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एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी मां बन गई हैं। उन्होंने दो जुड़वां बेटों को जन्म दिया है और उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। दिव्यांका और पति विवेक दहिया ने एक जॉइंट सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया है, जिसमें फैंस को गुड न्यूज दी। दिव्यांका ने लिखा कि उनके करण अर्जुन आ गए हैं। उन्होंने फैंस से अपने और न्यू बॉर्न बेबीज के लिए ढेर सारी दुआएं मांगीं। दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दहिया को शादी के 10 साल बाद यह खुशी नसीब हुई है और वह भगवान का शुक्रिया अदा करते नहीं थक रहे।
दुनिया सोचती है कि मज़बूत शरीर सिर्फ़ भारी-भरकम डाइट और जिम से बनता है, लेकिन रिंकू राजपूत ने साबित कर दिया कि आत्मा की खुराक सिर्फ़ 'हरि नाम' की भक्ति से मिलती है! 📿 जय श्री राधे।
WWE (वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट) की रिंग में 'वीर महान' के नाम से अमरीका तक में तहलका मचाने वाले भारतीय पहलवान रिंकू राजपूत की ये कहानी हर उस इंसान की आँखें खोल देगी जो सिर्फ़ बाहरी दुनिया की चकाचौंध में खोया हुआ है। एक समय था जब अपनी पहलवानी और मज़बूत शरीर के लिए रिंकू दिन भर में 24 रोटियां और भारी डाइट लिया करते थे।
"बड़े-बड़े होटलों में बैठकर पर्यावरण पर 'लंबा-चौड़ा भाषण' देने वालों... ज़रा अपनी आँखें खोलो और इस 75 साल के बुजुर्ग का जिगरा देखो! ❌🛶"
केरल के रहने वाले एन. एस. राजप्पन दादा की कहानी आपके रोंगटे खड़े कर देगी। जब ये महज़ 5 साल के थे, तो पोलियो ने इनके दोनों पैर छीन लिए। ये कभी अपने पैरों पर चल नहीं पाए। लेकिन जब इरादे फौलादी हों, तो लाचारी भी घुटने टेक देती है।
पिछले 10 सालों से राजप्पन दादा का एक ही नियम है: रोज़ सुबह उठना, घिसटते हुए नदी किनारे जाना, किराए की एक छोटी सी नाव पर बैठना और अकेले हाथ से चप्पू चलाकर पूरी झील से प्लास्टिक का कचरा साफ़ करना।
₹12 किलो की खुद्दारी: दिन भर कड़ी धूप में कचरा बीनने के बाद जब ये उसे बेचते हैं, तो इन्हें महज़ ₹12 किलो का भाव मिलता है। ये पैसा किसी ऐश-ओ-आराम के लिए नहीं, बल्कि अपनी खुद्दारी की रोटी कमाने के लिए है।
मकान बह गया, पर हौसला नहीं: साल 2018 की वो भयानक बाढ़ याद है? उसमें इनका कच्चा मकान पूरी तरह बह गया। कोई और होता तो सरकार और किस्मत को कोसता, पर इस बुजुर्ग ने किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया। हफ्तों तक अपनी उसी छोटी नाव में सोए, भूखे रहे, पर अपनी झील को साफ़ करना बंद नहीं किया।
हमारे देश में असली देशभक्त सरहदों के अलावा ऐसी टूटी नावों में भी मिलते हैं, जो बिना किसी कैमरे की चकाचौंध या वाहवाही के चुपचाप अपना फर्ज़ निभा रहे हैं। जब तक देश में ऐसे खुद्दार लोग ज़िंदा हैं, तब तक हमारा देश महान है। राजप्पन दादा के इस फौलादी जज्बे और खुद्दारी को हमारा कड़क सलाम! 🫡🇮🇳❤️✨
"सच-सच बताना, जहाँ आज का युवा छोटी सी मुसीबत आते ही डिप्रेशन का रोना रोने लगता है, क्या उन्हें राजप्पन दादा की इस ज़िंदगी से कुछ सीखना नहीं चाहिए? इस सच्चे हीरो के लिए कमेंट्स में एक ❤️ तो बनता है यार!
असम से निकलकर दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल मंच तक पहुंचीं गीतिका तालुकदार आज पूरे देश के लिए गर्व की पहचान बन चुकी हैं।
गीतिका FIFA World Cup 2026 के लिए आधिकारिक accreditation पाने वाली भारत की इकलौती महिला फोटो जर्नलिस्ट होंगी। कैमरा, जुनून और सालों की मेहनत के दम पर अब वह दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट के ऐतिहासिक पलों को कैमरे में कैद करेंगी।
खास बात यह है कि यह लगातार तीसरी बार होगा जब गीतिका पुरुष FIFA World Cup कवर करेंगी। इससे पहले वह 2018 और 2022 FIFA World Cup भी कवर कर चुकी हैं।
पिछले कुछ वर्षों में गीतिका ने FIFA Women’s World Cup, Tokyo Olympics और Paris Olympics जैसे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को भी कवर किया है। उनकी तस्वीरों और काम को International Sports Photography और Journalism में खास पहचान मिली है।
लेकिन यह कहानी सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि की नहीं है। यह उन हजारों लड़कियों के लिए भी प्रेरणा है, जो Media, Sports Journalism और Photography की दुनिया में बड़े सपने देखती हैं।
गीतिका तालुकदार की यह यात्रा एक बार फिर साबित करती है कि अगर मेहनत लगातार हो, तो छोटे शहरों से निकलकर भी इतिहास रचा जा सकता है। ❤️📸
एक सुंदर प्रसंग
#रामायण जी_का_सन्देश :: #प्रेम_एक_एहसास
एक बार जब प्रभु श्रीरामजी, लक्ष्मण जी व सीता जी के साथ चित्रकूट पर्वत की ओर जा रहे थे, तो वहां की राह बहुत ही पथरीली और कंटीली थी तभी प्रभु श्रीराम जी के चरणों में एक कांटा चुभ गया। लेकिन वो नाराज नही हुए और न ही क्रोधित हुए बल्कि हाथ जोड़कर धरती मां से एक अनुरोध करने लगे।
हर ट्रैक पर तिरंगा तेज़ दौड़ रहा है 🇮🇳⚡ एक ही रात में भारत के नाम 3 ऐतिहासिक National Records —
• गुरिंदरवीर सिंह — 100m : 10.09s
भारत के पहले Sprinter बने जिन्होंने 10.10 सेकंड की दीवार तोड़ी।
• विशाल टीके — 400m : 44.98s
45 सेकंड से कम समय में रेस पूरी कर रच दिया इतिहास।
• तेजस्विन शंकर — Decathlon : 8057 Points
8000+ Points पार करने वाले भारत के चुनिंदा एथलीट्स में शामिल हुए।
ये सिर्फ Records नहीं ये उस नए भारत की रफ्तार है, जो अब दुनिया को पीछे छोड़ने का दम रखता है 🇮🇳🚀
हर ट्रैक पर तिरंगा तेज़ दौड़ रहा है 🇮🇳⚡ एक ही रात में भारत के नाम 3 ऐतिहासिक National Records —
• गुरिंदरवीर सिंह — 100m : 10.09s
भारत के पहले Sprinter बने जिन्होंने 10.10 सेकंड की दीवार तोड़ी।
• विशाल टीके — 400m : 44.98s
45 सेकंड से कम समय में रेस पूरी कर रच दिया इतिहास।
• तेजस्विन शंकर — Decathlon : 8057 Points
8000+ Points पार करने वाले भारत के चुनिंदा एथलीट्स में शामिल हुए।
ये सिर्फ Records नहीं ये उस नए भारत की रफ्तार है, जो अब दुनिया को पीछे छोड़ने का दम रखता है 🇮🇳🚀
हर ट्रैक पर तिरंगा तेज़ दौड़ रहा है 🇮🇳⚡ एक ही रात में भारत के नाम 3 ऐतिहासिक National Records —
• गुरिंदरवीर सिंह — 100m : 10.09s
भारत के पहले Sprinter बने जिन्होंने 10.10 सेकंड की दीवार तोड़ी।
• विशाल टीके — 400m : 44.98s
45 सेकंड से कम समय में रेस पूरी कर रच दिया इतिहास।
• तेजस्विन शंकर — Decathlon : 8057 Points
8000+ Points पार करने वाले भारत के चुनिंदा एथलीट्स में शामिल हुए।
ये सिर्फ Records नहीं ये उस नए भारत की रफ्तार है, जो अब दुनिया को पीछे छोड़ने का दम रखता है 🇮🇳🚀
हर ट्रैक पर तिरंगा तेज़ दौड़ रहा है 🇮🇳⚡ एक ही रात में भारत के नाम 3 ऐतिहासिक National Records —
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भारत के पहले Sprinter बने जिन्होंने 10.10 सेकंड की दीवार तोड़ी।
• विशाल टीके — 400m : 44.98s
45 सेकंड से कम समय में रेस पूरी कर रच दिया इतिहास।
• तेजस्विन शंकर — Decathlon : 8057 Points
8000+ Points पार करने वाले भारत के चुनिंदा एथलीट्स में शामिल हुए।
ये सिर्फ Records नहीं ये उस नए भारत की रफ्तार है, जो अब दुनिया को पीछे छोड़ने का दम रखता है 🇮🇳🚀


