लिया गोद वे यहां पर्यावरण संरक्षण, आजीविका उत्पादन, और हमारी समृद्ध संस्कृति के संरक्षण के लिए कार्य करेंगी। यह कदम न केवल गांव के विकास में योगदान देगा बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उदाहरण पेश करेगा।
उत्तराखंड को आप पर गर्व है! 🌿🏔️

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