सभी दिव्यांगजनों को #विश्व_दिव्यांग_दिवस की
शुभकामनाएं।
आइए, विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांग भाई-बहनों का सम्मान करके उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और हर संभव सहयोग करने का संकल्प लें।
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सभी दिव्यांगजनों को #विश्व_दिव्यांग_दिवस की
शुभकामनाएं।
आइए, विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांग भाई-बहनों का सम्मान करके उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और हर संभव सहयोग करने का संकल्प लें।
Elon Musk 🔥🔥
एलन मस्क 2024 के अंत में टेस्ला-पाई मोबाइल फोन लॉन्च कर रहे हैं, इस मोबाइल फोन में दो ऐसे फीचर्स हैं जो किसी भी मोबाइल कंपनी में नहीं है।
1. इस मोबाइल को चार्जिंग की जरूरत नहीं है, यह सूरज की रोशनी से अपने आप चार्ज हो जाता है, अगर यह आपकी जेब में है तब भी चार्ज होता रहेगा
2. इस टेस्ला मोबाइल को इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता नहीं है, यह टेस्ला के इंटरनेट स्टारलिंक सैटेलाइट के साथ काम करता है, इसलिए आप जहां भी हों चाहे चांद पर भी हों यह मोबाइल इंटरनेट काम करता रहेगा
#mobile #repost #facebookpost
सबसे अच्छे पुराने दिन 😍😍
मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि दुनिया में जितना बदलाव हमारी पीढ़ी ने देखा है वह ना तो हमसे पहले किसी पीढ़ी ने देखा है और ना ही हमारे बाद किसी पीढ़ी के देखने की संभावना लगती है
हम वह आखिरी पीढ़ी हैं जिसने बैलगाड़ी से लेकर सुपर सोनिक जेट देखें हैं.बैरंग ख़त से लेकर लाइव चैटिंग तक देखा है और असंभव लगने वाली बहुत सी बातों को संभव होता देखा है.
● हम वो आखिरी पीढ़ी हैं
जिन्होंने कई-कई बार मिटटी के घरों में बैठ कर परियों और राजाओं की कहानियां सुनीं, जमीन पर बैठ कर खाना खाया है, प्लेट में चाय पी है।
● हम वो आखिरी लोग हैं…
जो मोहल्ले के बुज़ुर्गों को दूर से देख कर, नुक्कड़ से भाग कर, घर आ जाया करते थे. और समाज के बड़े बूढों की इज़्ज़त डरने की हद तक करते थे
● हम वो आखिरी पीढ़ी के लोग हैं
जिन्होंने चिमनी , लालटेन, कम या बल्ब की पीली रोशनी में होम वर्क किया है और चादर के अंदर छिपा कर नावेल पढ़े हैं।
● हम उसी पीढ़ी के लोग हैं…
जिन्होंने अपनों के लिए अपने जज़्बात, खतों में आदान प्रदान किये हैं और उन ख़तो के पहुंचने और जवाब के वापस आने में महीनों तक इंतजार किया है।
● हम उस आखिरी पीढ़ी के लोग हैं
जिन्होंने कूलर, एसी या हीटर के बिना ही बचपन गुज़ारा है। और बिजली के बिना भी गुज़ारा किया है।
जो अक्सर अपने छोटे बालों में, सरसों का ज्यादा तेल लगा कर, स्कूल और शादियों में जाया करते थे।
जिन्होंने स्याही वाली दावात या पेन से कॉपी, किताबें, कपडे और हाथ काले, नीले किये है। तख़्ती पर सेठे की क़लम से लिखा है और तख़्ती घोटी है।
जिन्होंने टीचर्स से मार खाई है. और घर में शिकायत करने पर फिर मार खाई है
जिन्होंने गोदरेज सोप की गोल डिबिया से साबुन लगाकर शेव बनाई है जिन्होंने गुड़ की चाय पी है। काफी समय तक सुबह काला या लाल दंत मंजन या सफेद टूथ पाउडर इस्तेमाल किया है और कभी कभी तो नमक से या लकड़ी के कोयले से दांत साफ किए हैं।
जिन्होंने चांदनी रातों में, रेडियो पर BBC की ख़बरें, विविध भारती, आल इंडिया रेडियो, बिनाका गीत माला और हवा महल जैसे 🥰🥰
जय हिंद जय भारत