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मुंबई की अदालत मे सांसद रवि किशन के खिलाफ दायर याचिका खारिज
एक युवती ने डी एन ए टेस्ट की मांग को लेकर दायर की थी याचिका..
मुंबई की सिटी सिविल कोर्ट ने अभिनेता सांसद रवि किशन के खिलाफ दायर याचिका को ख़ारिज कर दिया है.मुंबई की डिंडोशी सत्र अदालत ने कहा है कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई मामला नहीं नज़र आ रहा है कि महिला की मां और रवि किशन के बीच कोई पारिवारिक संबंध रहा हो।
आपको बता दे की पिछले दिनों लखनऊ मे अपर्णा ठाकुर नाम की एक महिला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुला कर सांसद अभिनेता रवि किशन पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था की उनकी बेटी शिनोवा सोनी के पिता सांसद रवि किशन है. शिनोवा भी प्रेस कॉन्फ्रेंस मे मौजूद थी. इस आरोप से हो रही बदनामी से और एन चुनाव के वक़्त बेदाग़ छवि वाले नेता पर लगे दाग़ से परेशान सांसद रवि किशन की पत्नी प्रीती शुक्ला ने लखनऊ के एक पुलिस स्टेशन मे अपर्णा ठाकुर, उनकी बेटी शिनोवा, सपा के एक नेता व एक यू ट्यूबर के खिलाफ मामला दर्ज़ किया था. प्रीती शुक्ला ने आरोप लगाया था की महिला मात्र ब्लैक मेल कर पैसा ऐठने के लिए ऐसा कदम उठा रही है. चुनावी माहौल मे रवि किशन पर लगे आरोप से उत्तरप्रदेश का सियासी पारा बढ़ गया था. चुनाव प्रचार मे व्यस्त रवि किशन ने इन आरोप पर अपनी कोई प्रतिक्रिया ना देते हुए चुनाव प्रचार मे लगे रहे. पिछले दिनों शिनोवा सोनी ने मुंबई स्थित डिंडोशी सत्र न्यायलय मे डी एन ए टेस्ट की मांग को लेकर याचिका दायर किया था. शुक्रवार को अदालत ने कहा है कि प्रथम दृष्टया ऐसा कोई मामला नहीं नज़र आ रहा है कि महिला की मां और रवि किशन के बीच कोई पारिवारिक संबंध रहा हो।
गौरतलब है की आरोप लगाने वाली महिला ने पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस मे खुद को रवि किशन की पत्नी बताया था. जब सोशल मीडिया पर यह बात फैली और महिला के पति राजेश सोनी के साथ फोटो वायरल होने लगा तो उन्होंने अपना बयान बदलते हुए कहा की उनकी विधिवत शादी नहीं हुई थी. बस दोस्तों के सामने रवि किशन ने उन्हें अपना पत्नी कबूल किया था. 1995 मे शादी की बात कहने वाली महिला उस दौरान पहले से शादीशुदा थी. मीडिया इंटरव्यू मे अलग अलग बयान से आम लोगो को भी समझ मे आने लगा था की मामला पेचीदा है. आज अदालत द्वारा याचिका ख़ारिज करने से यह स्पष्ट हो गया की रवि किशन पर लगे आरोप गलत हैँ.