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मैं फिर से कह रहा हूं आप चाहे किसी भी पार्टी में हो आप कभी अपने पजामे से बाहर मत होइए
यह मत सोचिएगा की जो नेता लोग या जो पार्टी आपसे गाली गलौज या मारपीट करवा रही है वह मुसीबत में आने पर आपको बचा लेगी
रोशनी कुशल जायसवाल जो कांग्रेस की सस्ती सी दो रुपल्ली की ट्रोल है वह सोशल मीडिया पर वाद विवाद की वजह से एक बीजेपी के समर्थक के घर पर भीड़ लेकर पहुंच गई मारपीट किया उसकी पत्नी का चेन छीन लिया गया
और यह बहाना बनाया कि इसने बलात्कार की धमकी दिया था
अदालत में और पुलिस स्टेशन में रोशनी जायसवाल और उनके पति यह साबित नहीं कर पाए कि भाजपा के समर्थक ने इनको कब और कहां बलात्कार की धमकी दिया था
पति तो लंबे समय से जेल में है आठ अन्य लोग जेल में है रोशनी जायसवाल फरार हैं
रोशनी जायसवाल को अदालत ने हाजिर होने के लिए कई नोटिस दिया अंत में रोशनी जायसवाल के घर पर तीन दिन के अंदर अदालत में आत्म समर्पण करने का नोटिस लगा दिया गया है अन्यथा उनके मकान चल और अचल संपत्ति की कुर्की कर दी जाएगी और उन्हें न्यायालय द्वारा भगोड़ा घोषित करके उनका पासपोर्ट जप्त से लेकर विदेश मंत्रालय को सूचना दे दिया जाएगा
खबर यह मिल रही है कि अब कांग्रेस पार्टी ने इस बात से इनकार कर दिया है की रोशनी जायसवाल या उनके पति कुशल जायसवाल कांग्रेस के सदस्य है और कांग्रेस से जुड़े हुए नहीं है
मतलब कि जब तक कांग्रेस पार्टी को इससे मतलब था यह गाली गलौज करते थे तो कांग्रेस पार्टी को अच्छा लगता था लेकिन जैसे ही यह दंपति मुसीबत में फंसे तो कांग्रेस पार्टी ने लात मार कर साइड में कर दिया
शीतल देवी, दुनिया की पहली ऐसी महिला तीरंदाज बन गई हैं, जिनके दोनों हाथ नहीं हैं। उनकी इस उपलब्धि ने सभी को प्रेरित किया है। "द सैवेज ह्यूमन्स" शीतल देवी को सलाम करता है, जिन्होंने अपनी शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए अपनी मेहनत और दृढ़ता से सफलता की उड़ान भरी।
शीतल का सफर आसान नहीं था। गरीब परिवार में जन्मी शीतल के पास सीमित संसाधन थे, लेकिन उनके हौसले अडिग थे। तीरंदाजी के प्रति उनके जुनून ने उन्हें उस ऊंचाई तक पहुँचाया, जहाँ उन्होंने पैरों से तीरंदाजी करते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताएं जीतीं। उनके जीवन में संसाधनों की कमी थी, पर अपने सपनों के लिए उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
कई बार अभ्यास के दौरान मुश्किलें आईं, लेकिन उनके परिवार और कोच ने उनका पूरा साथ दिया। शीतल की इस मेहनत और संघर्ष ने उन्हें एक प्रेरणास्रोत बना दिया है। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि चाहे कितनी भी कठिनाई हो, सच्ची मेहनत और समर्पण से हर सपना पूरा किया जा सकता है। शीतल की यह कहानी उन सभी के लिए एक प्रेरणा है जो अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।
दारा सिंह जी ने पौराणिक धारावाहिक रामायण में हनुमान जी का किरदार निभाया, जिसने उन्हें हर भारतीय के दिल में एक विशेष स्थान दिलाया। उनकी शारीरिक शक्ति, साहस और चेहरे पर स्थिर भक्ति ने हनुमान जी के किरदार में जान डाल दी। दारा सिंह का यह किरदार इतना प्रभावी था कि दर्शकों ने उन्हें असल में भगवान हनुमान के अवतार के रूप में देखना शुरू कर दिया।
उन्होंने अपने अभिनय से हनुमान जी की शक्ति, भक्ति और मर्यादा को इस तरह प्रस्तुत किया कि हर उम्र के दर्शकों ने उन्हें सराहा। दारा सिंह की आवाज, शरीर सौष्ठव और चेहरे की दृढ़ता ने हनुमान जी के अद्भुत व्यक्तित्व को सजीव कर दिया। उनकी इस भूमिका की लोकप्रियता आज भी इतनी अधिक है कि लोग उन्हें हनुमान जी के असली स्वरूप के रूप में याद करते हैं।
दारा सिंह ने हनुमान जी का चरित्र निभाते समय पूरी सच्चाई और भक्ति दिखाई, जिसने इस किरदार को अमर बना दिया।
अंजलि शाह, उत्तराखंड की पहली महिला रेलवे असिस्टेंट लोको पायलट हैं, जिन्होंने अपने साहस और मेहनत से इतिहास रच दिया है। पौड़ी गढ़वाल के रिखणीखाल की निवासी अंजलि का सपना बचपन से ही ट्रेन चालक बनने का था। ट्रेन को देखकर उन्होंने ठान लिया था कि एक दिन वह खुद ट्रेन चलाएंगी। उनके इस संकल्प को साकार करने के लिए उन्होंने कठिन परिश्रम किया और पहाड़ों में रहते हुए अपनी पढ़ाई पूरी की।
वर्ष 2019 में अंजलि को 6 महीने की बेसिक ट्रेनिंग मिली, जिसके बाद उन्हें हरिद्वार-ऋषिकेश रूट पर असिस्टेंट लोको पायलट के रूप में नियुक्त किया गया। अपनी मेहनत और समर्पण से उन्होंने यह साबित कर दिया कि पहाड़ों में शिक्षा की व्यवस्था के बारे में जो नकारात्मक धारणाएं हैं, वे पूरी तरह से गलत हैं। अंजलि ने पहाड़ में रहकर ही अपनी शिक्षा प्राप्त की और अपने सपनों को हकीकत में बदलने का जज्बा दिखाया।
उनकी इस उपलब्धि से पहाड़ के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं, जो उन्हें अपने सपनों को साकार करने का हौसला देती है। अंजलि शाह का यह सफर उन सभी के लिए एक प्रेरणा है, जो कठिनाइयों के बावजूद अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।