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एक पाकिस्तानी हिंदू व्यापारी श्री जगदीश कुमार मुखी का कट्टरपंथियों ने अपहरण कर लिया और उन्हें जंजीरों में बांध दिया गया, छड़ी से पीटा गया और फिरौती देने के लिए उनके परिवार के लिए एक संदेश रिकॉर्ड करने के लिए मजबूर किया गया।
पाकिस्तान में 2% से भी कम हिंदू बचे हैं लेकिन इस्लामवादी इतने हिंदुओं को भी बर्दाश्त नहीं कर सकते
यह तालिबानी नहीं हैं, यह सीरिया या ईराक नहीं है। बिहार का मोतिहारी है। देखी तथाकथित शोषित लोग किस तरह से साधु का शोषण कर रहे हैं। उन्हें खंभे से बांधकर पीट रहे हैं। कुछ लोगों के पहुंचने में 10 मिनट की दूरी होती तो साधु की हत्या हो जाती।
साधु ने बताया मारने वाले जाहिल किसी नफरती संगठन से हैं। सोशल मीडिया में फैलाई जा रही नफ़रत अब ज़मीन पर दिखने लगी है। बाइक लड़के के छोटे से मामले में साधु के साथ सरेआम मारपीट की जा रही है। घटना बिहार के मोतिहारी की।
बॉलीवुड में सौतेले भाई-बहन की जोड़ियों के बीच है उम्र का बड़ा अंतर, कोई 25 साल बड़ा तो कोई 23 साल बड़ा!
सारा अली खान और तैमूर अली खान के बीच 23 साल का अंतर है। सारा अमृता सिंह और सैफ अली खान की बेटी हैं, जबकि तैमूर की मां करीना कपूर हैं, जिन्होंने 2012 में सैफ से शादी की थी।
अर्जुन कपूर और जाहन्वी कपूर के बीच भी 12 साल का अंतर है। फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने अभिनेत्री श्रीदेवी से दूसरी शादी की। जाहन्वी उनकी बेटी हैं, जबकि अर्जुन कपूर बोनी कपूर और मोना कपूर के बेटे हैं।
सनी देओल और ईशा देओल सौतेले भाई-बहन हैं। दोनों के बीच करीब 25 साल का उम्र का अंतर है। ईशा अभिनेता धर्मेंद्र की दूसरी पत्नी हेमा मालिनी की बेटी हैं, जबकि सनी उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर के बेटे हैं।
शाहिद कपूर और ईशान खट्टर भी उन भाई-बहनों में से एक हैं जिनकी उम्र में काफी अंतर है। दोनों की उम्र में 14 साल का अंतर है. शाहिद पंकज कपूर और नीलिमा अज़ीम के बेटे हैं, जबकि ईशान नीलिमा और राजेश खट्टर के बेटे हैं।
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भगवान श्री राम को 14 वर्ष का वनवास हुआ तो उनकी पत्नी माँ सीता ने भी सहर्ष वनवास स्वीकार कर लिया।
परन्तु बचपन से ही बड़े भाई की सेवा मे रहने वाले लक्ष्मण जी कैसे राम जी से दूर हो जाते! माता सुमित्रा से तो उन्होंने आज्ञा ले ली थी, वन जाने की.. परन्तु जब पत्नी उर्मिला के कक्ष की ओर बढ़ रहे थे तो सोच रहे थे कि माँ ने तो आज्ञा दे दी, परन्तु उर्मिला को कैसे समझाऊंगा!! क्या कहूंगा!! यदि बिना बताए जाऊंगा तो रो रोके जान दे देगी और यदि बताया तो साथ जाने की ज़िद्द करने लगेगी और कहेगी कि यदि सीता जी अपने पति के साथ जा सकती हैं तो मैं क्यों नहीं !!
यहीं सोच विचार करके लक्ष्मण जी जैसे ही अपने कक्ष में पहुंचे तो देखा कि उर्मिला जी आरती का थाल लेके खड़ी थीं और बोलीं "आप मेरी चिंता छोड़ प्रभु की सेवा में वन को जाओ। मैं आपको नहीं रोकुंगीं। मेरे कारण आपकी सेवा में कोई बाधा न आये, इसलिये साथ जाने की जिद्द भी नहीं करूंगी।"
लक्ष्मण जी को कहने में संकोच हो रहा था। परन्तु उनके कुछ कहने से पहले ही उर्मिला जी ने उन्हें संकोच से बाहर निकाल दिया।
वास्तव में यहीं पत्नी का धर्म है। पति संकोच में पड़े, उससे पहले ही पत्नी उसके मन की बात जानकर उसे संकोच से बाहर कर दे!
पत्नी का इतना त्याग और प्रेम देखकर लक्ष्मण जी भी रो पड़े। उर्मिला जी ने एक दीपक जलाया और विनती की कि मेरी इस आस को कभी बुझने नहीं देना।
लक्ष्मण जी तो चले गये परन्तु 14 वर्ष तक उर्मिला जी ने एक तपस्विनी की भांति कठोर तप किया। वन में भैया-भाभी की सेवा में लक्ष्मण जी कभी सोये नहीं परन्तु उर्मिला ने भी अपने महलों के द्वार कभी बंद नहीं किये और सारी रात जाग जागकर उस दीपक की लौ को बुझने नहीं दिया।