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जानकारी मिली है कि उत्तरप्रदेश के जनपद अलीगढ़ के गाँव बरोठा में बीती 25 मार्च को एक 15 साल की नाबालिक बच्ची का लगभग 6,7 दरिंदों ने गैंगरेप किया और ये बच्ची अस्पताल में ज़िंदगी और मौत की जंग लड़ रही है।

दलित समाज के एक पीड़ित को न्याय नहीं मिलता उससे पहले दूसरी खबर प्रकरण की खबर आ जाती है। ये जंगल राज नहीं तो क्या है।

@aligarhpolice शीघ्र जाँच करके तमाम आरोपियों की गिरफ़्तारी कर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करें।

अगर पीड़िता को न्याय नहीं मिला, तो हम ख़ुद अलीगढ़ न्याय की आवाज़ को बुलंद करने आयेंगे।

क्या आप चाहते हैं की Waqf Board खत्म हो?
क्या आप चाहते हैं 1991 का कांग्रेस का काला कानून खत्म हो और काशी ,मथुरा समेत सैकड़ों मंदिर हमें वापस मिले?
गुरुकुल, शास्त्र अध्ययन, जनसंख्या नियंत्रण क्या ये सब आप चाहते हैं?

“तो अबकी बार 400 पार”

वक्फ बोर्ड इंडिया रिपोर्ट

यह वो गंदगी हे जो 1947 के बाद भी भारत में रह गई थी

कांग्रेस द्वारा बनाया ये कानून का इन मुस्लिम लोगो ने बहुत फायदा उठाया और गरीब लाचार हिंदुओं को बेघर किया

देश की हिंदुओ के लिए हर समस्या कांग्रेस की देन हे

मोहम्मदाबाद में गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के घर के बाहर बड़ी संख्या में इकठ्ठा हो रहे लोग।

मऊ, बांदा, गाजीपुर में धारा 144 लागू।

कहते हैं अति का अंत अति भयानक होता है...

कुख्‍यात डॉन या यू कहें समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मुख्‍तार अंसारी को 40 सालों तक कोई अदालत कोई कानून उसे सजा नहीं दे पाया और उस पर कुल 61 मामले दर्ज रहे
माफिया डॉन मुख्‍तार अंसारी बीते 4 दशकों तक अपराध की दुनिया का बड़ा नाम रहा, लेकिन उसे पहली सजा सितंबर 2022 में हुई थी जब प्रदेश में @myogiadityanath जी की सरकार थी.

आंकड़ों की बात करें तो मुख्‍तार पर ही 61 मामले दर्ज है वहीं उसकी पत्‍नी अफसा अंसारी पर 11 मुकदमे दर्ज हैं. मुख्‍तार के बेटे अब्‍बास पर 8 और छोटे बेटे उमर पर 6 केस दर्ज हैं. मुख्‍तार की बहू निखत पर भी एक मुकदमा दर्ज है. इतना ही नहीं मुख्‍तार के भाइयों अफजाल पर 7 मामले तो सिगबतुल्‍लाह पर 3 केस चल रहे हैं.
माफिया मुख्तार अंसारी की दबंगाई ही ऐसी थी कि पहले तो उसके अपराध पर मामला दर्ज नहीं होता था और यदि हो भी जाए तो उसके खिलाफ गवाही देने के लिए कोई तेयार नहीं होता था. करीब 40 सालों बाद जब प्रदेश में योगी सरकार थी और बदमाशों पर कार्रवाई हो रही थीं; तब उसे पहली सजा सुनाई गई थी.

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यह वीडियो देहरादून के लोहिया नगर का है पहले यहां पर मुसलमान के सिर्फ दो घर ही थे धीरे-धीरे जनसंख्या बढ़ती गई चिंता मत करो थोड़े दिनों बाद हमारे क्षेत्र में भी यही हाल होगा और हमारी ऐसे ही पिटाई होगी हम कोई भी त्यौहार खुलकर नहीं मना पाएंगे
#इस्लाम_की_अनसुलझी_पहेली

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