#बधाई: #देहरादून जौनसार बावर क्षेत्र की #परिधि_जोशी को जी न्यूज़ चैनल में बतौर एंकर चयनित होने पर बहुत-बहुत बधाई।
#zeenews #paridhijoshi #anchor #congratulations
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ये बच्चा मेरे पास आया और बोला दीदी बस मुझे आटा दिलवा दीजिए क्योंकि मेरे घर में मैं और मेरी मां रहती है और आज सुबह से मेरी कोई कमाई नहीं हुई है तो मैं घर लेकर क्या जाऊंगा और अपनी मां को क्या खिलाऊंगा तो आप मेरी छोटी सी मदद कर दीजिए मुझे इस बच्चे की बड़प्पन ये लगी कि मैं इसे बोली की और भी कुछ ले लो जो तुमको लेना है तो बोल नहीं दी मुझे बस आटा चाहिए और कुछ लिया भी नहीं है तब मैं इस बच्चे को आता और ब्रेड दी ऐसे बच्चों की सहायता कीजिए 🙏🥹🥹
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"शारदा सिन्हा में जो लोकगीत गायकी की संस्कृति है, वो मैंने अब तक किसी और गायक या गायिका में नहीं देखी। मेरे लिखे गीत अगर कोई और गाता तो शायद वे लोगों को इतने पसंद नहीं आते।" मधुबनी के रहने वाले गीतकार हृदय नारायण झा, पद्म भूषण शारदा सिन्हा को 12-13 वर्षों से जानते हैं। संगीत के सिलसिले में दोनों कई बार मिलते और जब भी साथ बैठते, कोई ना कोई मधुर गीत रच दिया करते थे। नारायण झा ने शारदा सिन्हा के लिए कुल 9 छठ गीत लिखे हैं, जिसमें 5 मैथिली में हैं और 4 भोजपुरी में। शारदा सिन्हा का बेहद प्रसिद्ध छठ गीत ‘पहिले पहिले हम कईनी’ के गीतकार भी हृदय नारायण झा हैं; और उनका आखिरी गीत 'दुखवा मिटाईं छठी मैया' भी हृदय नारायण ने ही लिखा है; जो हाल ही में शारदा सिन्हा के दिल्ली एम्स में भर्ती रहते रिलीज़ हुआ। साल 2011 में शारदा सिन्हा को किसी ने यह कहते हुए हृदय नारायण झा का परिचय दिया था कि वह बढ़िया गीत लिखते हैं। फिर क्या, शारदा ने उन्हें बुलाया और कहा कि वह इस बार कुछ अलग गाना चाहती हैं। कई सारे राइटर्स के बीच नारायण झा ने भी बैठकर अपना गाना लिखा और उनकी रचना शारदा सिन्हा को काफी पसंद आई। इसके बाद शारदा सिन्हा ने उनके लिखे 2 मैथिली और 1 भोजपुरी गीत गाए, और T-Series के साथ, साथ में दोनों का पहला अल्बम आया। लोगों ने उनके गीतों को खूब पसंद किया और इसी तरह दोनों ने सालों तक सदाबहार छठ गीत, विवाह गीत, सावन गीत और भजन बनाए। हृदय नारायण झा कहते है, "दीदी के लिए पहली बार मैथिली में गीत लिखा और उनसे मिला। मैंने उनसे कहा कि आपके कई गीत हैं; लेकिन मैं आपके लिए नया प्रयोग करना चाहता हूँ। मेरी इच्छा है कि हम अपनी संस्कृति-सभ्यता को बौद्धिकता के साथ गाएं। तब सभी छठ व्रतियों को ध्यान में रखते हुए लिखा कि, ‘सकल जग तारिणी हे छठी मईया..’. कई लोगों को डर होता है कि पूजा में कुछ गलती न हो जाए, इसके लिए ‘व्रत के नियम हम किचियो ने जानी’ भाव इसमें शामिल किया। उन दिनों कैसेट में छठ गीत का एल्बम निकलता था। दीदी का ट्रेंड यह था एक एल्बम में तीन गीत भोजपुरी व तीन गीत मैथिली में गाती थीं। वहीं, भोजपुरी में पहली बार मैंने "महिमा बा राउर अपार छठी मैया” गीत को लिखा था। यह गीत लोगों को काफी पसंद आया।" छठ के महापर्व पर बिहार ही नहीं, देश के अलग-अलग कोने में और यहाँ तक कि सात समुंदर पार भी नारायण झा के लिखे, और शारदा सिन्हा के गाये ये लोकप्रिय गीत सुनने को मिल जाते हैं। नारायण झा के बोल और शारदा सिन्हा के स्वर की मिठास छठ पर्व के गीतों में इस तरह घुल-मिल गयी कि वे कब एक-दूसरे के पूरक बन गए, पता ही नहीं चला। घाट पर इनके गीतों के बिना छठ अधूरा सा लगता है.
बहुत गायकों को लोग अलग अलग तरीके से सम्मान देते हैं, लेकिन शारदा सिन्हा ऐसी इकलौती गायिका हैं जिन्हें बिहार के लोग "माँ" कहकर सम्मानित करते हैं
शारदा सिन्हा माँ
यह शब्द अपने आप मे काफी है यह बताने के लिए की शारदा सिन्हा जी को बिहार और बिहारी किस सम्मान से देखते हैं। छठी मईया पर कालजयी गीतों को गाने वाली शारदा सिन्हा भी आज करोडों लोगों के दिलों में "माँ" जैसी ही सम्मान बना चुकी हैं। यह एक छोटा सा शब्द किसी भी बड़े मेडल और अवार्ड पर भारी पर जाता है, जो केवल एक ही गायिका के लिए लिया जाता है-
हिमाचल की बेटी ने इंडियन आइडल 15 में अपनी सुरीली आवाज से अपनी अलग पहचान बनाई है छोटे छोटे गांव से आने वाले बच्चों ने हमेशा इतिहास के पन्नो में अपनी अलग पहचान बनाई है नेहा दीक्षित नेरी गांव से है शिमला के पास है
नेहा दीक्षित आर के एम वी में संगीत का अध्ययन कर चुकी है नेहा को बचपन से ही संगीत के प्रति गहरी रुचि रही और अपनी इसी रुचि को उन्होंने अपने जीवन का आधार बना लिया नेहा ने 2015 में संगीत को पूर्ण रूप से अपना लिया शुरू में बिना किसी गुरु व शिक्षा के शास्त्रीय संगीत में पारंगत नेहा स्कूल के कार्यक्रमों में अपने स्वरों का जादू बिखेरती रही हैं अध्यापकों द्वारा प्रेरित किए जाने पर उनके माता-पिता ने अपनी बिटिया को संगीत में शिक्षा ग्रहण करने की अनुमति दी फिर नेहा आर के एम वी कॉलेज में प्रो. गोपाल भारद्वाज जी की छत्रछाया में संगीत के गुर सीख स्वयं को तराशें है साधारण परिवार से संबंध रखने वाली नेहा के गाए गीतों के वीडियो यू ट्यूब पर भी देखे जा सकते हैं नेहा एक आम परिवार से संबंध रखती है और उसके पिता डेयरी का काम करते है नेहा हिमाचल प्रदेश के साथ मुंबई में कई संगीत ऑडिशन की विजेता रही है नेहा आपको बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं