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बागपत जिले का किशनपुर बराल रोज की हमारी देशी भाषा मै इस गांव को सब बिराल कहते है ये गांव दिल्ली सहारनपुर पर मेन हाइवे पर स्थित है यहां का इण्टर कालेज भी मेन हाइवे पर ही स्थित है इसके ठीक सामने कासमपुर खेड़ी गांव है वो भी काफी बड़ा प्रसिद्ध गांव है इसी गांव मै रेलवे स्टेशन भी स्थित है जहां से काफी गांव के लोग ट्रेन का सफर करते है||वैसे तो यहां सभी जाति धर्म के लोग है लेकिन तोमर बाहुल्य गांव है||और भी बड़े और अनेकों किस्से रहे है यहां प्रसिद्ध क्या है किस किसको पता है ||किशन पुर बराल ||बागपत||
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Ten Unknown Facts About #yojana
1. Founding and History: BMW, Bayerische Motoren Werke AG, was founded in 1916 in Munich, Germany, initially producing aircraft engines. The company transitioned to motorcycle production in the 1920s and eventually to automobiles in the 1930s.
2. Iconic Logo: The BMW logo, often referred to as the "roundel," consists of a black ring intersecting with four quadrants of blue and white. It represents the company's origins in aviation, with the blue and white symbolizing a spinning propeller against a clear blue sky.
3. Innovation in Technology: BMW is renowned for its innovations in automotive technology. It introduced the world's first electric car, the BMW i3, in 2013, and has been a leader in developing advanced driving assistance systems (ADAS) and hybrid powertrains.
ये हैं #कश्मीर की #सानिया #ज़हरा, जिन्हें "हनी क्वीन" से भी जाना है। #शहद के कारोबार में क्रांति लाने वाली सानिया ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल एक सफल व्यवसाय खड़ा किया है, बल्कि कई लोगों के लिए प्रेरणा भी बन गई हैं।
सानिया जहरा ने पालतू मधुमक्खियों की देखभाल और शुद्ध शहद उत्पादन में महारत हासिल की है। उनके शहद का व्यापार अब लाखों का हो गया है। कश्मीर के कठिन भौगोलिक और मौसमीय परिस्थितियों के बावजूद, उन्होंने इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।
उनका शहद कारोबार न केवल आर्थिक लाभ दे रहा है, बल्कि स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा दे रहा है। सानिया की कहानी यह साबित करती है कि यदि संकल्प और मेहनत हो, तो किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है। आज वे कश्मीर की महिलाओं के लिए एक प्रेरणा हैं, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाने की चाह रखती हैं।
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कठुआ जिले की पूजा देवी ने सभी रूढ़ियों को तोड़ते हुए जम्मू-कश्मीर की पहली महिला बस ड्राइवर बन गई हैं। तीन बच्चों की मां पूजा देवी ने पहली बार जम्मू और कठुआ के बीच बस का संचालन संभाला। इस दौरान उनका 7 साल का बेटा भी बस में उनके साथ था। पूजा देवी ने अपने परिवार से प्रतिकूल व्यवहार के बावजूद इस पेशे को अपनाया और अब सोशल मीडिया पर उनकी प्रशंसा हो रही है