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Love Marriage News Teacher And Student -
50 साल के शिक्षक का अपनी 20 साल की शिष्या पर आया दिल, दोनों ने मंदिर में रचाई शादी
बिहार के समस्तीपुर जिले में 50 साल शिक्षक ने अपनी ही 20 छात्रा से शादी रचा ली है। इस शादी के बाद शिक्षक और छात्र बेहद ही खुश नजर आ रहे हैं। बता दें कि, 20 साल की छात्रा इंग्लिश कोचिंग के लिए घर से थोड़ी दूसरी पर मौजूद को कोचिंग सेंटर जाती थी। यहां उसे अपने 50 साल के इंग्लिश पढ़ाने वाले टीचर से प्यार हो गया। प्यार ऐसा परवान चढ़ा की मंदिर में जाकर दोनों ने शादी कर ली। दोनों की शादी का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें टीचर और छात्रा बेहद खुश नजर आ रहे हैं। समस्तीपुर के रोसड़ा की रहने वाली छात्रा श्वेता कुमारी इंग्लिश की कोचिंग लेने जाती थी। पढ़ाई के दौरान श्वेता का अपने 50 साल के इंग्लिश टीचर संगीत कुमार पर दिल आ गया। धीरे-धीरे संगीत को भी श्वेता से इश्क हो गया।
श्वेता चुपके-चुपके अपने टीचर से प्यार करती थी. जब इसकी भनक टीचर संगीत कुमार को लगी तो उन्होंने अपनी स्टूडेंट के प्यार को स्वीकार कर लिया. दोनों की लव स्टोरी के बारे में जल्द ही स्थानीय लोगों को पता चल गया. टीचर संगीत कुमार को एक हमसफर की जरूरत थी. उन्होंने अपने प्यार को सामाजिक और कानूनी रूप देने का फैसला किया. दोनों रोसड़ा के एक मंदिर में पहुंचे और वैवाहिक मंत्रोच्चारण के बीच हिंदू रीति-रिवाज से शादी रचा ली. बाद में शादी को कानूनी मान्यता देने के लिए कोर्ट मैरिज कर लिया.
उत्तराखंड की भगीरथी बिष्ट ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से दक्षिण एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त किया है। 42 किलोमीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने के बाद, वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार है।
23 साल की भगीरथी चमोली जनपद के दूरस्थ गांव वाण की रहने वाली है। पहाड़ की उतराई चढ़ाई नापते नापते कब भागीरथी इतनी बड़ी धावक बन गयी वह खुद भी नहीं समझ पायी लेकिन अब वह पहाड़ जैसे अपने मजबूत इरादों के साथ देश का नाम रोशन करने के लिए बेताब है और इन दिनों रांसी स्टेडियम पौड़ी में दिन रात मेहनत कर रही है।
भगीरथी की कहानी हमें यह याद दिलाती है कि कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास से हम अपने सपनों को हासिल कर सकते हैं। मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले इस बेटी को भविष्य की ढ़ेर सारी शुभकामनाएं।
उत्तराखंड की भगीरथी बिष्ट ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से दक्षिण एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त किया है। 42 किलोमीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने के बाद, वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार है।
23 साल की भगीरथी चमोली जनपद के दूरस्थ गांव वाण की रहने वाली है। पहाड़ की उतराई चढ़ाई नापते नापते कब भागीरथी इतनी बड़ी धावक बन गयी वह खुद भी नहीं समझ पायी लेकिन अब वह पहाड़ जैसे अपने मजबूत इरादों के साथ देश का नाम रोशन करने के लिए बेताब है और इन दिनों रांसी स्टेडियम पौड़ी में दिन रात मेहनत कर रही है।
भगीरथी की कहानी हमें यह याद दिलाती है कि कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास से हम अपने सपनों को हासिल कर सकते हैं। मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले इस बेटी को भविष्य की ढ़ेर सारी शुभकामनाएं।
उत्तराखंड की भगीरथी बिष्ट ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से दक्षिण एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त किया है। 42 किलोमीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने के बाद, वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार है।
23 साल की भगीरथी चमोली जनपद के दूरस्थ गांव वाण की रहने वाली है। पहाड़ की उतराई चढ़ाई नापते नापते कब भागीरथी इतनी बड़ी धावक बन गयी वह खुद भी नहीं समझ पायी लेकिन अब वह पहाड़ जैसे अपने मजबूत इरादों के साथ देश का नाम रोशन करने के लिए बेताब है और इन दिनों रांसी स्टेडियम पौड़ी में दिन रात मेहनत कर रही है।
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