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प्रेमचंद्र अमर रहो 😘

मुंशी प्रेमचंद जी (धनपतराय श्रीवास्तव) की अपनी पत्नी के साथ फोटो जिसमें उन्होंने फटे जूते पहने हुए हैं। इस फोटो को देखकर महान लेखक हरिशंकर परसाई जी ने एक लेख लिखा था जिसमें उन्होंने कहा था, "सोचता हूँ, यदि फोटो खिंचवाने की यह वेश-भूषा है, तो पहनने की कैसी होगी? नहीं, इस आदमी की अलग-अलग वेश-भूषा नहीं होंगी। इसमें वेश-भूषा बदलने का गुण नहीं है। यह जैसा है, वैसा ही फोटो में खींच जाता है।"

यह व्यक्ति पोशाक बदल भी नहीं सकता क्योंकि इसने भारत की जनता के मर्म को छुआ है। इस की पोशाक के पीछे गोदान जैसे महाकाव्य की आदरांजलि भी तो है।
हम आपके सादगी को नमन करते 👏
सैल्यूट 🔥
जय हिंद जय भारत

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तिलक करे परिवार को , शक्ति शांति प्रदान..
आप लगाकर देखिये , हो जाये कल्याण🔥😊🚩

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