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मुजफ्फरनगर नगर पालिका बोर्ड बैठक में राष्ट्रीय गीत के अपमान की तस्वीर।
चार महिला मुस्लिम महिला सभासद राष्ट्रगीत के दौरान कुर्सियों पर बैठी रहीं,
आपको क्या लगता है कि ये संविधान मानते है? सच तो ये है कि ये लोग तिरंगा भी सिर्फ इस्तेमाल करने के लिए उठाते है। इन राष्ट्रद्रोहियों से आप देशभक्ति की अपेक्षा कर सकते हैं क्या?
मजहब की खूबसूरती
सोशल मीडिया पर एक महिला, जिसका नाम शबीना है, उसने अपनी स्टोरी शेयर की। शबीना ने बताया कि उसकी शादी 2009 में हुई थी। दो साल तक बच्चा नहीं होने के कारण उसके शौहर ने उसे तलाक दे दिया था। लेकिन उसके बाद शौहर को अपनी गलती का अहसास हो गया। हलाला के लिए शबीना के ससुर ने उससे निकाह किया लेकिन थोड़े समय बाद उसने भी तलाक दे दिया। इसके बाद निकाह और तलाक का सिलसिला ऐसा चला कि शबीना अपने शौहर की मां, बहु, देवरानी, फूफी, चची और आखिर में सास भी बन गई।
किसान-कल्याण हेतु निरंतर समर्पित आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी और माननीय केंद्रीय मंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan जी की उपस्थिति में आज वाराणसी में आयोजित 'किसान सम्मान सम्मेलन' में 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' की 17वीं किस्त के रूप में उत्तर प्रदेश के 2 करोड़ 6 लाख 75 हजार अन्नदाता किसानों समेत देश भर के 9.26 करोड़ से अधिक किसान बंधुओं के खाते में ₹20 हजार करोड़ से अधिक की धनराशि हस्तांतरित हुई है। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी कृषि सखियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
आजादी के बाद वर्ष 2014 में पहली बार किसान भाई-बहन देश की राजनीति के एजेंडे का हिस्सा बने हैं। प्रधानमंत्री जी के यशस्वी नेतृत्व में किसानों के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके सुखद परिणाम देश के सामने हैं। आज किसानों की आमदनी बढ़ी है और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
किसान बंधुओं व कृषि सखियों को बधाई और प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार!
किसान-कल्याण हेतु निरंतर समर्पित आदरणीय प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी और माननीय केंद्रीय मंत्री श्री Shivraj Singh Chouhan जी की उपस्थिति में आज वाराणसी में आयोजित 'किसान सम्मान सम्मेलन' में 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' की 17वीं किस्त के रूप में उत्तर प्रदेश के 2 करोड़ 6 लाख 75 हजार अन्नदाता किसानों समेत देश भर के 9.26 करोड़ से अधिक किसान बंधुओं के खाते में ₹20 हजार करोड़ से अधिक की धनराशि हस्तांतरित हुई है। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी कृषि सखियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
आजादी के बाद वर्ष 2014 में पहली बार किसान भाई-बहन देश की राजनीति के एजेंडे का हिस्सा बने हैं। प्रधानमंत्री जी के यशस्वी नेतृत्व में किसानों के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके सुखद परिणाम देश के सामने हैं। आज किसानों की आमदनी बढ़ी है और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
किसान बंधुओं व कृषि सखियों को बधाई और प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार!