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हलधर नाग, जिन्हें 'लोक कवि रत्न' कहा जाता है, ने कोसली भाषा में कविताएँ लिखकर साहित्य की दुनिया में इतिहास रच दिया। तीसरी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने वाले हलधर बिना किताब के कविताएँ सुनाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी कविताएँ पाँच विद्वानों के पीएचडी शोध का विषय बन चुकी हैं। 1990 में पहली कविता प्रकाशित होने के बाद, उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। समाज, प्रकृति और पौराणिक कथाओं पर लिखने वाले इस कवि को 2016 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। उनके शब्दों में, "हर कोई कवि है, पर उसे आकार देना कला है।"

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इंडियन आइडल विजेता #पवनदीप_राजन ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा. पवनदीप की आवाज आपका दिल जीत लेगी.आइडल 12 का खिताब भी अपने नाम कर चुके हैं.
इस दौरान उन्होंने पूजा पाठ कर अपनी आवाज से ग्रामीणों का दिल जीता और ग्रामीणों को अपने गाने सुनाए, जिससे ग्रामीण काफी खुश नजर आए. इस मौके पर पवनदीप की दोस्त अरुनिता भी मौजूद रहीं. वहीं आज पवनदीप राजन अपने परिवार संग सल्ला से चंपावत के लिए रवाना होंगे. बताते चलें कि पवनदीप राजन मूलरूप से पिथौरागढ़ #सल्ला गांव के रहने वाले हैं. अब उनका परिवार #चंपावत जिले में रहता है. #पिथौरागढ़ और चंपावत जिले एक दूसरे से मिले हैं. चंपावत जिला #पिथौरागढ़ से पृथक जिला बना था.
जानें कौन हैं पवनदीप राजन: पवनदीप राजन उत्तराखंड के चंपावत के रहने वाले हैं. उनके पापा सुरेश राजन कुमाऊं के सिंगर हैं. पवनदीप राजन की नानी भी फोक सिंगर थीं. पवनदीप को म्यूजिक विरासत में मिला है. उन्हें उनके पिता सुरेश राजन और ताऊ सतीश राजन ने बचपन से ही म्यूजिक सिखाया. पवनदीप राजन गाने के साथ-साथ अनेक म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजा लेते हैं. वह कई सिंगिंग रियलिटी शो जीत चुके हैं. वे 2015 में टीवी शो द वॉइस ऑफ इंडिया जीत चुके हैं. पवनदीप इंडियन आइडल 12 का खिताब भी अपने नाम कर चुके हैं.❤❤❤🥰

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इंडियन आइडल विजेता #पवनदीप_राजन ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा. पवनदीप की आवाज आपका दिल जीत लेगी.आइडल 12 का खिताब भी अपने नाम कर चुके हैं.
इस दौरान उन्होंने पूजा पाठ कर अपनी आवाज से ग्रामीणों का दिल जीता और ग्रामीणों को अपने गाने सुनाए, जिससे ग्रामीण काफी खुश नजर आए. इस मौके पर पवनदीप की दोस्त अरुनिता भी मौजूद रहीं. वहीं आज पवनदीप राजन अपने परिवार संग सल्ला से चंपावत के लिए रवाना होंगे. बताते चलें कि पवनदीप राजन मूलरूप से पिथौरागढ़ #सल्ला गांव के रहने वाले हैं. अब उनका परिवार #चंपावत जिले में रहता है. #पिथौरागढ़ और चंपावत जिले एक दूसरे से मिले हैं. चंपावत जिला #पिथौरागढ़ से पृथक जिला बना था.
जानें कौन हैं पवनदीप राजन: पवनदीप राजन उत्तराखंड के चंपावत के रहने वाले हैं. उनके पापा सुरेश राजन कुमाऊं के सिंगर हैं. पवनदीप राजन की नानी भी फोक सिंगर थीं. पवनदीप को म्यूजिक विरासत में मिला है. उन्हें उनके पिता सुरेश राजन और ताऊ सतीश राजन ने बचपन से ही म्यूजिक सिखाया. पवनदीप राजन गाने के साथ-साथ अनेक म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजा लेते हैं. वह कई सिंगिंग रियलिटी शो जीत चुके हैं. वे 2015 में टीवी शो द वॉइस ऑफ इंडिया जीत चुके हैं. पवनदीप इंडियन आइडल 12 का खिताब भी अपने नाम कर चुके हैं.❤❤❤🥰

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इंडियन आइडल विजेता #पवनदीप_राजन ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा. पवनदीप की आवाज आपका दिल जीत लेगी.आइडल 12 का खिताब भी अपने नाम कर चुके हैं.
इस दौरान उन्होंने पूजा पाठ कर अपनी आवाज से ग्रामीणों का दिल जीता और ग्रामीणों को अपने गाने सुनाए, जिससे ग्रामीण काफी खुश नजर आए. इस मौके पर पवनदीप की दोस्त अरुनिता भी मौजूद रहीं. वहीं आज पवनदीप राजन अपने परिवार संग सल्ला से चंपावत के लिए रवाना होंगे. बताते चलें कि पवनदीप राजन मूलरूप से पिथौरागढ़ #सल्ला गांव के रहने वाले हैं. अब उनका परिवार #चंपावत जिले में रहता है. #पिथौरागढ़ और चंपावत जिले एक दूसरे से मिले हैं. चंपावत जिला #पिथौरागढ़ से पृथक जिला बना था.
जानें कौन हैं पवनदीप राजन: पवनदीप राजन उत्तराखंड के चंपावत के रहने वाले हैं. उनके पापा सुरेश राजन कुमाऊं के सिंगर हैं. पवनदीप राजन की नानी भी फोक सिंगर थीं. पवनदीप को म्यूजिक विरासत में मिला है. उन्हें उनके पिता सुरेश राजन और ताऊ सतीश राजन ने बचपन से ही म्यूजिक सिखाया. पवनदीप राजन गाने के साथ-साथ अनेक म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजा लेते हैं. वह कई सिंगिंग रियलिटी शो जीत चुके हैं. वे 2015 में टीवी शो द वॉइस ऑफ इंडिया जीत चुके हैं. पवनदीप इंडियन आइडल 12 का खिताब भी अपने नाम कर चुके हैं.❤❤❤🥰

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